{"_id":"5a811f944f1c1b641f8b52a4","slug":"three-died-in-kanpur-road-accident","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जब लाशें निकाली गईं तो मां जिगर के टुकड़े को सीने से चिपकाए थी, आंचल से ढके थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब लाशें निकाली गईं तो मां जिगर के टुकड़े को सीने से चिपकाए थी, आंचल से ढके थी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 12 Feb 2018 02:23 PM IST
विज्ञापन
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के कानपुर में साढ़ घाटमपुर के दरगाहीलाल नहर पुल के पास शनिवार आधी रात के बाद तीखे मोड़ पर कार बेकाबू होकर सड़क किनारे पानी से भरे गहरे खड्ड में गिर गई। हादसे में कार सवार दंपति और उनकी मासूम बेटी की मौत हो गई। मां आखिरी सांस तक बच्ची को बचाने के लिए कलपती रही लेकिन कार में पानी भर जाने से तीनों की डूबकर मौत हो गई। जब लाशें निकाली गईं तो मां, बच्ची को अपने सीने से चिपकाए थी, उसे आंचल से ढके थी। यह देख सभी लोग रो पड़े। कार में सवार तीन लोग बच गए हैं उनको कार्डियोलाजी कानपुर में भर्ती कराया गया है।
पानी में घुसी कार
- फोटो : अमर उजाला
जूही थानाक्षेत्र के गौशाला निवासी वकील जगदीश यादव के बेटे आशीष की बारात साढ़ इलाके के पानीपुरवा गांव निवासी राजू यादव के यहां गई थी। बारात में आशीष का चचेरा भाई विपिन यादव (32) अपनी पत्नी शीलू उर्फ प्रियंका (29) और मासूम बेटी परी उर्फ वैष्णवी (एक वर्ष) के साथ पड़ोसी नीरज गुप्ता की कार से आया था। रात डेढ़ बजे के आसपास ये लोग कार से कानपुर लौट रहे थे। विपिन, अपनी पत्नी और बच्ची के साथ कार की पीछे वाली सीट पर बैठ गए। ड्राइविंग सीट पर नीरज और बगल की सीट पर विपिन की मौसेरी बहन मोनी (17) और रानीगंज, काकादेव निवासी फूफा लाखन (56) बैठे थे।
मृतका की मां
- फोटो : अमर उजाला
दरगाही लाल नहर पुल के पास तीखे मोड़ पर सामने से दूसरा वाहन आ गया। इस वाहन की हेड लाइट कार पर पड़ी और नीरज स्टेयरिंग पर नियंत्रण खो बैठे। कार लहराती हुई किनारे पानी से भरे गहरे 10 फिट गहरे खड्ड में जा गिरी। काफी देर बाद पीछे से आ रहे अन्य वाहन चालकों ने खड्ड में गिरी कार देखी और मदद शुरू की। कार की पीछे वाली सीट पर पूरी तरह पानी भर गया था। आगे की सीट पर पानी नहीं भर पाया था। कार को बाहर निकालने वाले साढ़ कसबा निवासी कामता, अनूप मिश्रा और रामसजीवन यादव ने बताया कि मासूम बच्ची परी को मां शीलू अपनी साड़ी के आंचल से ढके और छाती से लगाए थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती घायल
- फोटो : अमर उजाला
दोनों कार में भरे पानी में पूरी तरह डूबे हुए थे और मौत की नींद सो गए थे। विपिन की भी मौत हो चुकी थी। रात का घुप अंधेरा होने की वजह से लोगों को रात-बचाव कार्य में काफी टाइम लग गया। शीलू का मायका साढ़ कसबे में ही था। गंभीर रूप से घायल नीरज गुप्ता, लाखन यादव और मोनी यादव को कार्डियोलाजी (कानपुर) पहुंचाया गया। यहां होश में आने के बाद लखन ने घटना के बारे में परिजनों को बताया। उधर, पोस्टमार्टम से पता चला कि तीनों की मौत डूबने से हुई है।