सहारनपुर में गंगोह क्षेत्र के गांव कुंडाकला निवासी नदीम के जैश-ए-मुहम्मद और तहरीक-ए-तालिबान के आतंकियों के संपर्क होने का खुलासा होने पर ग्रामीण भी हैरान हैं। नदीम के मामले को लेकर गांव में जगह-जगह चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीण बताते हैं कि नदीम किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखता था। वह खेत पर काम में या फिर मोबाइल फोन में व्यस्त रहता था।
पाकिस्तान में है रिश्तेदारी: ये थी आतंकी नदीम की दिनचर्या, खौफनाक राज जानकर ग्रामीण हैरान, सदमे में पिता
नदीम के मामले का खुलासा होने पर ग्रामीणों का उसके घर पर तांता लगा रहा। ग्रामीणों के जहन में भी अनेक सवाल खड़े हो रहे हैं। कोई ग्रामीण कहता है कि वह सीधा-साधा लड़का था, लेकिन उसके संपर्क आतंकियों से कैसे हो गए, इसका उन्हें भी यकीन नहीं हो रहा है।
सदमे में नदीम के पिता
नदीम के आतंकियों से संबंध होने का जब उसके पिता नफीस को पता लगा तो वह सदमे में आ गए। नफीस ने खुद को घर में कैद कर लिया। वह लोगों के सवालों के जवाब देते हुए भी परेशान हो चुके हैं। हर कोई नदीम के बारे में जानने को लेकर नफीस और उनके परिजनों से बात कर रहा है, लेकिन नफीस बार-बार सबको कहते हैं कि, उन्हें ही नहीं पता कि उनका पुत्र आतंकियों के संपर्क में कैसे आ गया।
30 साल से रह रहा परिवार
नकुड़ के गांव ढिकाकला निवासी दनफीस की शादी 30 वर्ष पूर्व कुंडाकला निवासी जिला की पुत्री जरीना के साथ हुई थी। पिता के अकेली लड़की होने के कारण नफीस कुंडाकला में ही बस गया था। यहां पर उसके पांच बेटे और दो लड़कियां पैदा हुई। नदीम पांच बेटों में तीसरे नंबर का पुत्र है। उसने गांव में रहकर ही पढ़ाई की है। अभी तक नदीम की शादी भी नहीं हुई है।
माता-पिता की है पाकिस्तान में रिश्तेदारी
पिता और मां की रिश्तेदारी पाकिस्तान में होने की वजह से नदीम का जुड़ाव भी पाकिस्तान से हो गया। एक सप्ताह पूर्व जब एटीएस ने कुंडाकला से नदीम और उसके भाई तैमूर को उठाया तो पूरा गांव अचंभित हो गया। पहले से ही बीमार माता-पिता को इस बात का पता लगा तो उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई।