अगर हौंसले मजबूत हों तो मुश्किलें क्या हैं... इन्हीं लाइनों को चरितार्थ कर रही हैं मेरठ की सीमा गोविंद। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत हम आपको रूबरू करा रहे हैं ऐसी ही महिलाओं से जिनका जज्बा और हिम्मत हर लड़की व महिला को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। आज इस कड़ी में हम आपको रुबरू करा रहे हैं मेरठ की सीमा गोविंद से जिन्होंने मुश्किलों से जूझते हुए अपनी एक अलग पहचान कायम की है।
अपराजिता: कभी थी मुश्किल डगर, आज विदेशों तक पहचाना जाता है इनका हुनर
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बीस साल पहले एक वक्त ऐसा था जब सीमा गोविंद के सामने जीवन का संकट खड़ा हो गया था। बच्चों के पालन-पोषण की समस्या आ गई। समझ में नहीं आ रहा करें तो करें क्या। लेकिन मुश्किल डगर में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बचपन से सीखे हुनर का इस्तेमाल कॅरियर बनाने के लिए किया तो रास्ते बनते चले गए। आज मेरठ की इस बेटी की बनाई कलाकृतियों को देश ही नहीं, बल्कि विदेश तक से सराहा जा रहा है।
टीपीनगर की गुप्ता कॉलोनी में रहने वाली सीमा गोविंद गोल्डन स्टूडियो आर्ट एंड क्राफ्ट नाम से ऑफिस चलाती हैं। वे फाइबर ग्लास वर्क के जरिये स्टैच्यू और दूसरी कलाकृतियां बनाने में माहिर हैं। उनकी बनाई ऑयल पेंटिंग्स लंदन के कई होटलों में लगी हैं। मेरठ के सूरजकुंड श्मशान घाट में श्रीकृष्ण और अर्जुन का रथ वाला स्टैच्यू हो या फिर औघड़नाथ मंदिर में लगी सुंदर प्रतिमाएं, सभी इनके हाथों का हुनर है। नोएडा की कई बड़ी सोसायटी के बाहर लगे उनके बनाए गए फाइबर के स्टैच्यू मन मोह लेते हैं। उनकी इस कला के चलते अब उनके बेटे विशेष और वंश भी मां के साथ उनकी इस कला को सीखने में लगे हैं। सीमा गोविंद के पास अब इस काम के लिए 12 लोगों की टीम है।
संघर्ष ने बदली जिंदगी की दिशा
सीमा ने कनोहर लाल कॉलेज से बीए किया था। पेंटिंग और मूर्तियां बनाने का उनको बचपन से ही शौक था। इसके चलते उन्होंने पढ़ाई के दौरान ही छात्राओं को आर्ट क्लासेज, मेहंदी क्लासेज सिखाना शुरू कर दिया। पढ़ाई के बाद उनकी शादी हो गई। दो बच्चे हो गए। सीमा शादी के बाद ब्यूटी पार्लर चलाने लगीं। लेकिन इसके बाद उनकी जिंदगी में संघर्ष शुरू हो गया। पारिवारिक वजहों के कारण वे बच्चों को साथ लेकर किराए पर रहने लगीं। ये वो समय था जब उनके पास बच्चों की परवरिश का संकट खड़ा हो गया। इसके बाद सीमा ने इंटीरियर डिजाइनिंग का काम शुरू किया।
अब तक यहां कर चुकी हैं काम
सीमा गोविंद के बनाई ऑयल पेंटिंग और स्टैच्यू मेरठ, नोएडा, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बुलंदशहर, पानीपत, सिकंद्राबाद, जयपुर, ऋषिकेश आदि शहरों में लगे हैं।