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कानपुर मुठभेड़: सिपाही राहुल के अंतिम संस्कार में उमड़ा जन सैलाब, पत्नी बोली- 16 महीने में सूनी हुई मांग, कैसे पलेगी मासूम
Sat, 04 Jul 2020 07:34 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 04 Jul 2020 07:34 PM IST
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कानपुर मुठभेड़ में शहीद हुए सिपाही राहुल का हुआ अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर मुठभेड़ में शहीद हुए सिपाही राहुल दिवाकर के अंतिम संस्कार में शनिवार को लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। थाना बिधूना क्षेत्र के गांव रूरूकलां के मूल निवासी कांस्टेबल राहुल दिवाकर का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया। जुड़वा भाई ने मुखाग्रि दी तो सभी की आंखें नम हो गईं।
बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बहन और पत्नी ने मुठभेड़ के समय पर्याप्त सुरक्षा न देने का पुलिस पर आरोप लगाया है। कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में मुठभेड़ में शहीद हुए राहुल दिवाकर ने निवास सी-205 देवेंद्रपुरी मोदीनगर गाजियाबाद में बना लिया था। शहीद सिपाही के पिता ओमकुमार दो साल पहले दरोगा पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। वह भी गाजियाबाद में ही रह रहे हैं।
परिवार के साथ राहुल की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
राहुल के दो भाई रवि और राकेश व एक बहन नंदनी है। नंदनी की शादी हो चुकी है। शुक्रवार रात में पैतृक गांव रूरूकला शव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। गांव में पहले से पुलिस और प्रशासन पहुंच गया था। एसडीएम, सीओ और अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने गांव पहुंचकर परिजनों का ढांढस बंधाया।
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बहन को ढांढस बंधाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इधर, आसपास के गांव वालों का भी पहुंचना शुरू हो गया। देखते ही देखते वहां एक हजार से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए। सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई। राज्यमंत्री लाखन सिंह भी पहुंचे। शहीद के पिता प्रेम कुमार ने राज्यमंत्री से बेटे के नाम पर गांव में शहीद स्मृति द्वार बनवाने की मांग की।
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बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सुबह डीएम अभिषेक सिंह, एसपी सुनीति ने भी गांव पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद की अर्थी को कंधा देने वालों में होड़ सी लगी थी। घर से लगभग 250 मीटर दूर खेत पर शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।