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कपसाड़ कांड: 'पापा मुझे घर ले चलो', रूबी ने पिता और भाई से की ढाई घंटे बात, कड़ी सुरक्षा में पहुंची गांव

अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Mon, 12 Jan 2026 10:15 PM IST
सार

Meerut News: आशा ज्योति केंद्र से रूबी को उसके परिजनों और महिला पुलिसकर्मियों के साथ कपसाड़ गांव भेज दिया गया। वहीं गांव में तनाव के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा है। सोमवार को पड़ोसियों को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। 

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Kapsaad incident: 'Papa, take me home', Ruby talked to father and brother after two and a half hours
रूबी को आशा ज्योति केंद्र से ले जाते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
कपसाड़ कांड में दो दिन की काउंसिलिंग के बाद रूबी को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच परिजनों के साथ उसके घर कपसाड़ गांव ले जाया गया। रूबी ने अपने घर जाने की इच्छा जताई थी। पुलिस ने गांववालों के सामने उसे परिजनों को सुपुर्द किया।
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Kapsaad incident: 'Papa, take me home', Ruby talked to father and brother after two and a half hours
भाई से लिपटकर रोती रूबी। - फोटो : अमर उजाला
रूबी के कोर्ट में बयानों को लेकर अलग-अलग चर्चा चल रही थी। इस पर सोमवार को विराम लग गया। रूबी ने अपने परिवार के साथ इच्छा जाहिर की। दो दिन से रूबी की एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र पर काउंसिलिंग चल रही थी। सोमवार को पुलिस ने रूबी के भाई नरसी कुमार और पिता सतेंद्र सहित परिवार के अन्य सदस्यों को उससे मिलवाया। 
 
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Kapsaad incident: 'Papa, take me home', Ruby talked to father and brother after two and a half hours
आशा ज्योति केंद्र के बाहर रूबी का भाई नरसी। - फोटो : अमर उजाला
करीब ढाई घंटे परिजन और रूबी को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई। इस दौरान रूबी ने परिवार के साथ रहने और घर जाने की इच्छा जताई। दोनों की सहमति के बाद पुलिस फोर्स की मौजूदगी में रूबी और परिजन यहां से निकले और रात करीब आठ बजे कपसाड़ गांव पहुंचे। वहां बड़ी संख्या ग्रामीण रूबी को देखने के लिए पहुंच गए लेकिन पुलिस फोर्स ने ग्रामीणों को उनके घर के आसपास नहीं आने दिया। लिखापढ़ी के बाद सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने रूबी को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
 
Kapsaad incident: 'Papa, take me home', Ruby talked to father and brother after two and a half hours
आशा ज्योति केंद्र के बाहर तैनात पुलिस और निर्देश देतीं सीओ। - फोटो : अमर उजाला
आशा ज्योति केंद्र पर रहा पुलिस का पहरा
आशा ज्योति केंद्र में काउंसिलिंग और परिजनों के रूबी से मिलने के दौरान सीओ कैंट नवीना शुक्ला, सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी, सीओ सरधना आशुतोष कुमार के साथ कई थानों की फोर्स तैनात रही। सोमवार शाम जब रूबी को यहां से परिजनों के साथ भेजा गया तो वह पूरी तरह से कंबल में लिपटी थी। वह भाई नरसी कुमार के पीछे चल रही थी। सफेद रंग की कार तक महिला पुलिसकर्मियों की कड़ी घेराबंदी रही। कार में परिजनों के साथ रूबी के अलावा महिला पुलिसकर्मियों को भी बैठाया गया। छह वाहनों में सवार पुलिसकर्मी उनके साथ कपसाड़ पहुंचे।
 
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केंद्र पर पहुंचे रूबी के पिता। - फोटो : अमर उजाला
यह है मामला
सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में आठ जनवरी बृहस्पतिवार सुबह रूबी अपनी मां सुनीता के साथ गन्ने की छिलाई करने के लिए जा रही थी। गांव के बाहर रजबहे पर गांव के ही आरोपी पारस सोम ने रूबी का अपहरण कर लिया था। विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की फरसे से सिर पर वार कर हत्या कर दी थी। पीड़ित परिवार अनुसूचित जाति से है। इसे लेकर प्रदेश की सियासत में गरमाई हुई है। विपक्ष ने इस मामले को मुद्दा बनाया बनाया हुआ है। वारदात के तीसरे दिन शनिवार देर शाम को पुलिस ने युवती रूबी को सकुशल तलाश कर आरोपी पारस सोम को रूड़की से गिरफ्तार कर लिया था।
 
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