{"_id":"69c36514ba2fcb8ab60a2f10","slug":"betrayed-loyalty-german-shepherd-found-tied-and-abandoned-at-busy-crossing-2026-03-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वफादारी का ऐसा अंजाम: जर्मन शेफर्ड के साथ उसके मालिक ने जो कुछ किया, जानकर खौल उठेगा खून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वफादारी का ऐसा अंजाम: जर्मन शेफर्ड के साथ उसके मालिक ने जो कुछ किया, जानकर खौल उठेगा खून
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 25 Mar 2026 10:01 AM IST
विज्ञापन
सार
आगरा में एक जर्मन शेफर्ड कुत्ते को मुंह बांधकर व्यस्त चौराहे पर छोड़ दिया गया, जिसे रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। शहर में विदेशी नस्ल के पालतू कुत्तों को छोड़ने की बढ़ती घटनाओं ने पशु क्रूरता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जर्मन शेफर्ड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
शहर का व्यस्ततम चौराहा और उस पर तेजी से फर्राटा भरते वाहन। डरा सहमा और चारों ओर मौत का मंजर देखकर घबराता ढाई साल का कुत्ता। मुंह रस्सियों से इस कदर जकड़ा था कि खोलने में बचाव दल के सदस्यों के भी पसीने छूट गए। एक बार फिर इन्सान के सबसे अच्छे दोस्त को वफादारी के बदले मौत के मुंह में धकेल दिया गया। अपने शौक के लिए विदेशी नस्ल के कुत्तों को पालने और फिर उन्हें सड़कों पर छोड़ने की प्रवृत्ति शहर में तेजी से बढ़ी है।
कैस्पर्स होम की संचालिका विनीता अरोड़ा ने बताया कि रविवार रात करीब 11:30 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। पता चला कि वाटर वर्क्स चौराहे पर एक जर्मन शेफर्ड प्रजाति के कुत्ते को मुंह बांधकर छोड़ दिया गया है। उन्होंने जानवरों की सहायता के लिए चलने वाले सभी आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
Trending Videos
कैस्पर्स होम की संचालिका विनीता अरोड़ा ने बताया कि रविवार रात करीब 11:30 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। पता चला कि वाटर वर्क्स चौराहे पर एक जर्मन शेफर्ड प्रजाति के कुत्ते को मुंह बांधकर छोड़ दिया गया है। उन्होंने जानवरों की सहायता के लिए चलने वाले सभी आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद उन्होंने पशु चिकित्सक डॉ. संजीव नेहरू से संपर्क किया तो उन्होंने अपने स्टाफ को भेजकर उसे रेस्क्यू करवाया। रात में अपने यहां ही आश्रय दिया। सुबह कुत्ते के चिकित्सकीय परीक्षण में पता चला कि उसकी उम्र करीब ढाई साल है और वह एकदम स्वस्थ है। इसके बावजूद मालिक ने उसे मरने के लिए बीच चौराहे पर छोड़ दिया था।
तीन महीने में आ चुके हैं विदेशी नस्ल के 16 कुत्ते
विनीता बताती हैं कि पिछले तीन महीने में विदेशी नस्ल के पालतू कुत्तों को बेसहारा छोड़ने की प्रवृत्ति शहर में तेजी से बढ़ी है। कैस्पर्स होम में इस समय जर्मन शेफर्ड के अलावा लेब्राडोर, पाकिस्तानी बुली, पॉमेरियन, रॉट विलर, गोल्डन रिट्रीवर और ल्हासा समेत विभिन्न विदेशी प्रजाति के 16 कुत्ते पल रहे हैं। उनका कहना है कि शेल्टर होम में पहले ही करीब सवा दो सौ कुत्ते हैं, ऐसे में गोद न लेने की प्रवृत्ति ने समस्या को बढ़ा दिया है। अगर शहर के पशुप्रेमी इन कुत्तों को गोद ले लें तो समस्या काफी कम हो जाएगी।
विनीता बताती हैं कि पिछले तीन महीने में विदेशी नस्ल के पालतू कुत्तों को बेसहारा छोड़ने की प्रवृत्ति शहर में तेजी से बढ़ी है। कैस्पर्स होम में इस समय जर्मन शेफर्ड के अलावा लेब्राडोर, पाकिस्तानी बुली, पॉमेरियन, रॉट विलर, गोल्डन रिट्रीवर और ल्हासा समेत विभिन्न विदेशी प्रजाति के 16 कुत्ते पल रहे हैं। उनका कहना है कि शेल्टर होम में पहले ही करीब सवा दो सौ कुत्ते हैं, ऐसे में गोद न लेने की प्रवृत्ति ने समस्या को बढ़ा दिया है। अगर शहर के पशुप्रेमी इन कुत्तों को गोद ले लें तो समस्या काफी कम हो जाएगी।
पालतू कुत्तों की हो माइक्रोचिपिंग
विनीता कहती हैं कि सिर्फ पंजीकरण से कुछ नहीं होगा। कुत्तों की माइक्रोचिपिंग अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। इससे पालतू कुत्तों के साथ बदसलूकी करने और उन्हें सड़क पर छोड़ने वालों की पहचान करने में समय नहीं लगेगा। बेजुबान के साथ ज्यादती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी रहेगी। इसके अलावा अवैध रूप से ब्रीडिंग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की जरूरत है, जिससे कुत्तों को जुल्म से बचाया जा सके। इसके अलावा पशु कल्याण बोर्ड का भी जल्द से जल्द गठन होना चाहिए, जिससे बेजुबानों की मदद की जा सके।
विनीता कहती हैं कि सिर्फ पंजीकरण से कुछ नहीं होगा। कुत्तों की माइक्रोचिपिंग अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। इससे पालतू कुत्तों के साथ बदसलूकी करने और उन्हें सड़क पर छोड़ने वालों की पहचान करने में समय नहीं लगेगा। बेजुबान के साथ ज्यादती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी रहेगी। इसके अलावा अवैध रूप से ब्रीडिंग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की जरूरत है, जिससे कुत्तों को जुल्म से बचाया जा सके। इसके अलावा पशु कल्याण बोर्ड का भी जल्द से जल्द गठन होना चाहिए, जिससे बेजुबानों की मदद की जा सके।
न पालें विदेशी नस्ल के कुत्ते
विशेषज्ञ मानते हैं कि विदेशी नस्ल के कुत्तों के लिए भारतीय वातावरण और परिवेश अनुकूल नहीं होता है। इन्हें पालने के लिए विशेष परिस्थितियों की जरूरत होती है। बेहतर हो हम भारतीय नस्ल के कुत्ते पालें या फिर देसी कुत्तों को गोद लेकर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ले सकते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि विदेशी नस्ल के कुत्तों के लिए भारतीय वातावरण और परिवेश अनुकूल नहीं होता है। इन्हें पालने के लिए विशेष परिस्थितियों की जरूरत होती है। बेहतर हो हम भारतीय नस्ल के कुत्ते पालें या फिर देसी कुत्तों को गोद लेकर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी ले सकते हैं।
हो सकती है सजा
वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप शर्मा ने बताया कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत पशु के साथ गंभीर प्रवृत्ति की हिंसा करने पर पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।
वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप शर्मा ने बताया कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत पशु के साथ गंभीर प्रवृत्ति की हिंसा करने पर पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।