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UP: किडनी रोग से पीड़ित बच्चों के लिए फ्री में डायलिसिस, एसएन मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई सुविधा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 26 Feb 2026 02:05 PM IST
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सार
एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी रोग से पीड़ित बच्चों के लिए डायलिसिस सेवा शुरू कर दी गई है, जिससे जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज मिलेगा। अगले महीने से किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा भी शुरू होगी, जिससे गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
एसएन मेडिकल कॉलेज
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी रोग से पीड़ित बच्चों की डायलिसिस सेवा शुरू हो गई है। इनके लिए दो मशीनें तय कर दी हैं। अभी 8 बच्चे पंजीकृत हो गए हैं। आयुष्मान कार्ड योजना, असाध्य रोग योजना और राशन कार्ड से डायलिसिस सेवा निशुल्क मिलेगी। अभी तक वयस्क मरीजों की ही डायलिसिस हो रही थी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर किडनी रोग विभाग और डायलिसिस यूनिट भी बनी है। वयस्क मरीजों के साथ ही अब बच्चों की डायलिसिस भी शुरू कर दी है। इनके लिए वार्ड में बेड भी तय कर दिए हैं। बच्चों की डायलिसिस के लिए दो मशीनें निश्चित कर दी हैं। बच्चे के परिजन आयुष्मान कार्ड, असाध्य रोग योजना कार्ड और राशन कार्डधारक हैं तो इनकी निशुल्क डायलिसिस होगी। जरूरतमंद मरीज विभाग में संपर्क कर सकते हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 20 डायलिसिस मशीनें संचालित हो रही हैं। इसमें 16 मशीन डायलिसिस यूनिट में हैं और दो-दो मशीनें आईसीयू और एचडीयू में संचालित हैं। बच्चों की भी डायलिसिस हो रही है।
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बच्चों की डायलिसिस का फ्लो रखते हैं कम
किडनी रोग विभाग की डॉ. कैरवी भारद्वाज ने बताया के जन्मजात किडनी रोग या फिर किसी हादसे से किडनी रोगी हुए बच्चों की डायलिसिस भी की जा रही है। अभी 8 बच्चे इसका लाभ ले रहे हैं। एक मरीज को महीने में कम से कम दो बार डायलिसिस की जरूरत होती है। बच्चों की डायलिसिस में फ्लो कम रखा जाता है, इसके लिए स्टाफ भी प्रशिक्षित किए गए हैं।
किडनी रोग विभाग की डॉ. कैरवी भारद्वाज ने बताया के जन्मजात किडनी रोग या फिर किसी हादसे से किडनी रोगी हुए बच्चों की डायलिसिस भी की जा रही है। अभी 8 बच्चे इसका लाभ ले रहे हैं। एक मरीज को महीने में कम से कम दो बार डायलिसिस की जरूरत होती है। बच्चों की डायलिसिस में फ्लो कम रखा जाता है, इसके लिए स्टाफ भी प्रशिक्षित किए गए हैं।
अगले महीने से किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू
किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि किडनी विभाग में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा अगले महीने से शुरू हो जाएगी। एंटी बैक्टीरियल वार्ड बन गए हैं। अभी 10 मरीजों का पंजीकरण हो गया है। किडनी दाता और मरीज की पीपीपी मॉडल से हैदराबाद और पुणे में जांच कराई जा रही है। एसजीपीजीआई की टीम की मदद से शुरू के 25 ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके बाद एसएन के विशेषज्ञ ही किडनी ट्रांसप्लांट करेंगे। इसके लिए डॉक्टर और टेक्नीशियन का प्रशिक्षण पूरा हो गया है।
किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि किडनी विभाग में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा अगले महीने से शुरू हो जाएगी। एंटी बैक्टीरियल वार्ड बन गए हैं। अभी 10 मरीजों का पंजीकरण हो गया है। किडनी दाता और मरीज की पीपीपी मॉडल से हैदराबाद और पुणे में जांच कराई जा रही है। एसजीपीजीआई की टीम की मदद से शुरू के 25 ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके बाद एसएन के विशेषज्ञ ही किडनी ट्रांसप्लांट करेंगे। इसके लिए डॉक्टर और टेक्नीशियन का प्रशिक्षण पूरा हो गया है।
