{"_id":"69c77519b023d4b78d09b2e8","slug":"devar-bhabhi-found-hanging-next-morning-after-dancing-together-at-night-2026-03-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: देवर-भाभी ने कर ली आत्महत्या, डीजे पर रात में जमकर किया डांस, सुबह एक ही फंदे पर लटकी मिलीं दोनों की लाशें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: देवर-भाभी ने कर ली आत्महत्या, डीजे पर रात में जमकर किया डांस, सुबह एक ही फंदे पर लटकी मिलीं दोनों की लाशें
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 28 Mar 2026 11:58 AM IST
विज्ञापन
सार
मैनपुरी के बखतपुर गांव में देवर और भाभी के शव जामुन के पेड़ पर फंदे से लटके मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों ने रात में साथ डीजे पर डांस किया था, लेकिन सुबह उनकी मौत की वजह पर परिजन चुप्पी साधे हुए हैं, पुलिस जांच में जुटी है।
देवर-भाभी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
मैनपुरी के थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव बखतपुर में रिश्ते के देवर-भाभी के शव शनिवार सुबह घर से करीब 400 मीटर दूर जामुन के पेड़ पर लटके मिले। शुक्रवार शाम को दोनों के परिजन व ग्रामीणों के साथ माता शीतला देवी मंदिर में नेजा चढ़ा कर लौटे थे। परिजन खुदकुशी बता रहे हैं, मगर वजह को लेकर सभी चुप्पी साधे हैं। मौत का कारण जानने के लिए पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है।
एलाऊ क्षेत्र के गांव बखतपुर निवासी 18 वर्षीय अखिलेश कश्यप के चाचा भीमसेन शुक्रवार को माता शीतला देवी मंदिर नेजा चढ़ाने के लिए गए थे। अखिलेश, उसके मौसा के बेटे पुष्पेंद्र की 30 वर्षीय पत्नी सरोजनी व अन्य परिजन भी साथ गए थे। नेजा चढ़ाने के बाद शाम को सभी लोग गांव लौट कर आ गए थे। शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि महिला और युवक के शव जामुन के पेड़ पर लटके हैं। थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
Trending Videos
एलाऊ क्षेत्र के गांव बखतपुर निवासी 18 वर्षीय अखिलेश कश्यप के चाचा भीमसेन शुक्रवार को माता शीतला देवी मंदिर नेजा चढ़ाने के लिए गए थे। अखिलेश, उसके मौसा के बेटे पुष्पेंद्र की 30 वर्षीय पत्नी सरोजनी व अन्य परिजन भी साथ गए थे। नेजा चढ़ाने के बाद शाम को सभी लोग गांव लौट कर आ गए थे। शनिवार तड़के करीब 3:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि महिला और युवक के शव जामुन के पेड़ पर लटके हैं। थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजन भी मौके पर आ गए। साड़ी के फंदे से लटके शवों को पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से नीचे उतारा, दोनों शव मोर्चरी भिजवाए। परिजन से जानकारी ली गई तो बताया कि दोनों ने खुदकुशी की है, मगर, वजह को लेकर सभी ने चुप्पी साध ली। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली, बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। मामला खुदकुशी का है, पुलिस कारणों की जांच कर विधिक कार्रवाई करेगी।
रात को देवर-भाभी ने डीजे पर किया था डांस
गांव बखतपुर के रहने वाले 18 साल के अखिलेश और भाभी सरोजनी ने खुदकुशी कर ली, ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को जब सभी लोग नेजा चढ़ाने के बाद वापस लौटे थे, तब भीमसेन के घर के बाहर डीजे लगाया गया, जिस पर देवर-भाभी ने घंटों डांस किया था। रात करीब 11 बजे डीजे बंद हुआ, जिसके बाद सभी लोग सोने के लिए चले गए थे। दोनों किस समय घर से निकले। इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। मृतका सरोजनी का पति बाहर रह कर इंटरलॉकिंग ईंट बनाने वाले कारखाने में काम करता है। सरोजनी के दो बच्चे एक पांच साल की बेटी और दो साल का पुत्र है। मृतक अखिलेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
एक ही साड़ी से लगाई फांसी
अखिलेश ने जिस पीली साड़ी का फंदा लगाकर खुदकुशी की, उसी साड़ी के दूसरे छोर का फंदा सरोजनी के गले में था। दोनों ने जामुन के पेड़ की एक डाल पर साड़ी डालने के बाद दोनों छोर को फंदा बनाकर गले में कस लिया था, अधिक वजन होने के कारण सरोजनी का शव पेड़ से काफी नीचे लटक चुका था, वहीं अखिलेश का शव ऊंचाई पर लटका था।
गांव बखतपुर के रहने वाले 18 साल के अखिलेश और भाभी सरोजनी ने खुदकुशी कर ली, ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार को जब सभी लोग नेजा चढ़ाने के बाद वापस लौटे थे, तब भीमसेन के घर के बाहर डीजे लगाया गया, जिस पर देवर-भाभी ने घंटों डांस किया था। रात करीब 11 बजे डीजे बंद हुआ, जिसके बाद सभी लोग सोने के लिए चले गए थे। दोनों किस समय घर से निकले। इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। मृतका सरोजनी का पति बाहर रह कर इंटरलॉकिंग ईंट बनाने वाले कारखाने में काम करता है। सरोजनी के दो बच्चे एक पांच साल की बेटी और दो साल का पुत्र है। मृतक अखिलेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था।
एक ही साड़ी से लगाई फांसी
अखिलेश ने जिस पीली साड़ी का फंदा लगाकर खुदकुशी की, उसी साड़ी के दूसरे छोर का फंदा सरोजनी के गले में था। दोनों ने जामुन के पेड़ की एक डाल पर साड़ी डालने के बाद दोनों छोर को फंदा बनाकर गले में कस लिया था, अधिक वजन होने के कारण सरोजनी का शव पेड़ से काफी नीचे लटक चुका था, वहीं अखिलेश का शव ऊंचाई पर लटका था।