नए वित्त वर्ष की शुरुआत कुछ नए नियमों के साथ होने वाली है। ये नए बदलाव सरकार के साथ साथ आम आदमी से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। जिसे जानना अाम अादमी के लिए बेहद जरूरी है। अागे की स्लाइड में जानिए नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से क्या कुछ बदलने वाला है...
सात दिन बाद लागू हाे जाएंगे इनकम टैक्स के नए नियम, अाप भी जान लिजिए क्या हुए हैं बदलाव
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2.5 लाख से 5 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले लोगों के लिए टैक्स दर में 10 फीसदी से 5 फीसदी की कटौती के बाद टैक्स में 12,500 रुपये की बचत होगी। वहीं 1 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय वालों की 14,806 रुपये (सरचार्ज और सेस शामिल) की बचत होगी।
3.5 लाख रुपये तक वार्षिक आय वालों को 2,500 रुपये (पहले 5,000 रुपये) की टैक्स रीबेट मिलेगी। टैक्स दर और टैक्स रीबेट में हुए बदलाव के चलते अब 3.5 लाख रुपये वार्षिक आय वालों को महज 2,575 रुपये का टैक्स अदा करना पड़ेगा। पहले उन्हें 5,150 रुपये बतौर टैक्स अदा करना पड़ता था। अमीर टैक्स पेयर जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच है को टैक्स का 10 फीसदी सरचार्ज भी अदा करना होगा। वहीं 1 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले सुपर रिच को टैक्स पर 15 फीसदी सरचार्ज अदा करना होगा।
अचल संपत्ति पर टैक्स के लिए केन्द्र सरकार जहां पहले 3 साल पुरानी संपत्ति को लॉन्ग टर्म मानती थी अब महज 2 साल पुरानी संपत्ति टैक्स के दायरे में आ जाएगी। इस बदलाव से अब आपकी 2 साल पुरानी संपत्ति को बेचने पर 20 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा वहीं बेचने के बाद उसे फिर से निवेश करने की स्थिति में वह छूट का हकदार होगा।
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स में हुए बदलाव का फायदा मिलेगा। सरकार ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स में टैक्स आंकलन करने के लिए महंगाई और कैपिटल की गणना का वर्ष 1 अप्रैल,1981 की कीमतों से बढ़ाकर 1 अप्रैल,2001 कर दिया है। इस बदलाव से अब संपत्ति बेचने में मुनाफा कम हो जाएगा। वहीं किसी संपत्ति को बेचने में हुए कैपिटल गेन्स को यदि सरकार द्वारा सूचित बॉन्ड में निवेश किया जाता है तो वह टैक्स छूट का हकदार होगा।