किंग खान की आने वाली फिल्म ज़ीरो की पटकथा मेरठ से जुड़ी है। फिल्म में शाहरुख खान को मेरठ का बाशिंदा बताया गया है। बॉलीवुड के बाजीगर की तरह तमाम अभिनेताओं की फिल्मों से मेरठ जुड़ने लगा है। यानी अब बॉलीवुड में मेरठ का नाम केवल मंदाकिनी, अरुण गोविल, भारत भूषण या विशाल भारद्वाज के लिए ही नहीं लिया जाता बल्कि मेरठ निर्माता-निर्देशकों की नज़र में शूटिंग का हॅाट स्पॉट भी बन रहा है। आनंद एल राय की ज़ीरो, मेरठिया गैंगस्टर, विनोद कापड़ी की मिस टनकपुर हाजिर हों जैसी फिल्मों की शूटिंग मेरठ में होने के बाद बड़े निर्देशकों की लोकेशन लिस्ट में मेरठ का नाम शामिल हो चुका है। अच्छी लोकेशन, दिल्ली से बढ़ती कनेक्टिविटी के कारण निर्देशकों के कदम लगातार मेरठ की माटी में पड़ रहे हैं।
बॉलीवुड निर्देशकों को पसंद आ रही ये लोकेशन, फिल्म 'जीरो' में दिखेगा ऐतिहासिक घंटाघर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1857 की क्रांति वाले मेरठ में आज भी पुराने शहर का ऐतिहासिक लुक कई स्थानों पर बरकरार है। पुरानी हवेलियां, बाग, मेले व मंदिरों का वही पुराना लुक आज भी मेरठ शहर व देहात में अपना वही अस्तित्व रखता है जो उस जमाने में हुआ करता था। लोकेशन की दृष्टि से यह बातें फिल्मों की पहली दरकार होती हैं। फिल्म शूटिंग के हर पायदान पर खरा उतरता मेरठ अब निर्माताओं की पसंद बन रहा है।
वहीं यूपी सरकार की नई फिल्म नीति व यूपी फिल्म सब्सिडी योजना भी निर्माताओं को मेरठ व आसपास के शहरों में आकर शूटिंग करने के लिए आकर्षित कर रही है जिसका असर मेरठ में लगातार हो रही फिल्मों की शूटिंग से साफ नजर आता है। हालिया रिलीज फिल्म बधाई हो में भी मेरठ के किस्से शामिल हैं। मेरठ की मोनिका कोहली ने कंगना रनौत की फिल्म क्वीन में भूमिका निभाई है।
छोटे शहर बन रहे दर्शकों की पसंद
कानपुर, लखनऊ व आगरा तो पहले ही निर्देशकों की प्राथमिकता सूची में शामिल रहे हैं, लेकिन अब बरेली, मथुरा, वाराणसी, झांसी, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर जैसे छोटे शहर निर्माताओं की पसंद बन रहे हैं। बुलेट राजा, निल बटे सन्नाटा, रुदाली, तनु वेड्स मनु, टॉइलेट एक प्रेम कथा, पैडमेन, दम लगाके हईशा, पीपली लाइव, ओमकारा, अलीगढ़, सुल्तान, मुक्काबाज, दंगल, शादी में जरूर आना, गैंग्स ऑफ वासेपुर, डेढ़ इश्किया, लगान, जल, भोपाल अ प्रेयर फॉर रेन, पार्च्ड, मांझी द माउंटनमैन जैसी फिल्में इसका उदाहरण हैं कि दर्शक महंगे बाजारों की चमक-दमक के बजाय छोटे शहर देखना पसंद कर रहे हैं।
आसपास शूटिंग की अच्छी लोकेशन
मेरठ के सरधना, मवाना, छावनी के कई पुराने बंगले, हवेलियों, शहर के पुराने मंदिरों, पुराने मोहल्लों, मेरठ-दिल्ली बाईपास, मेरठ-हरिद्वार एनएच से सटे फार्म हाउस व गांव, परीक्षितगढ़ के पुराने मंदिर, हस्तिनापुर में कौरवों-पांडवों का इतिहास बयां करता टीला व मंदिर एवं खंडहर में शूटिंग लोकेशन हैं। मेरठ से सटी उत्तराखंड की पहाड़ियों, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली में भी कई ऐसे स्थान हैं जहां शूटिंग के लिए अच्छे दृश्य हैं। जो निर्माता-निर्देशकों की नज़र में हैं।