{"_id":"69b983bf239f17f0c60b95f7","slug":"anm-washed-her-hands-off-the-matter-after-collecting-rs-1500-in-the-name-of-medicine-agra-news-c-421-1-sagr1008-3729-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: दवा के नाम पर 1500 रुपये वसूल एएनएम झाड़ा पल्ला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: दवा के नाम पर 1500 रुपये वसूल एएनएम झाड़ा पल्ला
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहाबाद। डौकी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पैंतीखेड़ा में आधा बच्चा बाहर आने के बावजूद प्रसूता को रेफर कर दिया गया, जिसके चलते नवजात की मौत हो गई थी। प्रसूता के पिता ने मंगलवार को एसडीएम फतेहाबाद से लिखित शिकायत कर एएनएम और आशा पर गंभीर आरोप लगाए।
ग्राम दुर्जीपुरा निवासी मान सिंह ने उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 14 मार्च की रात करीब 2:30 बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी किरन को प्रसव पीड़ा होने पर पैंतीखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां तैनात एएनएम ने सामान्य प्रसव का भरोसा देते हुए दवा के नाम पर उनसे 1500 रुपये जमा करा लिए, लेकिन सुबह तक प्रसव कराने में टालमटोल करती रही। सुबह करीब 9:30 बजे जब किरन की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई और आधा बच्चा बाहर आ गया, तब एएनएम ने हाथ खड़े कर दिए। गंभीर स्थिति में सहायता करने के बजाय एएनएम ने परिजनों से उसे तुरंत किसी निजी अस्पताल ले जाने को कह दिया। आनन-फानन में परिजन प्रसूता को निजी वाहन से अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। प्रसूता के पति का आरोप है यदि समय रहते उन्हें सही जानकारी दी जाती, तो बच्चे की जान बच सकती थी। एसडीएम फतेहाबाद स्वाति शर्मा ने सीएचसी अधीक्षक को मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की गहनता से जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
Trending Videos
ग्राम दुर्जीपुरा निवासी मान सिंह ने उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 14 मार्च की रात करीब 2:30 बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी किरन को प्रसव पीड़ा होने पर पैंतीखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां तैनात एएनएम ने सामान्य प्रसव का भरोसा देते हुए दवा के नाम पर उनसे 1500 रुपये जमा करा लिए, लेकिन सुबह तक प्रसव कराने में टालमटोल करती रही। सुबह करीब 9:30 बजे जब किरन की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई और आधा बच्चा बाहर आ गया, तब एएनएम ने हाथ खड़े कर दिए। गंभीर स्थिति में सहायता करने के बजाय एएनएम ने परिजनों से उसे तुरंत किसी निजी अस्पताल ले जाने को कह दिया। आनन-फानन में परिजन प्रसूता को निजी वाहन से अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। प्रसूता के पति का आरोप है यदि समय रहते उन्हें सही जानकारी दी जाती, तो बच्चे की जान बच सकती थी। एसडीएम फतेहाबाद स्वाति शर्मा ने सीएचसी अधीक्षक को मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की गहनता से जांच कर दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन