पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार को बरेली मंडल और लखीमपुर खीरी के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रह्ममुहूर्त से ही भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित किए। बरेली में कछला गंगाघाट से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों ने नाथ मंदिरों में विधि-विधान से जलाभिषेक किया। जिला प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। प्रमुख शिवालयों और मार्गों पर पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और यातायात पुलिस तैनात रही।
{"_id":"6a704f0063f8ae70440b9ee4","slug":"devotees-throng-shiva-temples-to-perform-jalabhishek-on-sawan-ka-pehla-somvar-2026-08-03","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Sawan 2026: बरेली से खीरी तक शिव भक्ति की बयार, जलाभिषेक करने शिवालयों में उमड़े भक्त; देखें आस्था की तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sawan 2026: बरेली से खीरी तक शिव भक्ति की बयार, जलाभिषेक करने शिवालयों में उमड़े भक्त; देखें आस्था की तस्वीरें
Mon, 03 Aug 2026 01:58 PM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Mon, 03 Aug 2026 01:58 PM IST
विज्ञापन
बदायूं के बिरुआबाड़ी मंदिर में लगी भक्तों की कतार
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली के धोपेश्वर नाथ मंदिर में लगी भक्तों की कतार
- फोटो : संवाद
आधी रात के बाद से शुरू हुआ जलाभिषेक
सावन के पहले सोमवार को बरेली के नाथ मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार आधी रात के बाद से हर-हर महादेव उद्घोष से गूंजने लगे और जलाभिषेक का क्रम शुरू हो गया। किला स्थित अलखनाथ मंदिर में रात से ही शिवभक्तों ने कतार में लगकर भोलेनाथ का अभिषेक किया। यहां शाम से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आरती के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ।
सावन के पहले सोमवार को बरेली के नाथ मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। रविवार आधी रात के बाद से हर-हर महादेव उद्घोष से गूंजने लगे और जलाभिषेक का क्रम शुरू हो गया। किला स्थित अलखनाथ मंदिर में रात से ही शिवभक्तों ने कतार में लगकर भोलेनाथ का अभिषेक किया। यहां शाम से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आरती के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ।
शिवालयों के बाहर लगी कतार
बरेली शहर के नाथ मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों व केसरिया झंडों से भव्य रूप से सजाया गया है। त्रिवटीनाथ मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर, तपेश्वरनाथ मंदिर, मढीनाथ मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर, वनखंडीनाथ मंदिर में भी तड़के से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। दोपहर तक शिवभक्तों की कतारें लगी रहीं।
बरेली शहर के नाथ मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों व केसरिया झंडों से भव्य रूप से सजाया गया है। त्रिवटीनाथ मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर, तपेश्वरनाथ मंदिर, मढीनाथ मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर, वनखंडीनाथ मंदिर में भी तड़के से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। दोपहर तक शिवभक्तों की कतारें लगी रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ में आस्था का सैलाब
लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में पौराणिक शिव मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर में सुरक्षा का जायजा लिया। मंदिरों में भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का आयोजन हुआ। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। लखीमपुर के प्राचीन लिलौटी नाथ शिव मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही।
लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में पौराणिक शिव मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर में सुरक्षा का जायजा लिया। मंदिरों में भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का आयोजन हुआ। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। लखीमपुर के प्राचीन लिलौटी नाथ शिव मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही।
विज्ञापन
पीलीभीत के गौरीशंकर मंदिर में उमड़ी भीड़
पीलीभीत के प्राचीन गौरीशंकर मंदिर में सर्वाधिक भीड़ देखी गई। यहां भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। गोमती उद्गम स्थल और घुंघचाई के इकोत्तहर नाथ मंदिर में कांवड़ियों ने पवित्र जल से जलाभिषेक किया। मंदिर समितियों ने पेयजल और दर्शन की व्यवस्था की।
पीलीभीत के प्राचीन गौरीशंकर मंदिर में सर्वाधिक भीड़ देखी गई। यहां भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। गोमती उद्गम स्थल और घुंघचाई के इकोत्तहर नाथ मंदिर में कांवड़ियों ने पवित्र जल से जलाभिषेक किया। मंदिर समितियों ने पेयजल और दर्शन की व्यवस्था की।