उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में बिछवां स्थित साकार विश्व हरि के आश्रम से बुधवार को तीन लग्जरी गाड़ियां तेजी से बाहर निकलीं। उन्होंने बेवर की फर्राटा भर दिया। चर्चा है कि एक वाहन में साकार विश्व हरि (भोले बाबा) भी थे। हालांकि भोले बाबा की मौजूदगी और बाहर जाने की बात को लेकर पुलिस चुप्पी साधे हुए है। वहीं कुछ घंटे बाद ही बाबा अपने पैतृक गांव बहादुरनगर जिला कासगंज पहुंच गए। इससे ये बात पुख्ता हो गई कि बाबा बिछवां स्थित आश्रम से ही निकले थे।
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तस्वीरों में देखें: हाथरस हादसे के बाद इस आश्रम में छिपे थे साकार हरि, निकला गाड़ियों का काफिला तो हुआ खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 18 Jul 2024 08:32 AM IST
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हाथरस हादसा: पैतृक गांव के आश्रम पहुंचे साकार हरि ने तोड़ी चुप्पी
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मैनपुरी आश्रम
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इसी बीच आश्रम के अंदर से साकार हरि का पत्र बाहर आना और एक सेवादार की पुष्टि प्रशासन का दावा खारिज करती हैं। दो मंगलवार से आश्रम में सत्संग के लिए पहुंच रहे अनुयायी भी पुलिस वापस लौट रही है। बुधवार को अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखने के बाद कोई कुछ समझ नहीं पाया।
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साकार हरि बाबा
- फोटो : अमर उजाला
अचानक से आश्रम के दरवाजे खुले और तीन लग्जरी गाड़ियां तेजी के साथ बाहर निकलीं। जब तक कोई कुछ समझ पाता। तीनों वाहन बेवर की ओर निकल गए। वाहनों में कौन था, इसको लेकर कोई भी जानकारी नहीं दे सका। लेकिन स्थानीय लोगों में चर्चा है कि एक लग्जरी गाड़ी में साकार विश्व हरि (भोले बाबा) और दूसरी गाड़ी में उनके खास सेवादार मौजूद थे।
मैनपुरी आश्रम के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद
कोई भी प्रत्यक्षदर्शी इस बारे में सामने आकर बोलने को तैयार नहीं है। वहीं पुलिस का कहना है कि वह आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैनात हैं। वाहनों से कौन गया, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। आश्रम से वाहनों का काफिला निकलने के बाद काफी देर तक आश्रम परिसर के पास अनुयायियों की भीड़ देखी गई।
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बाबा के आने के बाद छावनी बना पटियाली चौराहा
- फोटो : संवाद
इसके कुछ घंटे बाद ही सूचना मिली कि बाबा कासगंज में है। वे अपने पैतृक गांव बहादुरनगर पहुंचे थे। यहां उनके साथ उनके अधिवक्ता डाॅ. एपी सिंह भी थे। ऐसे में ये बात पुख्ता हो जाती है कि बाबा बिछवां स्थित आश्रम में ही थे और वे यहीं से निकले थे।