40 सदस्यीय टीम के साथ गंगा की धारा में बोट से आ रही बछेंद्रीपाल को सोमवार दोपहर दो बजे यूपी के बिजनौर पहुंचना था लेकिन इसी बीच अचानक उनसे संपर्क कट गया। देर शाम तक भी वह नहीं पहुंची। उनसे किसी भी तरह संपर्क नहीं हो पा रहा था, इससे प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रात करीब नौ बजे उनसे पुलिस का संपर्क हो पाया, तब जाकर पता चला कि उनकी नाव पानी कम होने के कारण रावली और बैराज के बीच गांव रणजीतपुर के पास गंगा में एक रेत के टीले पर फंस गई है।वहीं उनके इंतजार में स्कूली बच्चे और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी अधिकारियों के साथ गंगा के तट पर जमे रहे। आगे तस्वीरों में देखें कैसे बछेंद्रीपाल को सुरक्षित लाया गया:-
गंगा में साढ़े 7 घंटे फंसी रहीं बछेंद्रीपाल, अटकी रहीं अधिकारियों की सांसे, देखें तस्वीरें
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बछेंद्रीपाल को लाने के लिए मुरादाबाद से पीएसी का बाढ़ राहत दस्ता बुलाया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी रणजीतपुर खादर में पहुंच गए। गंगा स्वच्छता अभियान के तहत माउंट एवरेस्ट पर फतह हासिल करने वाली बछेंद्रीपाल को सोमवार दोपहर करीब दो बजे बिजनौर पहुंचना था। तीन बजे उन्हें गंगा बैराज पर होने वाले दीपयज्ञ कार्यक्रम में भाग लेना था। इस दौरान स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाने थे। इसकी तैयारी के लिए कई दिन से अधिकारी लगे थे।
इसके अलावा कर्मचारी सफाई करने में लगे थे। शाम करीब पांच बजे डीएम अटल कुमार राय, एसपी उमेश कुमार सिंह समेत तमाम अधिकारी गंगा घाट पर पहुंच गए। हालांकि तयशुदा कार्यक्रम के घंटों बाद तक भी बछेंद्रीपाल गंगा बैराज नहीं आई तो उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। रात में करीब नौ बजे उनसे संपर्क हो पाया। उनकी टीम को निकालने के लिए पीएसी की टीम बुलाई गई है। बछेंद्रीपाल के न आने पर अधिकारियों ने खुद ही दीपयज्ञ कराया व महाआरती में हिस्सा लिया।
बछेंद्रीपाल और उनकी टीम बागोवाली से रास्ता भटक गई थी और गंगा में पानी कम होने के कारण उनकी नाव एक टापू के पास अटक गई। रात में ही उन्हें लाने के प्रयास किए गए। -अटल कुमार राय, डीएम बिजनौर।
इंतजार में भूखे प्यासे बैठे बच्चों ने किया हंगामा
बछेंद्रीपाल के कार्यक्रम में नहीं आने से स्कूली बच्चे भूख से बिलबिला गए और उन्होंने डीएम व एसपी के सामने जमकर हंगामा किया। अधिकारियों ने उन्हें किसी तरह शांत किया। अधिकारी बच्चों को लेकर तट पर ही बछेंद्रीपाल का घंटों इंतजार करते रहे। जीआईसी, डीएवी व आरजेपी इंटर कॉलेज से एनसीसी के करीब 50 बच्चों को दोपहर दो बजे ही गंगा बैराज घाट पर ले जाकर बैठा दिया गया था। तीन बजे कार्यक्रम था, लेकिन वह नाव रास्ते में रेत के टीले पर फंसकर खराब हो जाने के कारण नहीं पहुंच पाई। बछेंद्री पाल के जिले में ही नहीं आने की सूचना पर एनसीसी कैडेटों और स्कूली बच्चों ने हंगामा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें दोपहर दो बजे से ही बैठा दिया गया है। उन्हें खाने के लिए भी केवल बिस्किट का एक पैकेट ही दिया गया है। बच्चों ने बताया कि तट पर रात में प्रकाश की व्यवस्था भी नहीं की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ बच्चे रो भी पड़े। बच्चों का हंगामा देखकर रात करीब सवा सात बजे अधिकारियों ने उन्हें घर भेजने के आदेश दिए। शहर के बच्चों को ही मौके पर रोका गया।
शार्टसर्किट से उठी चिंगारी, मची अफरातफरी
एक बच्चे ने एनसीसी का ढोल बिजली के तार के पास रख दिया तो इससे ढोल में करंट फैल गया और चिंगारी उठने लगी। इससे अफरा तफरी मच गई। बाद में किसी तरह से ढोल को बिजली के तार से अलग किया गया। यदि तार को अलग नहीं किया जाता तो कोई अप्रिय घटना घट सकती थी। समय रहते एक बच्चे के साहसिक प्रयास से बड़ा हादसा होने से बच गया।
बछेंद्रीपाल और उनकी टीम से पुलिस का संपर्क एसओ मंडावर से हो गया है। उन्होंने पुलिस को बताया है कि वह और उनकी टीम पूरी तरह से सुरिक्षत है। रात को वहीं रुकेंगे और सुबह निकल आएंगे।
- उमेश कुमार सिंह, एसपी बिजनौर
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