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UP: दुष्कर्म और पॉक्सो...कटघरे में पुलिस की जवाबदेही, गवाही देने से बच रहे विवेचक

दुर्गेश चाहर, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 24 Jan 2026 09:35 AM IST
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सार

दुष्कर्म व पॉक्सो मामलों में गवाही से बचने वाले विवेचकों  पर अदालत ने सख्ती की है। न्याय में देरी पर कुछ पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने का आदेश तक दिया गया है।

Court Cracks Down on Police Negligence in POCSO Cases Orders Salary Withholding of Absentee Investigators
agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं के कुछ आपराधिक मुकदमों में विवेचक की लापरवाही के कारण पुलिसकर्मियों की जवाबदेही कटघरे में है। कुछ मामलों में विवेचक कई वर्षों तक अदालत में गवाही देने नहीं आते। जबकि अन्य की गवाही हो चुकी होती है। उनकी अनुपस्थिति के कारण मुकदमों का निस्तारण नहीं हो पाता है। जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उनकी लापरवाही के चलते पीड़िताओं को जल्द न्याय नहीं मिल पा रहा। गवाही देने से बच रहे गवाहों पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने गवाही न होने तक कुछ विवेचकों का वेतन रोकने के आदेश पुलिस अधिकारियों को दिया है।
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डीजीसी क्राइम राधाकृष्ण गुप्ता ने बताया कि अभियोजन के कई बार प्रयास करने के बाद भी विवेचक और पुलिसकर्मी साक्ष्य गवाही के लिए न्यायालय में हाजिर नहीं हो रहे हैं। उनके खिलाफ अदालत ने संज्ञान लिया है। उनका वेतन रोकने के साथ उन्हें हाजिर कराने के उनके उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
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केस.1
थाना ताजगंज में 2024 में अप्राकृतिक कृत्य, पाॅक्सो एक्ट, मारपीट, धमकी व अन्य धाराओं में आरोपी प्रदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मुकदमा अब राज्य बनाम प्रदीप के नाम से विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी की अदालत में लंबित है। मुकदमे के तत्कालीन विवेचक अनुज कुमार का वर्तमान तैनाती स्थल थाना रेउना, घाटमपुर, कानपुर नगर है। उनके गवाही देने न आने से मुकदमे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। अदालत ने उपनिरीक्षक अनुज कुमार का वेतन रोकने का आदेश कमिश्नरेट, कानपुर को दिया है।


 

केस.2
थाना खंदौली में 2021 में किशोरी से दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। तत्कालीन विवेचक अवधेश कुमार गौतम थे। अदालत ने उनकी गवाही कराने के लिए कई बार प्रतिकूल आदेश दिए। इसके बाद भी वह हाजिर नहीं हुए। अवधेश कुमार गौतम की वर्तमान तैनाती एंटी पावर थेफ्ट हाथरस में है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने उनका वेतन रोकने के आदेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हाथरस को दिए हैं।

 

केस.3
थाना मनसुखपुरा में 2022 में छेड़छाड़, गाली-गलौज, धमकी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में वर्ष 2022 में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अदालत में मुकदमे के अन्य सभी की गवाही हो चुकी है। शहर में थाने में तैनात होने के बाद भी तीन साल पुराने मुकदमे में पुलिसकर्मी सोनम देवी गवाही देने अदालत में हाजिर नहीं हो सकीं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए हैं।

 

केस-4
थाना न्यू आगरा में वर्ष 2023 में अप्राकृतिक कृत्य, पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। कई बार प्रतिकूल आदेश करने के बाद भी दो साल से अदालत में हेड कांस्टेबल संजय कुमार गवाही देने नहीं आ रहा। अन्य सभी गवाहों की गवाही हो चुकी है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने पुलिस आयुक्त आगरा को हेड कांस्टेबल का वेतन रोकने का निर्देश दिए हैं।
 
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