करीब दस साल बाद जेल से बाहर आया कुख्यात बदमाश उधम सिंह उस समय सुर्खियों में आ गया, जब उसने राजनीति में उतरने का मन बना लिया। साथ ही उसने कहा कि वह पहले से ही बीजेपी में है और उसकी पत्नी दो साल से चेयरमैन है। अपराध से तौबा-तौबा करने वाले कुख्यात उधम सिंह को पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब उसके खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने रासुका की कार्रवाई भी की है। उसे जेल में तामिल कराया गया है।
उधर, पुलिस का कहना है कि उधम सिंह शातिर अपराधी है और वह जेल से छूटने के बाद लगातार अपने गुर्गों के साथ बैठकें कर रहा था। मेरठ में सरूरपुर के करनावल निवासी कुख्यात उधम सिंह 12 दिन ही जेल से बाहर रहा और इन 12 दिनों में ही उसने अपना रूप दिखा दिया। खास बात है कि भाजपा में शामिल होने का कार्यक्रम भी उसने अपने घर पर रखा था, लेकिन उससे पहले बखेड़ा हो गया। उधम सिंह ने बैंक के कर्मचारियों को बुलाकर धमकाया और तीन-तीन लाख रुपये का लोन 30 लोगों को देने के लिए दबाव बनाया।
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कुख्यात उधम सिंह
- फोटो : amar ujala
इसके बाद बैंक मैनेजर गौरव राजपूत की तहरीर पर सरूरपुर थाने में उधम सिंह के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया गया। केस दर्ज होने के बाद के पुलिस ने उधम सिंह को पकड़ लिया और फिर से जेल भेज दिया। वहीं शुक्रवार को उधम सिंह के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई। अब कुख्यात उधम सिंह रासुका में निरुद्ध है।
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गिरफ्तारी के बाद पुलिस थाने में कुख्यात उधम सिंह
- फोटो : Amar Ujala Meerut
रच रहा था खूनखराबे की साजिश
कुख्यात उधम सिंह फिर से खूनखराबा करने की साजिश कर रहा था। जेल से छूटकर वह लगातार शूटरों को बुलाकर बैठक करता था। पुलिस ने उधम सिंह को जेल भेजने के बाद उसके 32 शूटरों को चिह्नित किया है। कौन शूटर सक्रिय है और उधम से कब-कब मिला है, इसकी जांच चल रही है। उनकी तलाश के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर दबिश देनी शुरू कर दी है।
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मेरठ में एसएसपी ऑफिस पहुंची उधम सिंह की मां।
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दस साल से जेल में बंद उधम सिंह दस जुलाई को बाराबंकी जेल से जमानत पर रिहा हुआ था। पुलिस का दावा है कि सिर्फ 12 दिन में उसने फिर से जरायम की दुनिया में नींव जमाना शुरू कर दिया। शूटरों को बुलाकर बैठकें भी करने लगा था। कई लोगों को धमकी भी दे रहा था।
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मेरठ: उधम की सिंह पत्नी।
- फोटो : amar ujala
कुख्यात उधम सिंह मेरठ, बागपत, बुलंदशहर समेत कई जिलों में खूनखराबा करने की साजिश रचने में लगा हुआ था। पुलिस की ओर से चिह्नित किए गए शूटरों के साथ चलता था। बैंक कर्मचारियों को धमकी देने में उसके साथ कई शूटर मौजूद थे। पुलिस ने गोपनीय जांच कराकर इन शूटरों के नाम पता लगाए हैं। इसमें कई नई उम्र के भी हैं। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस ने दबिश भी शुरू कर दी है।