मेरठ मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने मेरठ शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। एक ओर 33 केवी हाईटेंशन लाइनों में फाल्ट आने से शहर के आठ बिजलीघर ठप हो गए वहीं दूसरी ओर नाले ओवरफ्लो होने से कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं।
UP: मेरठ में 68.2 मिमी बारिश, जलभराव से शहर बेहाल, आठ बिजलीघर ठप, 10 जुलाई तक बारिश के आसार
मेरठ में 68.2 मिमी बारिश से शहर की व्यवस्था चरमरा गई। आठ बिजलीघर ठप होने से कई इलाकों में छह घंटे तक बिजली और पेयजल संकट रहा, जबकि नाले उफनाने से कई कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है।
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देवलोक, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स समेत कई कॉलोनियां के रास्ते जलमग्न
बारिश के दौरान दिल्ली रोड पर नाला ओवरफ्लो होने से देवलोक, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, गुप्ता कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, माधवपुरम सहित कई कॉलोनियों में जलभराव हो गया। भूमिया पुल क्षेत्र की कई कॉलोनियों में गंदा पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई और कई लोगों ने वीडियो जारी कर शिकायत दर्ज कराई। शास्त्रीनगर, बच्चा पार्क, भैसाली मैदान और अन्य इलाकों में भी जलभराव रहा। नगर निगम की टीमों ने पंप और अन्य संसाधनों की मदद से पानी की निकासी शुरू कर दी।
दिल्ली रोड स्थित देवलोक कॉलोनी के ऋषभ, उज्ज्वल, विकास कुमार और सोनू ने बताया कि करीब छह घंटे तक बिजली नहीं आने से भारी परेशानी हुई। सोमदत्त सिटी बी ब्लॉक रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश चंद्र त्यागी ने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक बिजली गुल रहने से इन्वर्टर बंद हो गए और लोगों को पीने का पानी तक नहीं मिला।
भगवतपुरा निवासी गिरीश मोहन भारद्वाज ने बताया कि लिसाड़ी गेट बिजलीघर से हटाकर शारदा रोड बिजलीघर के भूमिया पुल फीडर से जोड़ने के बाद बिजली व्यवस्था और खराब हो गई है। मंगलवार को दिनभर में केवल दो घंटे बिजली मिली, जिससे पेयजल संकट भी पैदा हो गया। मानसरोवर कॉलोनी के डॉ. गौरव मित्तल ने बताया कि दोपहर बाद से देर रात तक रुक-रुक कर बिजली कटौती होती रही। जेल चुंगी व्यापार मंडल के अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय रोड बिजलीघर की आपूर्ति बंद रहने से किला रोड क्षेत्र में भी लोगों को भारी दिक्कत उठानी पड़ी।
नगर निगम के अधिकारी पहुंचे मौके पर
शहर में जलभराव की सूचना मिलते ही नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, अपर नगर आयुक्त समेत नगर निगम के अधिकारी विभिन्न इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे। कई स्थानों पर जेसीबी और पंप लगाकर जलनिकासी कराई गई। निगम की टीमें देर रात तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में पानी निकालने में
जुटी रहीं।
मुख्य अभियंता मेरठ जोन प्रथम रजनीकांत मिश्र ने बताया कि 33 केवी हाईटेंशन लाइन में फाल्ट आने से आठ बिजलीघरों की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। बारिश के बीच ही टीमों को लगाकर फाल्ट दूर कराया गया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने कहा कि देवलोक, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और इंडस्ट्री क्षेत्र की व्यवस्था यूपीसीडा देख रहा है। दिल्ली रोड पर नाले का प्रवाह बनाए रखने के लिए बारिश शुरू होते ही जेसीबी लगा दी गई थी। टीमें लगातार जलनिकासी में लगी रहीं और देर रात तक कार्य जारी रहा।
निर्माणाधीन सड़कों पर कीचड़, वाहन फिसले
वेस्टर्न कचहरी रोड, मेट्रो प्लाजा से भूमिया पुल रोड, शारदा रोड, ट्रांसपोर्ट नगर तथा कमिश्नर आवास चौराहे से सर्किट हाउस तक सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क और नाला निर्माण कार्य चल रहा है। बारिश के कारण इन मार्गों पर कीचड़ फैल गया और निर्माणाधीन नाले ओवरफ्लो हो गए। कई वाहन फिसल गए तथा राहगीर घायल हुए। लोगों ने निर्माण कार्य और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई।
10 जुलाई तक मेहरबान रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को शहर में 68.2 मिमी बारिश हुई। मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। 10 जुलाई तक रुक-रुककर हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही मानसूनी गतिविधियों के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहा तो भूजल स्तर में सुधार होगा, तालाब और जलाशय भरेंगे तथा वातावरण में प्रदूषण का स्तर भी कम होने की उम्मीद है। किसानों के लिए भी यह बारिश खरीफ सीजन की मजबूत शुरुआत साबित हो सकती है।