उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के नायक पीएम माेदी व अमित शाह ताे हैं ही एक अाैर इंसान है जिसने पूरे चुनाव की कमान संभाल रखी थी अाैर असली मायने में उसने जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई। इस इंसान ने भी अपने जीवन में काफी कठिनाईयां झेली। बचपन में जीविका चलाने के लिए चाय बेची, अखबार बेचा अाैर फिर राम मंदिर अांदाेलन में विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक स्व.अशाेक सिंहल के साथ बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। अब इस चाय वाले काे यूपी में बड़ी जिम्मेदारी देते हुए डिप्टी सीएम बनाया गया है। पढ़िए कैसे माेदी अाैर शाह के खास बन गया ये यूपी का चाय वाला...
यूपी में ये चाय वाला बना डिप्टी सीएम, पढ़िए जिंदगी के कुछ खास राज
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वाे शख्स है केशव प्रसाद माैर्य यानी इलाहाबाद के फूलपुर सीट से सांसद। केशव का जन्म सिराथू जिला कौशांबी के एक बेहद साधारण किसान परिवार में हुआ। गरीबी अार्थिक दृष्टि से जरूर थी, लेकिन मन में कुछ कर गुजरने का जाेश भी था। यही कारण है कि खेती करते हुए उन्होंने चाय की दुकान भी चलाई और अखबार भी बेचे। अागे पढ़िए कैसे बदलती गई जिंदगी...
गरीबी और संघर्ष के बीच केशव प्रसाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े और श्रीराम जन्म भूमि और गोरक्षा लिए अनेकों आंदोलन करते हुए जेल भी गए। इस दौरान उन्हें अशोक सिंघल की नजदीकी का फायदा मिला। वीएचपी और बजरंग दल में वह 12 साल रहे।
वर्ष 2012 में इलाहाबाद की सिराथू सीट से वह विधायक बने। 2014 में सांस और 2016 में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष। तेजी से उनका सियासी कद बढ़ा। उनके बेहद करीबी अाैर फिलहाल उनके मीडिया प्रभारी मनाेज कुशवाहा बताते हैं कि मौर्य ने बचपन में चाय बेची है अाैर बेहद गरीबी झेली है। इसके बावजूद उन्हाेंने कभी हार नहीं मानी। वह बताते हैं कि केशव अाज केवल गरीबाें के लिए काम करते हैं।
मौर्य कोइरी समाज के हैं और यूपी में कुर्मी, कोइरी और कुशवाहा ओबीसी में आते हैं। कल्याण सिंह के बाद वह पहले नेता हैं जिन्होंने इस पिछड़े वोटबैंक को बीजेपी की ओर खींचा। बीएसपी के साथ रहे मौर्य नेताओं को तोड़ा। इस चुनाव में उनकी सबसे अहम भूमिका है। राजनीतिक विष्लेषकाें की मानें ताे केशव के चलते ही बैकवर्ड खुलकर भाजपा के साथ अा गया।