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दिल्ली का 'अशोक स्तंभ' कभी था मेरठ की शान, मुगल शासक ने ऐसे कराया था शिफ्ट, जानें 7 फैक्ट

Sat, 24 Nov 2018 05:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 24 Nov 2018 05:01 PM IST
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Ashok stambh was in meerut before shifted to delhi by firoz shah tughlaq
अशोक स्तंभ
कभी मेरठ की शान रहा अशोक स्तंभ अब राजधानी दिल्ली का मान बढ़ा रहा है। दिल्ली विवि के नॉर्थ कैंपस के पास हिंदूराव के सामने लगा अशोक स्तंभ कभी मेरठ की शान हुआ करता था। जिसे हिंदुस्तान पर राज करने वाला अंतिम मुस्लिम शासक फिरोज़ शाह तुगलक दिल्ली ले गया। आज हम आपको बता रहे हैं अशोक स्तंभ से जुड़े ऐसे ही फैक्ट जिन्हें आप शायद ही जानते होंगे:- 


 
Ashok stambh was in meerut before shifted to delhi by firoz shah tughlaq
फिरोज़ शाह तुगलक

फिरोज़ शाह तुगलक सन 1364 के आसपास मेरठ आया था। मेरठ भ्रमण के वक्त उसकी नज़र अशोक स्तंभ पर पड़ी। स्वयं सम्राट अशोक द्वारा स्थापित कराए गए इस स्तंभ की खूबसूरती पर फिरोज़ शाह तुगलक रीझ गया। जिसके बाद उसने तय किया कि खिज्राबाद की तरह मेरठ में लगे इस अशोक स्तंभ को भी वो अपने किले में स्थापित कराएगा।

Ashok stambh was in meerut before shifted to delhi by firoz shah tughlaq
मेरठ न्यूज

इसी इरादे को पूरा करने के लिए फिरोज़ शाह ने 42 पहियों की एक खास गाड़ी तैयार कराई। इस गाड़ी में 4 हजार से ज्यादा मजदूरों को लगाया गया। जो मेरठ से इस अशोक स्तंभ को उठाकर दिल्ली ले गए। रुई और मखमल के थान में लपेटकर स्तंभ को ससम्मान दिल्ली ले जाया गया। जहां फिरोज़ शाह के किले में उस-ए-शिकार (हंटिंग लॉज) में लगाया गया। 



 
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Ashok stambh was in meerut before shifted to delhi by firoz shah tughlaq
पांच भागों में बंट गई थी मीनार
इतिहासकारों के अनुसार सन 1713 या 1719 के बीच यह मीनार पांच भागों में बंट गई थी। इतिहासकारों के मुताबिक उस-ए-शिकार में जहां फिरोज़ शाह ने मीनार को लगवाया था वहां एक बार बारुद के कारण आग लग गई थी। आग लगने से मीनार के पांच टुकड़े हो गए। फिर अंग्रेजों ने 1857 में इन पांचों टुकड़ों को जोड़कर इस मीनार को बड़ा हिंदूराव के सामने लगवा दिया। जहां यह आज भी लगी है। इतिहासकारों कें अनुसार यह स्तंभ शहर के समीप दो स्थानों पर लगे होने के प्रमाण मिलते हैं। शहर के भीतर टीले वाला कोतवाली का हिस्सा व शहर के बाहर जहां अब हापुड़ अड्डा है वहां यह मीनार लगी थी।  

 
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Ashok stambh was in meerut before shifted to delhi by firoz shah tughlaq

स्तंभ पर लगा शिलालेख बयां करता पूरी कहानी

आज भी अशोक स्तंभ पर लगे शिलालेख में इस बात का जिक्र है कि इसे मेरठ से लाकर दिल्ली में फिरोज़शाह तुगलक ने स्थापित किया। स्तंभ के नीचे लगे पत्थर में अंग्रेज़ी में पूरा विवरण दर्ज है जिसमें लिखा है कि थर्ड सेंचुरी में सम्राट अशोक ने इस स्तंभ को स्थापित कराया था। पूरी कहानी शिलालेख बयां करता है। 

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