ढाई लाख के इनामी कुख्यात बदन सिंह बद्दो के फरार होने की कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है। रविंद्र हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे बदन सिंह बद्दो ने जेल से बाहर आने के लिए दो बार कोर्ट से पेरोल मांगी, लेकिन लेकिन पेरोल नहीं मिली। उसके बाद बद्दो ने जेल से भागने की योजना बनाई। पुलिस को अपने विश्वास में लेकर उसने ऐसी योजना बनाई कि फरार होने के तीन दिन बाद तक भी पुलिस की ग्यारह टीम उसका सुराग नहीं लगा सकीं। गाजियाबाद पेशी पर पहुंचने से लेकर उसके फरार होने की कहानी बिल्कुल किसी बॉलीवुड फिल्म की तरही ही लगती है: -
किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं है बदन सिंह 'बद्दो' के फरार होने की कहानी, देखें कैसे खरीद ली 'खाकी'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस की मानें तो बद्दो पेरोल पर आकर गायब होना चाहता था। पीड़ित रविंद्र का परिवार भी कानूनी लड़ाई लड़ता रहा। इसके चलते उसे पेरोल नहीं मिली। उसके बाद बद्दो ने जेल से फरार होने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया। बद्दो ने अपनी करोड़ों की संपत्ति समेटना शुरू किया। यहां तक कि पिछले दो साल से बद्दो फरार होने के बाद का बंदोबस्त करने में लगा हुआ था। पुलिस के अनुसार उसने अपनी गाड़ी बेची फर्रुखाबाद पुलिस से सांठ गांठ की और पुलिस कस्टडी से भागने की तैयारी की।
बद्दो ने पुलिसकर्मियों को अपने विश्वास में लेकर उनसे अपने तरीके से काम करवाया। मेरठ में 28 मार्च को प्रधानमंत्री की चुनावी रैली थी। इस दौरान गाजियाबाद के अलावा जोन के सभी जिलों की पुलिस व्यस्त थी। इस मौके को देखते हुए उसने फरार होने की योजना पर काम किया। फरार होने के बाद पुलिस को जल्दी मालूम न चले, यह भी योजना उसने बना रखी थी। करीब पांच घंटे बाद पुलिस को उसको भगाने वाले पुलिसकर्मियों ने सूचना दी। तब तक वह काफी दूर निकल चुका होगा। यह सब बद्दो की सोची समझी प्लानिंग थी।
फतेहगढ़ पुलिस बद्दो को 28 मार्च की शाम गाजियाबाद के लिए लेकर चली थी। उसकी गाड़ी के साथ-साथ बद्दो के मददगार भी रहे। रास्ते में रात में होटल में भी रुके थे। बद्दो अपने साथियों के साथ बातचीत करता रहा। लेकिन फतेहगढ़ पुलिस ने उन्हें टोकना भी मुनासिब नहीं समझा, क्योंकि सबकी जेब गर्म थीं। गाजियाबाद में आते ही उसकी पेशी हो गई। वहां से भी बद्दो को मेहमान की तरह गाजियाबाद पुलिस ने मेरठ के रास्ते निकालने की परमिशन दे दी।
गाजियाबाद कचहरी में बद्दो के साथ-साथ उसके गुर्गे घूमते और बातचीत करते रहे। लेकिन गाजियाबाद पुलिस ने उनकी चेकिंग करना तो दूर कुछ पूछना भी उचित नहीं समझा। बाकी कसर मेरठ पुलिस ने पूरी कर दी। फतेहगढ़ जिले की पुलिस दोपहर से बद्दो के साथ होटल मुकुट महल में मौजमस्ती कराती रही
‘भाई साहब आ रहे हैं, कैमरे बंद करवा दो’
होटल मुकुट महल से बदन सिंह बद्दो की फरारी में पुलिस जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार बद्दो के होटल में पहुंचने से आधा घंटा पहले ही उसके तीन साथी होटल में पहुंच गए थे। जिन्होंने होटल के मालिक मुकेश गुप्ता से कहा था कि भाईसाहब (बदन सिंह बद्दो) को होटल में कुछ देर रुकना है, खाना खाने के बाद फर्रुखाबाद के लिए निकल जाएंगे। इसलिए कैमरे बंद करा दो।