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विकास दुबे के खजांची जय का मामला: पुलिस का एक और झूठ आया सामने, जांच में आयकर विभाग को नहीं किया शामिल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Tue, 21 Jul 2020 04:57 PM IST
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vikas dubey news: Vikas Dubey's treasurer Jai bajpai case, Another lie of the police came to light
vikas dubey news - फोटो : amar ujala
विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई को छोड़ने और पकड़ने के मामले में अपनी किरकिरी करा चुकी जिला पुलिस का एक और झूठ सामने आया है। जय की आय और उसकी संपत्तियों की जांच कराने संबंधी पुलिस का संस्तुति पत्र सोमवार तक आयकर कार्यालय नहीं पहुंचा था। इससे जय को आयकर विभाग के हवाले करने वाली बात सही साबित नहीं हुई।


 
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जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
आयकर अफसरों के मुताबिक पुलिस ने न तो जय को उनके सुपुर्द किया और न ही अभी तक जांच करने संबंधी कोई पत्र हासिल हुआ है। आयकर विभाग का बेनामी विंग पूरे प्रकरण को स्वत: संज्ञान लेकर जांच कर रहा है। वैसे भी विकास दुबे कांड में जय की संलिप्तता को देखते हुए उसे पुलिसिया क्लीन चिट देकर सिर्फ आयकर विभाग के हवाले करने का कोई औचित्य नहीं था।


 
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vikas dubey news - फोटो : अमर उजाला
हालांकि पुलिस ने अपने इस कारनामे से सोशल मीडिया पर फजीहत के बाद जय को फिर से गिरफ्तार कर लिया। आयकर अफसरों का तो यहां तक कहना है कि विकास दुबे का घर गिराने से पहले पुलिस को उन्हें भी सूचना देनी चाहिए थी, ताकि उसके घर में बरामद नकदी, जेवरात आदि का सही पता चल पाता। लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। इसके अलावा जय का घर सर्च करते समय भी आयकर अफसरों को शामिल करना चाहिए था।

 
vikas dubey news: Vikas Dubey's treasurer Jai bajpai case, Another lie of the police came to light
vikas dubey news - फोटो : अमर उजाला
जब सभी जानते हैं कि जय, विकास दुबे का खजांची है तो जाहिर है उसके घर में नकदी और जेवरात आदि भी होंगे। ऐसे में आयकर विभाग की जांच विंग उनके ठिकानों पर सर्च कर सकती थी। अब जय केे ठिकानों पर सर्च करने के लिए आयकर के नजरिये वाले तथ्यों का संकलन करना होगा। यह लंबी प्रक्रिया है। वर्तमान हालात में आयकर विभाग जय के सात वर्षों का लेखा-जोखा ही चेक करेगा। इसमें अनियमितता मिलने पर टैक्स और जुर्माना अदा करने के लिए कहा जाएगा। 

 
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vikas dubey news - फोटो : अमर उजाला
रजिस्ट्री कार्यालय से जुुटाएंगे विवरण 
आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि विभाग रजिस्ट्री कार्यालय से जय बाजपेई और उनके परिवारीजनों की संपत्तियों का विवरण जुटाएगा। कुछ सूचनाएं सब रजिस्ट्रार कार्यालय स्वत: भेजते हैं। उन सूचनाओं को संकलित किया जाएगा। आर्थिक मामलों की अनियमितता सामने आने के बाद ही उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। नोटिस जारी करने से पूर्व केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। 

पुलिस के बिंदु किए जाएंगे शामिल 
सूत्र बताते हैं आयकर विभाग की जांच तो चल ही रही है, इस बीच अगर पुलिस की ओर से कोई पत्र आता है तो उनके बताए या सुझाए बिंदुओं पर भी जांच की जाएगी।
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