पुलिस कस्टडी से फरारी: 100 किमी बचाने के लिए भारी पड़ा शॉर्टकट, कचहरी से ही पीछे लगे थे बदमाश
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मुजफ्फरनगर में बेखौफ बदमाशों ने मंगलवार दोपहर करीब दो बजे पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर सालारपुर गांव में एक होटल पर कुख्यात रोहित उर्फ सांडू को छुड़ा लिया। इसमें मिर्जापुर पुलिस की चूक मानी जा रही है। 100 किमी की दूरी बचाने के लिए मिर्जापुर पुलिस असुरक्षित रास्ते से कुख्यात को लेकर मुजफ्फरनगर से मिर्जापुर जा रही थी। रास्ता खतरनाक भी। दोनों तरफ घने जंगल हैं।
पुलिस अधिकारी भी मानते हैं कि मिर्जापुर पुलिस को वाया एनएच-58, नई दिल्ली, आगरा, कानपुर, प्रयागराज वाला सुरक्षित रास्ता ही चुनना चाहिए था। लेकिन पुलिस ने जोखिम भरा रास्ता चुना। इसका फायदा बदमाशों ने उठा लिया।
यह रास्ता असुरक्षित था
बदमाशों ने अपने साथी रोहित को छुड़ाया और आसानी से फरार भी हो गए। इसका विरोध करने में बदमाशों ने मिर्जापुर से दरोगा दुर्ग विजय सिंह, हेड कांस्टेबल अखिलेश राय, सुनील उपाध्याय, सुनील प्रजापति, कांस्टेबल चालक खोभारी सिंह यादव पर गोलियां बरसा दीं। जिसमें दुर्ग विजय सिंह के पेट में गोली लगी है। इस वारदात की जानकारी लगने पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने घेराबंदी भी की।
मिर्जापुर पुलिस ने कुख्यात को ले जाने के लिए असुरक्षित रास्ता चुना। मुजफ्फरनगर से जानसठ, नहटौर, रामपुर, बरेली, लखनऊ, प्रयागराज और फिर मिर्जापुर पहुंचते हैं। इस रास्ते की दूरी 770 किमी है जबकि करीब 15 घंटे का समय लगता है। करीब 300 किमी वनवे रोड है और जंगल से होकर यह रास्ता गुजरता है। यह रास्ता जोखिम भरा बताया जाता है।
यह रास्ता था सुरक्षित
मुजफ्फरनगर से मिर्जापुर जाने के लिए पुलिस को मेरठ, नई दिल्ली, आगरा, कानपुर, प्रयागराज और फिर मिर्जापुर पहुंचने वाला सेफ रास्ता था। गूगल मैप की मानें तो इसमें 13 घंटे 52 मिनट लगते और उसकी दूरी 870 किमी बताई गई। यह रास्ता हाईवे और फिर एक्सप्रेस-वे से होेकर गुजरता है। इस रास्ते को पुलिस के अधिकारी भी सुरक्षित बता रहे हैं।
इस अंदाज में की वारदात
इस वारदात में लोकल के बदमाश शामिल होने का अंदेशा है। बदमाशों को वहां के सभी रास्ते मालूम थे, जहां से वह आसानी से भागे। पुलिस ने बताया कि बदमाश सफेद रंग की कार से आए थे। अपने साथियों को देखते ही पुलिस के साथ टेबल पर बैठे रोहित ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची पाउडर डाला। इससे पहले पुलिसकर्मी संभलते, बदमाशों ने गोलियां चला दीं। गोली दरोगा के पेट में लगी। होटल में चीख पुकार मचते ही बदमाश अपने साथी रोहित को साथ लेकर फरार हो गए।