यूक्रेन में फंसे मेरठ के स्नेहाशीष ने पिता संतु को फोन कर बताया कि वह जिस अपॉर्टमेंट है उसके चारों तरफ धमाकों की आवाज आ रही है। शहर बंद है और खाने के लिए उसके पास सिर्फ ब्रेड बची है। स्नेह ने यूक्रेन में हो रहे बम धमाकों की वीडियो भेजते हुए कहा पापा देखो हमारे सामने ही बम फट रहे हैं।
आंखों देखी: मेरठ के स्नेहाशीष ने बताए यूक्रेन के हालात, बोला- पापा खाने में बची है सिर्फ ब्रेड, चारों तरफ हो रहे धमाके
जिला प्रशासन से नहीं किया किसी ने संपर्क
जिलाधिकारी के. बालाजी ने बताया कि यूक्रेन संकट को देखते हुए जिला प्रशासन यूक्रेन में फंसे जनपद के लोगों की मदद को पूरी तरह तैयार है। हालांकि अभी तक किसी के भी परिजनों ने उनसे संपर्क नहीं किया है। जो भी मदद को आएगा, उसकी हर संभव मदद कराई जाएगी।
हलालपुर के बृजवीर सिंह यूक्रेन में फंसे
हलालपुर छपरौली निवासी बृजवीर सिंह यूक्रेन के डेनिप्रो शहर में डेनिप्रो मेडिकल यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पिता तेजवीर सिंह खोखर ने बताया कि बेटे से लगातार बातचीत हो रही है। वहां के सभी छात्र घबराएं हैं और माहौल भी कुछ ठीक नहीं है। उसके साथ के करीब चार सौ छात्र अभी वहीं हैं। फिलहाल बाहर आवागमन पूरी तरह से बंद किया गया है।
पिता ने बताया कि बेटे के स्वदेश लौटने की अभी तक कोई सूचना तक नहीं है। घंटाघर निवासी जसीम भी रोहटा रोड के स्नेहाशीष के साथ यूक्रेन में फंसे हैं। उनके व्हाट्सएप नंबर पर कॉलिंग की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो पाया।
राज्य सरकार ने भी खोला कंट्रोल रूम
प्रदेश सरकार ने यूक्रेन में रह रहे राज्य के नागरिकों और छात्रों को सहायता पहुंचाने के लिए न केवल राज्य कंट्रोल रूम खोला है, बल्कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास कीव से समन्वय स्थापित करने के लिए शासन ने राहत आयुक्त एवं सचिव राजस्व विभाग रणवीर प्रसाद को नोडल अधिकारी बनाया है। नोडल अधिकारी यूक्रेन में मौजूद लोगों को स्वदेश लौटने में मदद दिलाने का काम करेंगे। राज्य कंट्रोल रूम का टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 0522-1070, 9454441081 है।