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UP: 'पहले आओ-पहले पाओ' स्कीम भी फेल, चार साल से नहीं बिके फ्लैट; ADA की करोड़ों की हाउसिंग परियोजना पड़ी सूनी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:06 AM IST
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सार
ताजनगरी द्वितीय चरण स्थित एडीए हाइट्स परियोजना में 170 फ्लैट चार साल बाद भी नहीं बिक सके हैं। दो बार बल्क सेल के प्रयास विफल रहने के बाद तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है, जबकि खरीदार न मिलने से नए टावर का निर्माण भी रोक दिया गया है।
एडीए हाइट्स
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
ताजनगरी द्वितीय चरण स्थित एडीए हाइट्स आवासीय परियोजना के फ्लैटों को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। पहले आओ-पहले पाओ स्कीम पूरी तरह फेल हो गई है। तमाम प्रयासों के बावजूद 9 टावरों में 170 फ्लैट अब भी खाली पड़े हैं। चार साल पहले ही इन्हें अलोकप्रिय संपत्ति घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) इन्हें बल्क सेल (एकमुश्त बिक्री) के जरिए भी नहीं बेच पा रहा है।
एडीए हाइट्स परियोजना का निर्माण वर्ष 2010-11 में किया गया था। इसके तहत 9 टावरों में 1, 2, 3 और 4 बीएचके के कुल 582 फ्लैटों का निर्माण कराया गया था। 170 फ्लैट न बिकने के कारण प्राधिकरण की 147वीं बोर्ड बैठक 1 जून 2022 में इन्हें अलोकप्रिय संपत्ति की श्रेणी में रखने का निर्णय लिया गया था। छह माह पूर्व हुई बोर्ड बैठक में इनकी बल्क सेल का प्रस्ताव पास हुआ था, जिसके बाद एडीए ने दो बार टेंडर निकाले, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। अब तीसरी बार बल्क सेल के लिए टेंडर निकाला गया है।
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एडीए हाइट्स परियोजना का निर्माण वर्ष 2010-11 में किया गया था। इसके तहत 9 टावरों में 1, 2, 3 और 4 बीएचके के कुल 582 फ्लैटों का निर्माण कराया गया था। 170 फ्लैट न बिकने के कारण प्राधिकरण की 147वीं बोर्ड बैठक 1 जून 2022 में इन्हें अलोकप्रिय संपत्ति की श्रेणी में रखने का निर्णय लिया गया था। छह माह पूर्व हुई बोर्ड बैठक में इनकी बल्क सेल का प्रस्ताव पास हुआ था, जिसके बाद एडीए ने दो बार टेंडर निकाले, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। अब तीसरी बार बल्क सेल के लिए टेंडर निकाला गया है।
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नए टावर का काम भी रुका
परियोजना परिसर में उपलब्ध रिक्त भूमि पर एक नया टावर (ईटी 0-1) बनाने का निर्णय लिया गया था, जिसमें 2 और 3 बीएचके के कुल 75 फ्लैट निर्मित हैं। इनमें मुख्य रूप से लिफ्ट और फायर फाइटिंग जैसे फिनिशिंग कार्य बाकी हैं, लेकिन, पुराने 170 फ्लैट न बिकने के कारण एडीए ने नए टावर का काम भी रोक दिया है।
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परियोजना परिसर में उपलब्ध रिक्त भूमि पर एक नया टावर (ईटी 0-1) बनाने का निर्णय लिया गया था, जिसमें 2 और 3 बीएचके के कुल 75 फ्लैट निर्मित हैं। इनमें मुख्य रूप से लिफ्ट और फायर फाइटिंग जैसे फिनिशिंग कार्य बाकी हैं, लेकिन, पुराने 170 फ्लैट न बिकने के कारण एडीए ने नए टावर का काम भी रोक दिया है।
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तीसरी बार निकाला टेंडर
आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरूनमोली ने बताया कि पिछले दो बार के टेंडर में कोई खरीदार नहीं मिला है। बल्क सेल के लिए अब तीसरी बार टेंडर निकाला गया है। इन फ्लैटों को पहले ही अलोकप्रिय संपत्ति घोषित किया जा चुका है।
आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरूनमोली ने बताया कि पिछले दो बार के टेंडर में कोई खरीदार नहीं मिला है। बल्क सेल के लिए अब तीसरी बार टेंडर निकाला गया है। इन फ्लैटों को पहले ही अलोकप्रिय संपत्ति घोषित किया जा चुका है।
एडीए हाइट्स के टावरों में फ्लैटों की स्थिति
| ब्लॉक का नाम | कुल फ्लैटों की संख्या | रिक्त (खाली) फ्लैटों की संख्या |
|---|---|---|
| एटी-01 | 54 | 15 |
| एटी-02 | 54 | 14 |
| बीटी-01 | 50 | 12 |
| बीटी-02 | 50 | 13 |
| बीटी-03 | 50 | 24 |
| बीटी-04 | 50 | 10 |
| सीटी-01 | 100 | 20 |
| सीटी-02 | 100 | 07 |
| डीटी-01 | 74 | 55 |
| कुल | 582 | 170 |