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UP: ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप कितने खतरनाक?, समझ लें; आगरा के एक व्यक्ति से यूं हो गई 10.27 लाख की ठगी
Fri, 07 Aug 2026 08:42 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 07 Aug 2026 08:42 AM IST
सार
आगरा के कमला नगर निवासी व्यक्ति से फर्जी ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप के जरिए 10.27 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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साइबर ठग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के कमला नगर निवासी एक व्यक्ति ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप के जरिए 10.27 लाख रुपये की साइबर ठगी का आरोप लगाते हुए साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2024 के अप्रैल-मई में फेडरेटेड हर्मीस नाम के ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग ऐप के झांसे में आकर उसने अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से कुल 10.27 लाख रुपये जमा कर दिए।
पीड़ित ने पहले दो जून 2024 को डीआईजी रेंज कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि जांच के दौरान अधिकारियों ने पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में 1.52 लाख रुपये फ्रीज किए जाने की जानकारी दी थी। बाद में साइबर पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई। पीड़ित का कहना है कि साइबर यूनिट ने कोई रकम फ्रीज नहीं की गई है बोलकर कार्रवाई रोक दी, जबकि डीआईजी कार्यालय में राशि फ्रीज होने की जानकारी दी गई थी।
पीड़ित ने अधिवक्ता के माध्यम से भी कार्रवाई का प्रयास किया। अब उसने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवा पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और ठगी गई 10.27 लाख रुपये की बरामदगी की मांग की है।डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पीड़ित ने पहले दो जून 2024 को डीआईजी रेंज कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि जांच के दौरान अधिकारियों ने पंजाब नेशनल बैंक के एक खाते में 1.52 लाख रुपये फ्रीज किए जाने की जानकारी दी थी। बाद में साइबर पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई। पीड़ित का कहना है कि साइबर यूनिट ने कोई रकम फ्रीज नहीं की गई है बोलकर कार्रवाई रोक दी, जबकि डीआईजी कार्यालय में राशि फ्रीज होने की जानकारी दी गई थी।
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पीड़ित ने अधिवक्ता के माध्यम से भी कार्रवाई का प्रयास किया। अब उसने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवा पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और ठगी गई 10.27 लाख रुपये की बरामदगी की मांग की है।डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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