मेरठ में कृषि विवि के डीन वेटरनरी डॉ. राजबीर सिंह पर जानलेवा हमले के एक माह बाद पुलिस ने आखिरकार शूटर नदीम से वह पिस्टल (0.32 बोर) बरामद की, जिससे गोलियां बरसाई गईं थीं। रविवार को रिमांड पर लेने के बाद दौराला पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पबरसा के जंगल से पिस्टल को बरामद किया है। यह जगह कृषि विवि के पीछे ही है। वारदात के बाद पिस्टल को यहीं फेंक दिया गया था। वहीं, घटना के बाद से फरार मुख्य साजिशकर्ता महिला प्रोफेसर आरती भटेले तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच पाई है।
डीन पर हमला: एक माह बाद भी आरती भटेले तक नहीं पहुंच सकी पुलिस, आरोपी नदीम ने किए बड़े खुलासे
हमले में दो मैगजीन का किया प्रयोग
हमलावरों का इरादा हर हाल में डीन की हत्या करने का था। शूटर नदीम ने बताया कि हमले के दौरान दो मैगजीन का प्रयोग कर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं गईं। थाना प्रभारी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि पिस्टल की भी जांच कराई जाएगी। यह पिस्टल बिल्डर अनिल बालियान ने उपलब्ध कराई थी। वहीं, आरती भटेले की तलाश में भी पुलिस दबिश दे रही है। कोर्ट से आरती भटेले की गिरफ्तारी को लेकर गैर जमानती वारंट मिल चुके हैं। साथ ही आरती की संपत्ति का ब्यौरा भी जुटाया जा रहा है।
अखबार से पता चला, डीन जिंदा है
नदीम ने पुलिस को बताया कि प्रोफेसर आरती भटेले से डीन की हत्या के लिए पांच लाख में सौदा हुआ था। प्रधान मुनेंद्र बाना ने चार लाख रुपये दिलवाए थे। रेकी के बाद हमला किया गया। डीन को नौ गोलियां भी लगीं। उन्हें लगा कि अब डीन की मौत हो चुकी है, लेकिन अगले दिन अखबार देखकर पता चला कि डीन जिंदा हैं। नदीम पर विभिन्न मामलों में 16 मुकदमे दर्ज हैं।
संजीव जीवा गैंग के शूटर से सामने आ चुका कनेक्शन
हाल ही में शामली पुलिस ने संजीव जीवा गैंग के शूटर अनिल उर्फ पिंटू को रोमोनिया की एके-47 पिस्टल और अन्य हथियारों के साथ पकड़ा था। इस दौरान खुलासा हुआ था कि एके-47 से ही डीन पर हमला किया जाना था, लेकिन बाद में इस बरामद पिस्टल का प्रयोग किया गया।
30 दिन बीते आरती भटेले का नहीं लगा सुराग
हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस मुख्य साजिशकर्ता प्रो. आरती भटेले को ढूंढ नहीं सकी है। पुलिस मेरठ से लेकर मध्य प्रदेश तक आरती की तलाश में दबिश दे चुकी है। यहां, तक की रिश्तेदारों से पूछताछ हो चुकी है। लेकिन, आरती भटेले के बारे में पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।
चार टीमे लगाने के बावजूद पुलिस मुख्य साजिशकर्ता से दूर है। पुलिस ने सर्विलांस का सहारा लिया। लेकिन, इसके बाद भी आरोपी आरती की लोकेशन को ट्रेस नहीं कर सकी। पिछले 30 दिन से लगातार पुलिस आरती के नजदीक होने का दावा कर रही है। परंतु, उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
