रूस के यूक्रेन पर हमले से शामली जनपद में परेशानी बढ़ गई है। शामली जिले के कई बच्चे एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए अपने परिवार से दूर यूक्रेन में फंस गए हैं। अभी तक सारी स्थिति सामान्य सी लग रही थी लेकिन, गुरुवार सुबह अचानक हुए हमले के कारण हवाई यात्रा प्रभावित हो गई। जो बच्चे घर आने की आस लगाए बैठे थे, वह सरकार से मांग कर रहे हैं कि उनकी जल्द से जल्द देश वापसी का इंतजाम किया जाए।
यूक्रेन में अटकीं सांसें: दो किलोमीटर दूर हुए धमाके, बंकर में छिपकर बचाई जान, बेबस छात्रों की कहानियां सुन सहम जाएंगे आप
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एटीएम खाली हो गए, खाने-पीने की हुई दिक्कत
धीमानुपरा निवासी प्रभात भार्गव के दो बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं। पुत्र अंश और पुत्री मानवी वहां इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन पर हुए हमले के बाद से दोनों भाई-बहन घर वापसी को लेकर काफी चिंतित हैं। अंश और मानवी ने बताया कि हम राजधानी से काफी दूर हैं। इसलिए ऐसा लग रहा था कि यहां कुछ नहीं होगा। लेकिन बुधवार की रात से उनसे कुछ किलोमीटर की दूरी पर धमाके हुए। फाइटर प्लेन की आवाज पूरी रात गूंजती रही। वहां की सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया है। भारतीय दूतावास ने उन्हें बाहर न निकलने की एडवायजरी जारी की है। यहां एटीएम खाली हो गए हैं और खाने-पीने के सामान की भी दिक्कत होने लगी हैं। बच्चों को लेकर पिता प्रभात भार्गव और माता रश्मि भार्गव काफी चिंतित हैं।
बच्चों से दो किलोमीटर दूर हुए धमाके
बुढ़ाना रोड बलभद्र निवासी प्रमोद मलिक का पुत्र कुशाग्र भी इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। कुशाग्र ने भी यूक्रेन पर हुए हमले के बाद परिजनों से बात की। बताया कि करीब दो किलोमीटर दूर धमाके हो रहे हैं। बच्चे अपने हॉस्टलों में कैद हैं। जिससे वह और बाकी छात्र घबराए हुए हैं। सरकार से हमारी मांग है कि बच्चों को वहां से जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी कराए।
हर तरफ है अफरातफरी का माहौल
मोहल्ला पंसारियान निवासी मोहम्मद शाहिद अपनी बेटी जवेरिया नूर की सलामती को लेकर परेशान हैं। उनकी बेटी भी इवानो फ्रैंकिवस्क नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष की छात्रा है। उन्होंने बताया कि यूक्रेन में इस समय भारी अफरातफरी का माहौल है। बच्चे आज कुछ समय के लिए अपने हॉस्टल से बाहर निकले और खाने-पीने का कुछ दिनों का सामान खरीदा। वह बेटी से लगातार फोन के माध्यम से संपर्क में हैं। खुदा से सभी बच्चों की सलामती और जल्द ही सुरक्षित देश वापसी की दुआ कर रहे हैं।
जलालाबाद का एक छात्र व एक छात्रा यूक्रेन में फंसे
जलालाबाद कस्बे के मोहल्ला मोहमदीगंज निवासी डॉ. धर्मवीर पाल का पुत्र ईशु सिद्धार्थ पाल एमबीबीएस में चतुर्थ व डॉ. सोमनाथ पच्चीसिया की पुत्री ईशा पच्चीसिया तृतीय वर्ष यूक्रेन की विनिस्या यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं। ईशू सिद्धार्थ ने अपने घर पर वीडियो कॉल के माध्यम से दिखाया कि किस तरह से वहां पर गोलाबारी हो रही है। वहां पर सभी बच्चे दहशत में है। ईशू ने बताया कि रात्रि तीन बजे भारी गोलाबारी हो रही है। वाहनों व बिल्डिंगों पर मिसाइल से हमले किए जा रहे हैं। सब छात्रों को कई दिनों से उनके कमरों से बाहर निकलना बंद किया हुआ है। जिससे उनको खाने पीने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।