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UP: इन सीटों पर बसपा खेल सकती है मुस्लिम कार्ड, चुनाव से पहले ये परिवार हो सकता है हाथी पर सवार; वापसी का गणित
Wed, 08 Jul 2026 11:06 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 08 Jul 2026 11:06 AM IST
सार
यूपी में मेरठ शहर और दक्षिण विस सीटों पर बसपा मुस्लिम कार्ड खेल सकती है। चुनाव से पहले एक परिवार हाथी पर सवार हो सकता है। रणनीतिकारों का दावा है कि मेरठ की सातों सीटों पर मजबूत प्रत्याशी उतारे जाएंगे।
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बसपा सुप्रीमो मायावती
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी के नारे को बसपा आगामी विधानसभा चुनाव में साकार करने के फार्मूले पर काम कर रही है। इसके लिए पार्टी मेरठ शहर और दक्षिण विधान सभा सीटों पर मुस्लिम कार्ड खेल सकती है। कहा जा रहा है कि विस चुनाव से पहले अखलाक परिवार हाथी की सवारी कर सकता है।
वर्ष 2012 के विस चुनाव के बाद से बसपा का ग्राफ यूपी में लगातार गिरता चला गया। बसपा ने पूर्व में दलित, मुस्लिम, ओबीसी और ब्राह्मणों को साधकर यूपी की सत्ता हासिल की थी। मुस्लिम, ओबीसी ने जब से बसपा से किनारा किया तो बसपा पश्चिमी यूपी से पूरी तरह साफ हो गई।
अब फिर से बसपा सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम यूपी की सत्ता में वापसी का गणित बैठा रही है। अगर हम मेरठ शहर और मेरठ दक्षिण विधान सभा सीट की बात करें तो ये दोनों सीटें मुस्लिम बाहुल्य मानी जाती हैं। जातीय आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर सीट पर 1.70 लाख मुस्लिम मतदाता हैं।
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वर्ष 2012 के विस चुनाव के बाद से बसपा का ग्राफ यूपी में लगातार गिरता चला गया। बसपा ने पूर्व में दलित, मुस्लिम, ओबीसी और ब्राह्मणों को साधकर यूपी की सत्ता हासिल की थी। मुस्लिम, ओबीसी ने जब से बसपा से किनारा किया तो बसपा पश्चिमी यूपी से पूरी तरह साफ हो गई।
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अब फिर से बसपा सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम यूपी की सत्ता में वापसी का गणित बैठा रही है। अगर हम मेरठ शहर और मेरठ दक्षिण विधान सभा सीट की बात करें तो ये दोनों सीटें मुस्लिम बाहुल्य मानी जाती हैं। जातीय आंकड़ों पर नजर डालें तो शहर सीट पर 1.70 लाख मुस्लिम मतदाता हैं।
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बसपा का कोर वोट बैंक जाटव समाज की तादात 26 हजार है। इसी तरह मेरठ दक्षिण सीट पर 1.80 लाख मुस्लिम और 95 हजार दलित वोट बैंक है। इसीलिए मेरठ की इन दोनों सीटों पर बसपा मुस्लिम कार्ड खेलने की तैयारी में है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी मुनकाद अली का कहना है कि मुस्लिम समाज के प्रभावशाली नेताओं ने पार्टी से संपर्क किया है। इनके प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है।
मेरठ के पुराने बसपाई अखलाक परिवार की बसपा से करीबी छिपी नहीं है। राशिद अखलाक 2012 में बसपा से मेरठ दक्षिण सीट से विधान सभा चुनाव सिर्फ छह हजार वोट से हारे थे। इनके पिता शहर से विधायक रहे और भाई शाहिद अखलाक सांसद और मेरठ के महापौर रहे हैं। इसका फायदा उनको चुनाव में मिल सकता है।
पार्टी के नेताओं से लगातार संपर्क में हैं राशिद अखलाक
इसलिए बसपा से मेरठ शहर और दक्षिण विधान सभा में से किसी एक से टिकट की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में बसपा के जिलाध्यक्ष मोहित जाटव का कहना है कि पार्टी मेरठ शहर या दक्षिण विधान सभा सीट पर नहीं बल्कि मेरठ की सभी सातों सीटों पर मजबूत प्रत्याशी उतारेगी। बड़े स्तर पर सभाएं करके प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। राशिद अखलाक पार्टी के नेताओं से लगातार संपर्क में हैं।
इसलिए बसपा से मेरठ शहर और दक्षिण विधान सभा में से किसी एक से टिकट की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में बसपा के जिलाध्यक्ष मोहित जाटव का कहना है कि पार्टी मेरठ शहर या दक्षिण विधान सभा सीट पर नहीं बल्कि मेरठ की सभी सातों सीटों पर मजबूत प्रत्याशी उतारेगी। बड़े स्तर पर सभाएं करके प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। राशिद अखलाक पार्टी के नेताओं से लगातार संपर्क में हैं।