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UP: एथेनॉल की आड़ में सरकारी चावल का काला कारोबार, 540 क्विंटल जब्त, बाजार में बेचने की थी तैयारी
Thu, 02 Jul 2026 01:49 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 02 Jul 2026 01:49 PM IST
सार
छाता में प्रशासन ने एथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित 540 क्विंटल सरकारी चावल से भरे दो ट्रकों को जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि सब्सिडी पर खरीदे गए चावल को एथेनॉल बनाने के बजाय दूसरे राज्यों में ऊंचे दाम पर बेचने की तैयारी थी, जिसकी जांच के लिए विशेष समिति गठित की गई है।
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टीम ने जब्त किया चावल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा में छाता तहसील प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए सरकारी चावल से भरे दो कैंटरों को जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एथेनॉल बनाने के लिए सरकार से खरीदा गया चावल दूसरे राज्यों में कालाबाजारी के लिए जा रहा था। टीम ने दोनों ट्रकों से करीब 540 क्विंटल चावल बरामद किया है। मामले का भांडाफोड़ होने के बाद प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की है।
उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने बताया कि 30 जून की रात सूचना के आधार पर पुलिस क्षेत्राधिकारी और सप्लाई इंस्पेक्टर ने पुरानी पुलिस चौकी के पास घेराबंदी की। इस दौरान एलाइंस डिस्टिलरीज प्रालि से लोड होकर निकल रहे दो कैंटरों को रोका गया। जब चालकों से पूछताछ की गई और कैंटर में लोड चावल से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे घबरा गए। कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके। प्रशासन ने तुरंत दोनों वाहनों को जब्त कर चालकों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। उधर, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
आपूर्ति अधिकारी मोहन प्रकाश ने बताया कि कार्रवाई के दौरान करीब 540 क्विंटल सरकारी चावल बरामद हुआ है। पकड़े गए राशन के कट्टों को सुरक्षित ढंग से क्षेत्र के स्थानीय राशन डीलरों के कोटे पर पहुंचा दिया गया है ताकि इसे पात्र लोगों में वितरित किया जा सके। कार्रवाई के दौरान शिव भूषण वर्मा पुलिस फोर्स के साथ तैनात थे।
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एथेनॉल बनाने के चावल को दूसरे राज्यों में बेचने का खेल
जानकारी के अनुसार छाता-शेरगढ़ मार्ग स्थित एलाइंस डिस्टिलरीज प्रालि को सरकार की ओर से निर्धारित रियायती दरों पर एथेनॉल बनाने के लिए यह सरकारी चावल आवंटित किया जाता है, लेकिन कंपनी इस चावल का उपयोग एथेनॉल बनाने में करने की बजाय मुनाफा कमाने के चक्कर में पड़ गए। आरोप है कि इस चावल को दूसरे राज्य हरियाणा में ऊंचे दामों पर बेच रही थी। फिलहाल पुलिस और जांच कमेटी इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
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उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने बताया कि 30 जून की रात सूचना के आधार पर पुलिस क्षेत्राधिकारी और सप्लाई इंस्पेक्टर ने पुरानी पुलिस चौकी के पास घेराबंदी की। इस दौरान एलाइंस डिस्टिलरीज प्रालि से लोड होकर निकल रहे दो कैंटरों को रोका गया। जब चालकों से पूछताछ की गई और कैंटर में लोड चावल से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे घबरा गए। कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके। प्रशासन ने तुरंत दोनों वाहनों को जब्त कर चालकों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। उधर, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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आपूर्ति अधिकारी मोहन प्रकाश ने बताया कि कार्रवाई के दौरान करीब 540 क्विंटल सरकारी चावल बरामद हुआ है। पकड़े गए राशन के कट्टों को सुरक्षित ढंग से क्षेत्र के स्थानीय राशन डीलरों के कोटे पर पहुंचा दिया गया है ताकि इसे पात्र लोगों में वितरित किया जा सके। कार्रवाई के दौरान शिव भूषण वर्मा पुलिस फोर्स के साथ तैनात थे।
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एथेनॉल बनाने के चावल को दूसरे राज्यों में बेचने का खेल
जानकारी के अनुसार छाता-शेरगढ़ मार्ग स्थित एलाइंस डिस्टिलरीज प्रालि को सरकार की ओर से निर्धारित रियायती दरों पर एथेनॉल बनाने के लिए यह सरकारी चावल आवंटित किया जाता है, लेकिन कंपनी इस चावल का उपयोग एथेनॉल बनाने में करने की बजाय मुनाफा कमाने के चक्कर में पड़ गए। आरोप है कि इस चावल को दूसरे राज्य हरियाणा में ऊंचे दामों पर बेच रही थी। फिलहाल पुलिस और जांच कमेटी इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।