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मंटोरा ऑयल की फैक्ट्रियों में स्टेट जीएसटी का छापा, सामने आया 'हेराफेरी का ये खेल'

Sat, 10 Feb 2018 08:53 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 10 Feb 2018 08:53 AM IST
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raids in factories of Mantora Oil by State GST
जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
स्टेट जीएसटी की टीम ने गुरुवार को कानपुर देहात के रनियां में रिफाइंड बनाने वाली चार फैक्ट्रियों में छापेमारी की। छापा पड़ते ही फैक्ट्रियों में अफरा-तफरी मच गई। टीम के अधिकारी फैक्ट्री कर्मचारियों से पूछताछ की। देर रात तक स्टेट जीएसटी की टीम अभिलेखों को खंगालने में जुटी रही।



 
raids in factories of Mantora Oil by State GST
जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
रनियां औद्योगिक क्षेत्र रनियां में मंटोरा, चिराना मार्ग पर मंटोरा ऑयल व मंटोरा एग्रो के नाम पर रिफाइंड बनाने की फैक्ट्रियां संचालित हैं। वहीं, विसायकपुर में मंटोरा साल्वेंट व पनकी में भी इसी फर्म की इकाई संचालित है। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे स्टेट जीएसटी की 13 सदस्यीय टीम ने पुलिस बल के साथ रनियां की चार फैक्ट्रियों व बिहराना रोड स्थित फर्म के मुख्यालय पर छापा मारा। टीम में करीब 40 लोग शामिल हैं।

 
raids in factories of Mantora Oil by State GST
फैक्ट्री में खड़ी कार - फोटो : अमर उजाला
एक साथ चार फैक्ट्रियों छापा पड़ते ही हड़कंप मच गया। स्टेट जीएसटी के अधिकारियों ने फैक्ट्रियों में मौजूद सुपरवाइजर व ठेकेदारों से पूछताछ शुरू कर दी और सभी अभिलेखों को कब्जे में लिया। ज्वाइंट कमिश्नर सुशील कुमार सिंह व एके सिंह, केएम मिश्रा, डिप्टी कमिश्नर विकास चौधरी व राजवर्धन की टीम अभिलेखों की गहन पड़ताल में जुट गई। अफसरों ने कंप्यूटर भी खंगाले, जबकि अन्य अधिकारी फैक्ट्री में डंप माल की पड़ताल में जुटे रहे। डिप्टी कमिश्नर विकास चौधरी ने बताया कि मंटोरा ऑयल फैक्ट्री के दो वाहन मंगलवार को लखनऊ में पकड़े गए थे। इसमें लदे सामान का पक्का बिल नहीं था।

 
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raids in factories of Mantora Oil by State GST
जांच करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
इसकी जांच हेड आफिस के अधिकारी कर रहे हैं। वहीं ज्वाइंट कमिश्नर सुशील कुमार सिंह ने बताया कि फैक्ट्री से कितना माल गया और कितना सामान आया यै। इसका कोई ब्योरा फैक्ट्री प्रबंधन नहीं दिखा पाया। स्टाक रजिस्टर की पड़ताल की जा रही है। प्राथमिक जांच में एक बिल पर 4 से 5 गाड़ी सामान भेजे जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि देर रात एडिशनल कमिश्नर वीरेंद्र प्रताप सिंह व आरके श्रीवास्तव भी मौके पर आकर जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभिलेखों की जांच में समय लगेगा। इसलिए रातभर छापेमारी चलने की संभावना है।

 
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