सब्सक्राइब करें

सियासी यादेंः बात राहुल गांधी और उस रात से जुड़ी, कई ऐसे भी किस्से हैं जो आपको पता ही न होंगे

यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 30 Mar 2019 12:19 PM IST
विज्ञापन
story related to rahul gandhi lok sabha election 2019
राहुल गांधी को चांदी की मछली भेंट करता कांग्रेसी कार्यकर्ता (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आज राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के सर्वेसर्वा हैं। साल 2011 में विधानसभा चुनाव से पहले बुंदेलखंड में पार्टी का जनाधार बढ़ाने आए राहुल गांधी ने दौरा किया। हमीरपुर जिले में ग्रामीणों के बीच चौपालें भी लगाईं। मांचा गांव में 13 अक्टूबर 2011 को रात्रि विश्राम किया। किसानों एवं गरीबों की समस्याओं से रूबरू हुए थे। किस्सा एक रात से जुड़ा है जिसे शायद ही आपने पहले सुना हो।
Trending Videos
story related to rahul gandhi lok sabha election 2019
सियारी गांव का भ्रमण करते राहुल गांधी ( फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
बताया जाता है कि मांचा गांव का ट्रांसफार्मर लंबे समय से फुंका था। ग्रामीण इसको बदलवाने की मांग करते रहे, लेकिन बदला नहीं गया। इसी दौरान राहुल गांधी का अचानक मांचा गांव में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम आ गया। उनकी निजी एजेंसियों ने तहसील के मांचा गांव में रात्रि निवास व चौपाल का बंदोबस्त किया था। कमांडो और स्थानीय पुलिस ने गांव की घेराबंदी कर ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
story related to rahul gandhi lok sabha election 2019
मांचा गांव में ग्रामीणों को संबोधित करते राहुल गांधी ( फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
तत्कालीन प्रधान शब्बीर अली के मकान की छत पर उन्होंने रात्रि विश्राम किया। इसी गांव में देर रात चौपाल लगाई। उनकी चौपाल में दूसरे गांव के लोगों के साथ ही कोई पत्रकार तक नहीं फटक पाया। तब अंधेरे में ही छत पर सोने को मजबूर हुए। उस समय जिलाधिकारी से गांव के फुंके ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए कहा था, लेकिन यह ट्रांसफार्मर राहुल गांधी के कहने के काफी दिन बाद ग्रामीणों के निजी प्रयासों के लग सका था। ग्रामीणों ने कर्ज व बदहाली से परेशान होने का दर्द उन्हें सुनाया था। 

 
story related to rahul gandhi lok sabha election 2019
मांचा गांव में ग्रामीणों को संबोधित करते राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
राहुल गांधी दूसरे दिन सुबह गुसियारी गांव पहुंचे थे और पूरे गांव का भ्रमण किया। मस्जिद के मैदान में ग्रामीणों की चौपाल लगी थी। वे किसानों से रूबरू हुए थे। ग्रामीणों ने पानी की समस्या व शिक्षा के विकास के मुद्दे रखे थे। उस समय राहुल ने आधार कार्ड की परिकल्पना करते हुए कहा था कि वे ऐसा कार्ड देंगे, जिससे सभी योजनाओं व लाभों के लिए आधार होगा। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिना किसी प्रचार के राहुल बुंदेलखंड के किसान, मजदूरों, दलितों व पिछड़ो का दर्द जानने के लिए निकले थे। जहां पेयजल किल्लत परेशान ग्रामीणों ने उनसे आजादी के बाद से गांव में पानी की सही व्यवस्था न होने की जानकारी दी थी। अच्छी शिक्षा के लिए गांव में हाईस्कूल व इंटर कॉलेज की स्थापना कराए जाने की मांग रखी थी।
विज्ञापन
story related to rahul gandhi lok sabha election 2019
साल 2011 में राहुल गांधी के हमीरपुर जिले के दौरे से जुड़ी तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
राहुल ने कहा कि था कि वह बुंदेलखंड की समस्याओं से बखूबी वाकिफ हैं। उन्होंने सरकार आने पर सभी समस्याओं के समाधान का वादा किया था और कहा था कि राशनकार्ड, आईडी कार्ड सहित अन्य पहचान कार्ड हैं उन सबके ऊपर एक ऐसा आधारकार्ड प्रत्येक नागरिक को मुहैया कराएंगे,  जिससे सभी योजनाओं का लाभ उसी के माध्यम से मिलेगा। इस घोषणा से ग्रामीण गदगद थे, इन चौपालों का असर यह हुआ था कि ज्यादातर गांवों में विधानसभा 2011 में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कांग्रेस को बढ़ चढ़कर समर्थन दिया था।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed