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कानपुर एनकाउंटर: सबसे बड़ा सवाल, जो राज पुलिस 15 दिन नहीं उगलवा पाई, जय ने अचानक कैसे खोल दिए?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 21 Jul 2020 05:59 PM IST
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Kanpur Encounter: which secret police could not spew for 15 days, how did Jai suddenly open it?
vikas dubey news: Jai bajpai - फोटो : amar ujala
विकास की गिरफ्तारी, एनकाउंटर के बाद अब उसके खजांची जय बाजपेई की 15 दिन बाद हुई गिरफ्तारी पर भी सवाल उठने लगे हैं। 15 दिन तक हिरासत में रखने के बाद उससे लंबी पूछताछ चलती रही लेकिन तब तक पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिले। शनिवार को जब उसे छोड़े जाने की चर्चा उड़ी तो आनन-फानन रविवार रात को उसकी गिरफ्तारी पर मुहर लग गई।

 
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Kanpur Encounter: which secret police could not spew for 15 days, how did Jai suddenly open it?
vikas dubey news - फोटो : amar ujala
इसके बाद सोमवार को उसे ओर उसके साथी प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू को जेल भेज दिया गया। दो जुलाई की रात बिकरू गांव में दहशतगर्द विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर हमला कर आठ पुलिसकर्मियों को मार दिया था। चार जुलाई की सुबह विजय नगर में विकास के साथी ब्रह्मनगर निवासी जय की तीन लग्जरी कारें (ऑडी, वरना, फॉर्च्यूनर) लावारिस हालत में मिली थीं। तीनों कारों की नंबर प्लेट गायब थीं।

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vikas dubey news - फोटो : amar ujala
पुलिस ने गाड़ियां जब्त कर जय से पूछताछ शुरू की तो आशंका हुई कि विकास व उसके साथियों को भगाने में जय ने मदद की। इस दौरान लगातार उससे पूछताछ जारी रही। एसटीएफ ने भी पूछताछ की। शनिवार को उसे छोड़ देने की चर्चा फैल गई। कानपुर से लखनऊ तक सोशल मीडिया पर पुलिस पर साठगांठ का आरोप लगने लगा। इसके बाद रविवार शाम जय व उसके आर्य नगर निवासी साथी प्रशांत शुक्ला उर्फ डब्बू (मुठभेड़ में मारे गए प्रवीण दुबे उर्फ बउआ का जीजा) को फिर हिरासत में ले लिया गया और फिर गिरफ्तारी दिखाकर जेल भेज दिया गया।

 
Kanpur Encounter: which secret police could not spew for 15 days, how did Jai suddenly open it?
Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
जय ने विकास को लाइसेंसी रिवाल्वर, 25 कारतूस और दो लाख कैश दिए 
एक दिन पहले तक जहां पुलिस कह रही थी कि जय के वारदात में शामिल होने का सुबूत नहीं मिल रहा है। अब सवाल उठता है कि रविवार को उसी पुलिस के सामने जय ने पूरे राज कैसे उगल दिए। पुलिस को साक्ष्य भी मिल गए। एसएसपी के मुताबिक एक जुलाई को विकास दुबे ने जय से फोन पर बातचीत की। दो जुलाई की शाम जय बिकरू गया। यहां पर उसने विकास को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर, 25 कारतूस और दो लाख रुपये कैश दिए थे। इसलिए जय को साजिश रचने के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी बना केस दर्ज किया गया। जय के साथ प्रशांत भी पूरी घटना में शामिल रहा है।

 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
आखिर क्यों हुआ इतना ड्रामा, कई सवाल अभी अनसुलझे
जय से कई बार पूछताछ और उसको छोड़ने पर पुलिस सवालों के घेरे में है। सवाल है कि आखिर दो सप्ताह से इतना ड्रामा क्यों चल रहा था। जब जय पकड़ा गया था तब से अब तक साक्ष्य जुटाने में इतना समय क्यों लग गया। कारों के जरिये मदद जय ने कब और कैसे की? ऐसे कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। पुलिस अफसर भी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

 
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