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कोर्ट का सख्त रुख: सरकारी वकील गैरहाजिर, थानाध्यक्ष और दरोगा पर भी विभागीय कार्रवाई के आदेश
Thu, 06 Aug 2026 11:29 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:29 AM IST
सार
एनडीपीएस के एक पुराने मामले में सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता के गैरहाजिर रहने पर अदालत ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही थानाध्यक्ष ताजगंज और एक दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तथा दो पुलिस अधिकारियों के गैर-जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए गए।
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आगरा दीवानी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मुकदमे में पैरवी के लिए अदालत में हाजिर नहीं होने पर सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के विरुद्ध कार्रवाई के लिए आदेश दिए गए। इसके साथ ही इसी मामले में एडीजे 13 महेश चंद वर्मा ने थानाध्यक्ष ताजगंज और दराेगा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश पुलिस आयुक्त को दिए हैं।
एडीजे की अदालत में थाना ताजगंज में वर्ष 2016 में एनडीपीएस की धाराओं में दर्ज राज्य बनाम लोकेंद्र का मामला विचाराधीन है। इसमें पैरवी के लिए अधिकृत सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के हाजिर नहीं होने पर अदालत ने उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी से कहा है। इसके साथ ही आदेश की प्रति प्रमुख सचिव न्याय, प्रमुख सचिव गृह और निदेशक अभियोजन को भी भेजने के लिए कहा।
न्यायालय ने कहा कि मामला अदालत में लंबित प्राचीनतम वादों की श्रेणी में आता है। इसमें हेड कांस्टेबल धनपाल की गवाही 20 दिसंबर 2016 को और तत्कालीन निरीक्षक राहुल कुमार की गवाही 1 दिसंबर 2021 को दर्ज हुई थी। उसके बाद कोई गवाह के अदालत में हाजिर नहीं होने पर उनके विरुद्ध निरंतर प्रतिकूल आदेश पारित किए गए। 2 जुलाई को अदालत ने निरीक्षक राहुल सिंह चौहान के विरुद्ध 10 हजार का जमानती वारंट जारी कर उसकी तामील के निर्देश थानाध्यक्ष ताजगंज को दिए थे।
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थाना ताजगंज के दरोगा ने मामले में थाना उझानी, जिला बदायूं में तैनात राहुल सिंह चौहान पर अदालत के आदेश की तामील की रिपाेर्ट प्रस्तुत की थी। तामील में कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर अदालत ने थानाध्यक्ष ताजगंज एवं उपनिरीक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए। अदालत ने शेष गवाह निरीक्षक राहुल सिंह चौहान और निरीक्षक लालता प्रसाद के विरुद्ध भी गैर जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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एडीजे की अदालत में थाना ताजगंज में वर्ष 2016 में एनडीपीएस की धाराओं में दर्ज राज्य बनाम लोकेंद्र का मामला विचाराधीन है। इसमें पैरवी के लिए अधिकृत सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के हाजिर नहीं होने पर अदालत ने उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी से कहा है। इसके साथ ही आदेश की प्रति प्रमुख सचिव न्याय, प्रमुख सचिव गृह और निदेशक अभियोजन को भी भेजने के लिए कहा।
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न्यायालय ने कहा कि मामला अदालत में लंबित प्राचीनतम वादों की श्रेणी में आता है। इसमें हेड कांस्टेबल धनपाल की गवाही 20 दिसंबर 2016 को और तत्कालीन निरीक्षक राहुल कुमार की गवाही 1 दिसंबर 2021 को दर्ज हुई थी। उसके बाद कोई गवाह के अदालत में हाजिर नहीं होने पर उनके विरुद्ध निरंतर प्रतिकूल आदेश पारित किए गए। 2 जुलाई को अदालत ने निरीक्षक राहुल सिंह चौहान के विरुद्ध 10 हजार का जमानती वारंट जारी कर उसकी तामील के निर्देश थानाध्यक्ष ताजगंज को दिए थे।
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थाना ताजगंज के दरोगा ने मामले में थाना उझानी, जिला बदायूं में तैनात राहुल सिंह चौहान पर अदालत के आदेश की तामील की रिपाेर्ट प्रस्तुत की थी। तामील में कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर अदालत ने थानाध्यक्ष ताजगंज एवं उपनिरीक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए। अदालत ने शेष गवाह निरीक्षक राहुल सिंह चौहान और निरीक्षक लालता प्रसाद के विरुद्ध भी गैर जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए हैं।