उत्तराखंड में बेमौसम बारिश से गंगा में आए उफान ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। खादर क्षेत्र के दस गांवों के सैकड़ों किसानों की सब्जी की फसल बर्बाद हो गई है। गन्ने के खेतों में पानी भरा है। जलस्तर अभी भी खतरे के निशान पर है, जिससे किसानों की मुश्किलें आने वाले दिनों में भी कम होने के आसार कम ही है।
बारिश और बाढ़ ने गांवों में मचाई तबाही: फसलें हुईं बर्बाद, चिंता में डूबे किसान, तस्वीरों में देखें मौके का हाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन फसलों को हुआ नुकसान
गन्ना, परमल, मूली, गोभी, गाजर समेत अन्य फसलों को नुकसान हुआ है।
प्रशासन ने नहीं की सुनवाई
भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकारिणी सदस्य आशीष शर्मा का कहना है कि प्रशासन के अधिकारियों को जानकारी दी गई थी। जलस्तर बढ़ने और फसलों के नुकसान की जानकारी दी, लेकिन अभी तक क्षेत्र में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने जरूर किसानों की समस्या सुनी है।
रामपुर ठकरा के रास्तों पर भर गया पानी
गंगा खादर के गांव रामपुर ठकरा के आने जाने के रास्ते बंद हो गए हैं। ग्रामीण सिर्फ ट्रैक्टरों पर सवार होकर ही यहां पहुंच रहे हैं।
सब्जियों के दाम आसमान पर
बारिश के बाद सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंचने शुरू हो गए हैं। गोभी का भाव 60 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है, जबकि तीन दिन पहले 45 रुपये प्रति किलो का भाव था। पालक का भाव 20 रुपये बढक़र 50 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। अन्य हरी सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं।
प्रशासन कराएगा नुकसान का आंकलन
एसडीएम जानसठ जयेंद्र कुमार का कहना है कि पानी उतरते ही किसानों के नुकसान का आंकलन कराया जाएगा। प्रशासन जलस्तर पर निगाह रखे हुए हैं। बाढ़ चौकियों भी अलर्ट पर हैं।
गंगा का जलस्तर घटा, किसानों की दिक्कतें बढ़ीं
उधर, हस्तिनापुर में गंगा के जलस्तर में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते खादर क्षेत्र के कई गांवों में भरा पानी कुछ कम हो गया है। लेकिन ग्रामीणों की दिक्कतें कम नहीं हुई हैं। खेत और संपर्क मार्गों पर अभी तक पानी भरा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर बिजनौर बैराज पर 94 हजार क्यूसेक पर आ गया है।
क्षेत्र के गांव दबखेड़ी, लतीफपुर, भीमकुंड, किशनपुर के बाहरी छोर पर पानी भरा हुआ है। कई गांव से पानी निकल कर जंगल में पहुंच गया है। हालांकि टूटे तटबंध से अभी तक पानी खादर क्षेत्र में आ रहा है। जब तक गंगा का पानी बाहर आता रहेगा, खादर क्षेत्र में जंगल जलमग्न रहेंगे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर बुधवार के मुकाबले कम है।