{"_id":"5e6540058ebc3eeb1f5b1d30","slug":"pratapgarh-planets-will-not-remain-hurdles-this-time-on-holi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"प्रतापगढ़: अबकी होली पर ग्रहों की नहीं रहेंगी अड़चनें, दिनभर बरसेगा रंग, उड़ेगा अबीर-गुलाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतापगढ़: अबकी होली पर ग्रहों की नहीं रहेंगी अड़चनें, दिनभर बरसेगा रंग, उड़ेगा अबीर-गुलाल
Mon, 09 Mar 2020 12:27 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 09 Mar 2020 12:27 AM IST
विज्ञापन
श्रीराम तिराहे पर होलिका जलाने को रखी लकड़ियां।
- फोटो : pratapgarh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रंगों के त्योहार होली पर इस बार ग्रहों की अड़चनें नहीं रहेंगी। एक दिन पूर्व होलिका दहन के दिन ही दोपहर में भरणी व भद्रा का असर खत्म हो जाएगा। प्रदोषकाल में गजकेसरी योग व ग्रहों के शुभ संयोग में जहां होलिका दहन होगा तो वहीं भोर से ही रंग व अबीर-गुलाल उड़ने लगेगा। दिनभर होली का उत्साह बना रहेगा। इधर, शहर से लेकर गांव तक होलिका दहन की तैयारी शुरू हो गई है।
कचहरी के बगल रंग व पिचकारी की सजी दुकानों पर खरीदारी करते लोग।
- फोटो : pratapgarh
रंगों के त्योहार होली का सभी को बेसब्री से इंतजार रहता है। होली की तैयारी को लेकर घरों में एक हप्ते पहले से ही तैयारी शुरू हो जाती है। गुझिया, नमकीन व लजीज व्यंजनों के साथ लोग दिनभर होली का धमाल मचाने की तैयारी में रहते हैं। मगर लोगों की तैयारी पर ग्रहों की अड़चनें भारी पड़ जाती हैं।
आमतौर पर भरणी, भद्रा व ग्रहों के दखल से होलिका दहन से लेकर रंग अबीर खेलने तक असमंजस की स्थिति बनी रहती है। ग्रहों के चलते होली का उत्सव फीका पड़ जाता है। मगर इस बार ऐसा नहीं है। लंबे समय के बाद होली पर्व पर ग्रहों की अड़चनें नहीं रहेंगी।
आमतौर पर भरणी, भद्रा व ग्रहों के दखल से होलिका दहन से लेकर रंग अबीर खेलने तक असमंजस की स्थिति बनी रहती है। ग्रहों के चलते होली का उत्सव फीका पड़ जाता है। मगर इस बार ऐसा नहीं है। लंबे समय के बाद होली पर्व पर ग्रहों की अड़चनें नहीं रहेंगी।
चौक में सजी रंग गुलाल की दुकानें।
- फोटो : pratapgarh
ज्योतिषाचार्य पं आलोक मिश्र ने बताया कि 9 मार्च यानी होलिका दहन के दिन सोमवार को सुबह से दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक ही भरणी-भद्रा रहेगी। इसके बाद खलल पैदा करने वाले ग्रहों की दखल दूर हो जाएगी। गोधूली बेला से प्रदोषकाल शुरू हो जाएगा।
शाम 6 बजकर 26 मिनट से शाम 8 बजकर 52 मिनट तक गजकेसरी योग है। जिसमें होलिका दहन करना शुभ होगा। हालांकि पूर्णिमा रात 11 बजकर 17 मिनट तक है।
इसमें भी होलिका दहन होगा। गजकेसरी योग से चूकने वाले इस दौरान होलिका दहन कर सकते हैं। होलिका दहन पर अग्नि प्रकृति सहायक है। उन्होंने बताया कि इसके बाद 10 मार्च होली के दिन भोर से ग्रहों का अच्छा संयोग बन रहा है। दिनभर किसी भी ग्रह की कोई अड़चन नहीं है। होली का उत्सव मना सकते हैं। दिनभर रंग, अबीर, गुलाल उड़ेगा।
शाम 6 बजकर 26 मिनट से शाम 8 बजकर 52 मिनट तक गजकेसरी योग है। जिसमें होलिका दहन करना शुभ होगा। हालांकि पूर्णिमा रात 11 बजकर 17 मिनट तक है।
इसमें भी होलिका दहन होगा। गजकेसरी योग से चूकने वाले इस दौरान होलिका दहन कर सकते हैं। होलिका दहन पर अग्नि प्रकृति सहायक है। उन्होंने बताया कि इसके बाद 10 मार्च होली के दिन भोर से ग्रहों का अच्छा संयोग बन रहा है। दिनभर किसी भी ग्रह की कोई अड़चन नहीं है। होली का उत्सव मना सकते हैं। दिनभर रंग, अबीर, गुलाल उड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाबागंज में होली के लिए दुकानों पर लगे मुखौटे व टोपियां।
- फोटो : pratapgarh
होलिका के दर्शन मात्र से ही दूर होंगे ग्रहों के दोष
पं आलोक मिश्र ने बताया कि प्रदोषकाल में गजकेसरी योग में होलिका दहन से शुभ फल प्राप्त होगे। होलिका के दर्शन से अरिष्ठ ग्रहों का दोष समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि होली पर बनने वाले योग इस बार शुभ फल प्रदान करेंगे। सभी को होलिका दहन के दौरान मौजूद रहकर पूजन अर्चन कर पुण्य का भागी बनना चाहिए।
विज्ञापन
होली के लिए दुकानों पर आयी रंग बिरंगी टोपियां।
- फोटो : pratapgarh