कुशीनगर जिले में बुधवार को गंडक नदी में नाव पलटने के बाद डूब रहे छह लोगों को तूफानी और रतन ने बचा लिया। दोनों नदी से कुछ दूरी पर अपने खेतों में काम कर रहे थे। चीख-पुकार सुनकर उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े।
कुशीनगर नाव हादसा: तूफानी और रतन ने बचाई छह लोगों की जान, लोग बोले- अल्लाह ने भेजा था फरिश्ता
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‘पता होईत की बहिनी डूब जइहें त ना जाए देती’
हादसे में मरने वाली सोनी की मां मीरा बेटी की मौत से आहत हैं। उनके विलाप करने से मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो जा रही थीं। मीरा ने बताया कि सोनी सुबह ही मजदूरी करने निकल रही थी तो मैंने आज न जाने के लिए रोका था, लेकिन वह दोपहर तक कुछ पैसा कमाकर चले आने की बात कहकर निकल गई थी। मीरा का कहना था कि पता होइत की बहिनी डूबि जइहें त ना जाए देतीं। गरीबी के चलते मजदूरी करना मजबूरी है। सोनी की मौत के बाद पिता पतरू व छोटा भाई अर्जुन का रो रोकर बुरा हाल है।
नाव में था छेद, भरने लगा था पानी
नाव हादसे में बची गुलशन अभी भी सदमे में है। उसकी आंखों में भयावह तस्वीर अब भी कैद है। पूछने पर रोते हुए बताती है कि सब लोग हंसी-खुशी से जा रहे थे। नाव छोटी थी। उस पर मिश्री (खेत मालिक) ने बिठा लिया। नाव थोड़ी ही दूर गई, तभी नाव में छेद के कारण पानी भरने लगा। इसे लेकर आशंका जताई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया और बीच में पहुंचते ही नाव असंतुलित होकर पलट गई।
सभी लोग पानी में गिर गए व डूबने लगे। हमारे पास ही आसमां व गुड़िया थीं। वह भी बचाने के लिए चिल्ला रही थीं। मुझे लगा कि अब जीवन नहीं बचेगा। आंख के सामने अंधेरा छाने लगा। सांस रुकने लगी, तभी किसी ने बाल पकड़ कर ऊपर खींच लिया।
अल्लाह ने बचाने के लिए भेज दिया फरिश्ता : सूरमा
नाव हादसे में बचाई गई बुजुर्ग सूरमा भी थीं। वह भी मजदूरी करने जा रही थीं। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने बचा लिया।
सूरमा के चेहरे पर अब भी हादसे का भय साफ साफ दिख रहा था। उन्होंने बताया कि नाव पलटने पर सबके साथ वह डूबने लगीं। आंख के सामने अंधेरा छा गया, तभी एक व्यक्ति बाल पकड़कर ऊपर खींच लिया। उसके बाद मैं अचेत हो गई। बाद में होश आया तो मैं बच गई थी।
सांसद, डीएम और एसपी ने दी सांत्वना
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक डीएम, एसपी व एसडीएम ने घटना पर दु:ख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और सरकार की ओर से अनुमन्य आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
घटना की सूचना मिलते ही विधायक विवेकानंद पांडेय घटनास्थल पर पहुंच गए। चल रहे राहत व बचाव कार्य का निरीक्षण किया। मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए विधायक ने कहा की सरकार की ओर से आपदा राहत के लिए मिलने वाला धन दिलाया जाएगा। इसके लिए तहसील प्रशासन को निर्देश देते हुए शीघ्र सभी औपचारिकता पूर्ण करने को कहा।
चार लाख रुपये व अन्य मदद दिलाई जाएगी
घटनास्थल पर पहुंचे डीएम एस. राजलिंगम व एसपी सचिंद्र पटेल ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि नाव हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। यह आपदा राहत की श्रेणी में आता है। सरकार की ओर से अनुमन्य चार लाख रुपये सहित जो भी संभव होगा मदद दिलाई जाएगी। नाव से नदी पार करना लोगों की आजीविका से जुड़ा मामला है। कोशिश की जाएगी कि इस तरह की घटनाएं घटित न हों।

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