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शुभ दीपावली आज: बन रहा दुर्लभ योग, इस विधि से करें पूजा, चमक जाएगी आपकी किस्मत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 07 Nov 2018 12:55 PM IST
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diwali 2018
अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला पर्व दिवाली पर इस बार दुर्लभ योग बन रहा है। इस साल कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि सात नवंबर को है और इसी दिन दीपावली मनाई जाएगी । यह तिथि अमावस्या तिथि बुधवार रात 9.19 बजे तक रहेगी। एक ओर जहां उदया तिथि में अमावस्या का मान सूर्योदय से ही मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदोष काल का भी उत्तम योग मिल रहा है। आगे की स्लाइड्स में जानिए...
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dev deepawali
- फोटो : अमर उजाला
धर्मशास्त्रों में दीपावली के पूजन में प्रदोष काल गृहस्थों एवं व्यापारियों के लिए अहम होता है। दिन-रात के संयोग काल को ही प्रदोष काल कहते हैं, जहां दिन विष्णु स्वरूप हैं वहीं रात माता लक्ष्मी स्वरुपा हैं, दोनों के संयोग काल से प्रदोष काल बनता है। इस काल में दीपावली पूजन का श्रेष्ठ विधान है और इसमें दीप जलाना उत्तम फलदायक होता है। प्रदोष काल शाम 5.19 से 7.53 बजे तक रहेगा। पूजन एवं खाता पूजन के लिए शुभ मुहूर्त स्थिर लग्न वृश्चिक दिन 7.16 बजे से लेकर 9.33 तक रहेगा।
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दीपावली के दिन श्री महागणपति, महालक्ष्मी एवं महाकाली की पौराणिक और तांत्रिक विधि से साधना-उपासना का विधान है। ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि ब्रह्मपुराण में लिखा है कि कार्तिक की अमावस्या को अर्द्धरात्रि के समय लक्ष्मी महारानी गृहस्थों के मकानों में जहां-तहां विचरण करती हैं। इसलिए मकानों को सब प्रकार से स्वच्छ, शुद्ध और सुशोभित करके दीपावली अथवा दीपमालिका बनाने से लक्ष्मी प्रसन्न होती है।
Diwali
- फोटो : file photo
शाम को दीपमालिका और दीपवृक्ष आदि बनाकर खजाने में या घर में अन्य जगहों पर वेदी बनाकर चौकी-पाटे आदि पर अक्षतादि से अष्टदल लिखें और उस पर लक्ष्मी का स्थापना करके लक्ष्म्यै नम:, इन्द्राय नम: और कुबेराय नम: का मंत्र जपना चाहिए।
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- फोटो : file photo
कार्तिक मास की अमावस्या को मां लक्ष्मी भगवान गणेश का पूजन करने का विधान है। कहा जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी का पूजन स्थिर लग्न में करना चाहिए। गणेश जी के दाहिने भाग में माता महालक्ष्मी को स्थापित करना चाहिए। मोक्ष की प्राप्ति के लिए वामावर्त सूंड़ वाली, लौकिक भौतिक सुख की कामना के लिए दक्षिणावर्त सूंड़ वाली भगवान गणेश की प्रतिमा घर में स्थापित करना चाहिए। इस वर्ष दीपावली बुधवार के दिन पड़ रही है। प्रथम पूज्य आदि देव गणेश की उत्पत्ति बुधवार को हुई थी। इसलिए इस दिन गणेश पूजा करने वाले व्रत रहने वाले और आदि देव की पूजा-अर्चना करने वालों पर विशेष कृपा बरसेगी।
