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योगी के फरमान से इनकी डूबी लुटिया, 'अच्छे दिन' की बजाए लग गए 'बुरे दिन'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 15 Apr 2017 07:00 PM IST
सार
-मार्च में नहीं मिला कोई आर्डर, संचालकों, कर्मचारियों में हलचल
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योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
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योगी आदित्यानाथ ने जबसे उत्तर प्रदेश में सत्ता की कमान संभाली है, कई कारोबारियों के बुरे दिन लग गए हैं। कारोबारियों का कहना है सीएम योगी ने एक ऐसा फरमान जारी कर दिया है जिससे इनकी लुटिया ढूब गई है।
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दरअसल, योगी ऐसों के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं जो प्रदेश को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, फिर ये धंधा तो सीधे गंगा से जुड़ गया है। जो यूपी सरकार की नाक का सवाल बना है। यूपी चुनाव में गंगा को निर्मल करने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे तो अब वक्त आ गया है उन्हें पूरा करने का। जानिए क्या है पूरा मामला...
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जल प्रदूषण को लेकर सीएम योगी ने खास निर्देश देते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में उन्हें काम बंद करने का आदेश दिया जाएगा जिसकी वजह से गंगा का पानी दूषित हो रहा हो। अब ये फरमान कई लोगों के लिए बड़ी आफत बनता नजर आ रहा है।
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सबसे बड़ा झटका लगा है गंगा किनारे से बसी टेनरियों को। शिफ्टिंग के आदेश जारी हो चुके हैं। इसके बाद चमड़ा उत्पादन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में उत्पादन 40 प्रतिशत था, जो मार्च के अंत तक सिर्फ 10 प्रतिशत रह गया।
प्रदेश सकार के शिफ्टिंग के फरमान के बाद अभी तक कुछ भी तय नहीं होने की वजह से टेनरी संचालक और उसमें काम करने वाले असमंजस में हैं। उनका कहना है कि सरकार सिर्फ शिफ्टिंग की बात कर रही है, लेकिन यह नहीं बता रही है कि कहां ले जाएंगे, कितनी जगह मिलेगी। यह भी परेशानी का सबब बना है।
प्रदेश सकार के शिफ्टिंग के फरमान के बाद अभी तक कुछ भी तय नहीं होने की वजह से टेनरी संचालक और उसमें काम करने वाले असमंजस में हैं। उनका कहना है कि सरकार सिर्फ शिफ्टिंग की बात कर रही है, लेकिन यह नहीं बता रही है कि कहां ले जाएंगे, कितनी जगह मिलेगी। यह भी परेशानी का सबब बना है।
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सभी को शिफ्ट करेंगे या कुछ को। यही वजह है कि मार्च में विदेशों से मिलने वाले आर्डर पर भी रोक लग गई। जाजमऊ में गंगा किनारे करीब 400 टेनरियां स्थापित हैं। इसमें कुछ मानक पूरे नहीं करने की वजह से बंद करा दी गई हैं। इनकी संख्या करीब 100 है। बाकी टेनरियों में थोड़े बहुत काम चल रहा है। जनवरी से पहले जो आर्डर मिला था, वही काम चल रहा है।
अक्टूबर के बाद यह काम भी बंद हो जाएगा। प्रदेश में सपा की सरकार रहते हुए टेनरी संचालकों को लगातार यह आश्वासन दिया जाता रहा कि उन्हें दूसरी जगह नहीं ले जाएंगे। नई सरकार के आते ही सब कुछ बदल गया। जिससे टेनरियों में हड़कंप मच गया है।
अक्टूबर के बाद यह काम भी बंद हो जाएगा। प्रदेश में सपा की सरकार रहते हुए टेनरी संचालकों को लगातार यह आश्वासन दिया जाता रहा कि उन्हें दूसरी जगह नहीं ले जाएंगे। नई सरकार के आते ही सब कुछ बदल गया। जिससे टेनरियों में हड़कंप मच गया है।