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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   10-Foot Trees Went Missing Questions Raised Over Agra Nagar Nigam’s Tree Translocation Claim

गजब का कारनामा: दिल्ली गेट से दो किमी दूर पहुंचे पॉम के पेड़, इतने हो गए छोटे; कि गमलों में समा गए

Sat, 15 Aug 2026 09:31 AM IST
Dhirendra Singh अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 15 Aug 2026 09:31 AM IST
सार

सीएम ग्रिड रोड निर्माण के लिए दिल्ली गेट से हटाए गए 95 पेड़-पौधों में 50 को भगवान टॉकीज फ्लाईओवर पर शिफ्ट करने का निगम ने दावा किया है। पड़ताल में वहां पुराने बड़े पेड़ों की जगह गमलों में एक-दो फीट के नए पौधे मिले, जिससे ट्रांसलोकेशन पर सवाल उठे हैं।

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10-Foot Trees Went Missing Questions Raised Over Agra Nagar Nigam’s Tree Translocation Claim
गजब का कारनामा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा नगर निगम के इंजीनियरों की कारस्तानी का एक और नमूना सामने आया है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली सीएम ग्रिड रोड के निर्माण के लिए दिल्ली गेट से हरीपर्वत के बीच डिवाइडर पर लगे 95 पेड़-पौधे उखाड़ दिए। आरटीआई के तहत सवाल पूछे जाने पर बताया कि 50 पेड़ ट्रांसलोकेट कर भगवान टॉकीज फ्लाईओवर पर लगाए गए हैं। बाकी नर्सरी भेज दिए गए।
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अमर उजाला ने जब पड़ताल की तो फ्लाईओवर के डिवाइडर पर सीमेंट के छोटे गमलों में एक-दो फीट के कनेर और बोगनबिलिया के पौधे लगे मिले। पाम के 10 से 15 फीट ऊंचे पेड़ गायब हो गए। फ्लाईओवर पर दिल्ली गेट से उखाड़े गए पेड़ों का नामोनिशान तक नहीं मिला। बड़ा सवाल ये है कि यदि पेड़ शिफ्ट किए गए तो दो किमी. की दूरी में 10 से 12 फीट तक कैसे छोटे हो गए।
 
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हरीपर्वत चौराहे से दिल्ली गेट के बीच नगर निगम ने जिन पेड़ों को उखाड़ा वे दो साल पहले ही लगाए गए थे। डिवाइडर पर पाम, नीम, शीशम आदि पेड़ों के बीच कनेर, बोगनबिलिया जैसे फूलदार पौधे लगे थे।

 
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बिना अनुमति उखाड़े गए पेड़
दो माह पहले सीएम ग्रिड का काम शुरू करते ही कार्यदायी संस्था श्रीराम कंस्ट्रक्शन ने पेड़ काटने की अनुमति लेने की जगह पूरा डिवाइडर ही उखाड़ दिया। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शरद गुप्ता ने आरटीआई के तहत जब निगम से जवाब मांगा तो उन्हें दिल्ली गेट से पौधों को भगवान टॉकीज फ्लाईओवर पर ट्रांसलोकेट करने की जानकारी दी गई।
 

टीटीजेड में ये है नियम
10,400 वर्ग किमी. क्षेत्र में फैले टीटीजेड के आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा और भरतपुर जिलों में पेड़ों को काटने पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध लगा रखा है। पेड़ काटने, ट्रांसलोकेट करने की अनुमति सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) से लेनी होती है। ताज और किले के पांच किमी. दायरे में अनुमति सिर्फ सुप्रीम कोर्ट से ही मिलती है।
 

दर्ज कराई जाए प्राथमिकी
पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता का कहना है कि दिल्ली गेट पर हरियाली उजाड़ दी गई। पीपल का 100 साल पुराना पेड़ भी जानबूझकर खुदाई कर गिरा दिया गया। किसकी इजाजत से पाम, नीम के पेड़ शिफ्ट किए गए। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। टीटीजेड अथॉरिटी प्राथमिकी दर्ज कराए। 

 

फ्लाईओवर पर लगवाए पेड़-पाैधे
उप नगर आयुक्त व उद्यान प्रभारी डॉ. सरिता सिंह ने बताया कि सीएम ग्रिड का काम शुरू करने के लिए पेड़-पौधे ठेकेदार ने हटाए थे। हमने फ्लाईओवर पर शिफ्ट कर लगवा दिए हैं। निर्माण विभाग के इंजीनियरों से अनुमति लेने के बाद ही पेड़ हटाने को कहा गया था। पाम के पेड़ सूख चुके थे, इसलिए उन्हें हटवा दिया गया। 
 
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