बसपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य अरुण चौधरी की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। वह एक युवक को जान से मारने के लिए पिस्तौल लेकर पीछे रहा है। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। युवक की तहरीर पर पुलिस ने अरुण और उसके साथी ईशु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
यूपी: जिला पंचायत सदस्य की खुलेआम गुंडागर्दी, बढ़ी खून-खराबे की आशंका, सबूत हैं ये तस्वीरें
ये था पूरा मामला
इंचौली क्षेत्र के गांव मसूरी निवासी अरुण चौधरी वार्ड-25 से जिला पंचायत सदस्य बना है। गांव में ही अरुण की रंजिश चल रही है। पुलिस के मुताबिक रविवार को गांव के इंद्रजीत नाम के युवक से अरुण की कहासुनी हो गई। सोमवार सुबह मसूरी बस स्टैंड पर इंद्रजीत व अरुण के बीच फिर कहासुनी हो गई। आरोप कि अरुण ने इंद्रजीत की पिटाई कर दी और गोली भी चला दी। वह किसी तरह बच गया और जान बचाने के लिए भागने लगा।
अरुण पिस्टल लेकर उसके पीछे भागा, उसके साथ ईशु भी डंडा लेकर दौड़ने लगा। इंद्रजीत ने एक घर में घुसकर जान बचाई। इंद्रजीत की तहरीर पर इंचौली पुलिस ने जानलेवा हमला, मारपीट व धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस को मिल गई है।
चुनाव की रंजिश से मसूरी में खूनखराबे की आशंका
इंचौली क्षेत्र के मसूरी गांव में जिला पंचायत सदस्य अरुण चौधरी और पूर्व प्रधान यशपाल सिंह के बीच विवाद है। बताया है कि यह विवाद प्रधानी चुनाव से शुरू हुआ। अबकी बार मसूरी गांव से अरुण चौधरी और योगेश प्रधान के बीच जिला पंचायत चुनाव में जबरदस्त टक्कर हुई। इसमें अरुण ने जीत हासिल कर ली।
अब लगातार दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टिप्पणी कर रहे हैं। इंद्रजीत के साथ हुई घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। अरुण का आरोप है कि इंद्रजीत सिंह को पूर्व प्रधान यशपाल सिंह बार-बार विवाद करने के लिए उकसा रहे हैं। उनके कहने पर वह कमेंटबाजी कर रहा था।
थाने में हुआ था अरुण और इंद्रजीत का विवाद
रविवार देर रात इंचौली थाने की पुलिस मसूरी गांव से एक युवक को उठाकर लाई थी। इस मामले में उक्त युवक के दोनों भाइयों के साथ अरुण थाने में पैरवी के लिए गए थे। इसी दौरान पूर्व प्रधान यशपाल सिंह की कार लेकर इंद्रजीत थाने में पहुंच गए। वहां पर भी अरुण और इंद्रजीत के बीच विवाद हुआ। दोनों में एक-दूसरे के बीच गाली गलौज तक भी हुई। मामला तूल पकड़ता कि इंद्रजीत वहां से आ गया।
पुलिस की लापरवाही से हुआ मामला
प्रकरण में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। रविवार रात थाने में जब दोनों में विवाद हुआ था, तभी पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसका नतीजा सोमवार सुबह देखने को मिला। इंद्रजीत और अरुण चौधरी के बीच फिर कमेंटबाजी को लेकर विवाद हो गया और गोली तक चल गई। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी।
मेरा कोई लेना-देना नहीं
मेरा अरुण के साथ कोई भी विवाद नहीं। जो जैसा करेगा, वैसा ही भरेगा। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में अरुण हाथ में पिस्टल लेकर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं, वह गोली चला रहे हैं। अरुण व उसके चाचा योगेश प्रधान आमने-सामने जिला पंचायत चुनाव लड़े हैं। मेरा उससे कोई भी लेना देना नहीं है। - यशपाल सिंह, पूर्व प्रधान मसूरी
मुझे फंसाया जा रहा
साजिश के तहत मुझ पर मुकदमा दर्ज कराया गया। पूर्व प्रधान यशपाल सिंह के इशारे पर इंद्रजीत ने अभद्रता की। वह मुझे मारने आया था। अवैध पिस्टल भी इंदरजीत से मैंने छीनी। जिला पंचायत का चुनाव मैं जीत गया हूं। जिसके चलते मुझे झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाना चाहते हैं। - अरुण चौधरी, जिला पंचायत सदस्य
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