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UP: किडनी ट्रांसप्लांट के समय डॉ दंपती को मना था ओटी में जाना, डॉ रोहित बंद करा देता था आहूजा हॉस्पिटल के गेट

अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर Published by: Sharukh Khan Updated Wed, 08 Apr 2026 03:45 PM IST
सार

कानपुर के किडनी कांड में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। किडनी ट्रांसप्लांट के समय डॉ दंपती को ओटी में जाना मना था। पुलिस जांच में पता चला है कि डॉ. रोहित आहूजा हॉस्पिटल के गेट बंद करा देता था। ऑपरेशन थियेटर में एक केस करने के बदले 2.75 लाख रुपये दिए जाते थे।

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kanpur kidney Illegal Activities Exposed doctor couple prohibited from entering OT during kidney transplant
Kidney Racket - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कानपुर के किडनी कांड में एक और हैरान करने वाली जानकारी सामने आई है। आहूजा हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान डॉ. आहूजा दंपती को भी ऑपरेशन थियेटर में जाने की इजाजत नहीं थी। डॉ. रोहित हॉस्पिटल के सारे गेट बंद करा देता था। 


हॉस्पिटल के स्टाफ और यहां तक की डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा और डॉ. प्रीति आहूजा को घर जाने के लिए कह दिया जाता था। यह जानकारी पुलिस को मो. फैज से पूछताछ में हुई है। मो. फैज को शिवम अग्रवाल ने मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर की देखरेख के लिए रखा था। उसको पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
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आरोपी शिवम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी के मुताबिक किडनी ट्रांसप्लांट के मास्टरमाइंड के रूप में डॉ. रोहित और शिवम अग्रवाल का नाम सामने आ रहा है। पुलिस को गिरोह में कई लोगों के शामिल होने की संभावना है। आहूजा हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 2.75 लाख रुपये संचालकों को दिए गए हैं। डॉ. रोहित सभी स्टाफ की छुट्टी करा देता था। देर रात किडनी ट्रांसप्लांट कराने के बाद डोनर और रिसीवर को अलग अलग नर्सिंगहोम में शिफ्ट कर दिया जाता था।

 
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कानपुर के हैलेट अस्पताल से किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों को लखनऊ के लोहिया इंस्टीट्यूट में किया रेफर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डोनर और रिसीवर की देखभाल के लिए पांच से छह हजार रुपये के पैरामेडिकल स्टाफ नियुक्त कर रखे थे। इनके ऊपर ही दवा देने, इंजेक्शन लगाने और ग्लूकोज चढ़ाने की जिम्मेदारी थी। पारुल तोमर की देखरेख कर रहे मो. फैज ने पूछताछ में बताया कि उसे बताया गया था कि महिला का गालब्लाडर का ऑपरेशन हुआ है। उसको सादे कागज पर एंटीबायोटिक, पेन किलर देने का परामर्श लिखकर दिया गया था।
 
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हैलट के सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल से किडनी के मरीज पारूल, आयुष को पीजीआई लखनऊ लेकर जाती एंबुलेंस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किडनी ट्रांसप्लांट में लखनऊ के बड़े सर्जन का मिला कनेक्शन
किडनी ट्रांसप्लांट में लखनऊ के बड़े सर्जन का भी जांच टीम को कनेक्शन मिला है। वह किडनी ट्रांसप्लांट का विशेषज्ञ होने के साथ ही बड़े अस्पताल से जुड़ा है। पुलिस को उसकी डॉ. रोहित के साथ जान पहचान होने के कुछ साक्ष्य मिले हैं जिससे उन पर शक की सुई घूम रही है। पुलिस सर्जन से पूछताछ कर सकती है।

 
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किडनी ट्रांसप्लांट मामले में गिरफ्तार ओटी टेक्नीशियन कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार - फोटो : पुलिस
शहर में हुए किडनी ट्रांसप्लांट में पुलिस को आधे से अधिक आरोपियों के नाम मिल गए हैं। उनकी तलाश में टीमें अलग-अलग शहरों में दबिश दे रही हैं। केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल और मसवानपुर के मेडिलाइफ हॉस्पिटल में हुए ट्रांसप्लांट में डॉ. रोहित, डॉ. अजफल, ओटी असिस्टेंट मुदस्सर अली सिद्दीकी, कुलदीप सिंह राघव, राजेश कुमार समेत अन्य शामिल थे। 
 
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