{"_id":"6a7d44fbddba88091c0c33a7","slug":"b-ed-students-in-trouble-marksheets-issued-without-photos-verification-becomes-a-hurdle-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"गजब का हाल: बीएड के अंकपत्रों पर नहीं लगी फोटो, विद्यार्थी हो रहे परेशान; दस्तावेज सत्यापन में हो रही दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गजब का हाल: बीएड के अंकपत्रों पर नहीं लगी फोटो, विद्यार्थी हो रहे परेशान; दस्तावेज सत्यापन में हो रही दिक्कत
Thu, 13 Aug 2026 09:45 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 13 Aug 2026 09:45 AM IST
सार
आगरा में बीएड 2021-23 बैच के करीब 30 विद्यार्थियों के अंकपत्र में फोटो नहीं होने से दस्तावेज सत्यापन में परेशानी आ रही है। तीन साल पहले जारी अंकपत्र अब उच्च शिक्षा और शिक्षक भर्ती में बाधा बन रहे हैं। छात्र संशोधित अंकपत्र के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक ने विद्यार्थियों को कॉलेज प्राचार्य से आवेदन सत्यापित कराकर फोटो विश्वविद्यालय में जमा करने को कहा है।
विज्ञापन
बीएड के अंकपत्रों पर नहीं लगी फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तीन साल पहले बीएड की पढ़ाई पूरी की, अंकपत्र मिला तो उसमें फोटो ही नहीं थी। अब यही विद्यार्थियों के लिए परेशानी बन गई है। आगे की पढ़ाई, शिक्षक भर्ती और अन्य शैक्षिक प्रक्रियाओं में दस्तावेज लगाने पर सत्यापन में दिक्कत आ रही है। इससे छात्र-छात्राएं संशोधन के लिए भटक रहे हैं।
बीएड 2021-23 बैच के कई विद्यार्थियों को वर्ष 2023 में जारी अंकपत्र में फोटो नहीं मिली। बबली का कहना है कि अंकपत्र में नाम, अंक और अन्य विवरण तो दर्ज हैं लेकिन फोटो नहीं होने से दस्तावेज की पहचान को लेकर दिक्कत आती है। कई बार सत्यापन के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज दिखाने पड़ते हैं।
छात्र आकाश का कहना है कि गलती विश्वविद्यालय स्तर पर हुई है लेकिन उसे ठीक कराने के लिए उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। हमारे साथ के लगभग 30 विद्यार्थियों की समस्या है। एमएड समेत अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने, शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बीएड का अंकपत्र महत्वपूर्ण होता है।
विज्ञापन
छात्र अरुण का कहना है कि हमें भविष्य में दस्तावेज सत्यापन के दौरान बिना फोटो वाले अंकपत्र से परेशानी होगी। 2021-23 बैच के बिना फोटो वाले अंकपत्र का रिकॉर्ड जांचकर संशोधित अंकपत्र जारी करें।
सत्यापित कराकर जमा करें फोटो
डॉ. आंबेडकर विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि ऐसे विद्यार्थी अपने कॉलेज के प्राचार्य से आवेदन को सत्यापित कराकर अपनी फोटो विश्वविद्यालय में जमा करा दें। - , ,
जारी हो संशोधित अंकपत्र
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनेंद्र जादौन ने बताया कि बीएड 2021-23 बैच के अंकपत्र में फोटो नहीं होने की समस्या विद्यार्थियों के लिए गंभीर है। दस्तावेज सत्यापन के समय परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विवि को रिकॉर्ड की जांच कर प्रभावित विद्यार्थियों को संशोधित अंकपत्र देना चाहिए।
विज्ञापन
बीएड 2021-23 बैच के कई विद्यार्थियों को वर्ष 2023 में जारी अंकपत्र में फोटो नहीं मिली। बबली का कहना है कि अंकपत्र में नाम, अंक और अन्य विवरण तो दर्ज हैं लेकिन फोटो नहीं होने से दस्तावेज की पहचान को लेकर दिक्कत आती है। कई बार सत्यापन के दौरान अतिरिक्त दस्तावेज दिखाने पड़ते हैं।
विज्ञापन
छात्र आकाश का कहना है कि गलती विश्वविद्यालय स्तर पर हुई है लेकिन उसे ठीक कराने के लिए उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। हमारे साथ के लगभग 30 विद्यार्थियों की समस्या है। एमएड समेत अन्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने, शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बीएड का अंकपत्र महत्वपूर्ण होता है।
विज्ञापन
छात्र अरुण का कहना है कि हमें भविष्य में दस्तावेज सत्यापन के दौरान बिना फोटो वाले अंकपत्र से परेशानी होगी। 2021-23 बैच के बिना फोटो वाले अंकपत्र का रिकॉर्ड जांचकर संशोधित अंकपत्र जारी करें।
सत्यापित कराकर जमा करें फोटो
डॉ. आंबेडकर विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि ऐसे विद्यार्थी अपने कॉलेज के प्राचार्य से आवेदन को सत्यापित कराकर अपनी फोटो विश्वविद्यालय में जमा करा दें। - , ,
जारी हो संशोधित अंकपत्र
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष मुनेंद्र जादौन ने बताया कि बीएड 2021-23 बैच के अंकपत्र में फोटो नहीं होने की समस्या विद्यार्थियों के लिए गंभीर है। दस्तावेज सत्यापन के समय परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विवि को रिकॉर्ड की जांच कर प्रभावित विद्यार्थियों को संशोधित अंकपत्र देना चाहिए।