{"_id":"6a32451ca6660d63ac0c7fff","slug":"father-s-will-cost-daughter-her-life-brother-sentenced-to-death-for-property-dispute-murder-2026-06-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: जिस निक्कू को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा, उसने क्यों बेरहमी से की बहन की हत्या; संपत्ति विवाद की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: जिस निक्कू को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा, उसने क्यों बेरहमी से की बहन की हत्या; संपत्ति विवाद की कहानी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:26 PM IST
विज्ञापन
सार
पिता की वसीयत में नाम होने के कारण पूनम चौधरी संपत्ति में अपना हक मांग रही थीं, जिसे उनका भाई ललित उर्फ निक्कू स्वीकार नहीं कर रहा था। इसी रंजिश में उसने बहन पर छह गोलियां दागकर हत्या कर दी, जिसके लिए अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई है।
मृतका का फाइल फोटो और भाई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
फांसी की सजा पाने वाला ललित चौधरी उर्फ निक्कू सुपारी किलर ओपी-लाला का भतीजा है। वसीयत में नाम होने के कारण बहन पूनम संपत्ति में हिस्सा मांग रही थी लेकिन निक्कू नहीं चाहता था कि बहन को कुछ मिले। वह दुकान का किराया भी नहीं देता था। बहन ने भाभी के साथ मिलकर दुकान पर ताला डाल दिया था। इससे बौखलाकर ही उसने खूनी खेल खेला था। बहन पर एक के बाद 6 गोलियां दागी थीं। भाभी की जान लेने की कोशिश की थी। वह किसी तरह भागकर बच गई थीं। हत्याकांड के बाद शाहगंज बाजार में अफरा-तफरी मच गई थी।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान कोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शाहगंज के रहने वाले यतेंद्र चौधरी के दो बेटे रूपेश और ललित चौधरी, दो बेटियां आरती और पूनम थीं। आरती की शादी हो गई थी। रूपेश की पहले ही मौत हो गई थी। उनकी पत्नी नीलू चौधरी हैं। यतेंद्र ने अपनी मौत से पहले 15 जून 2018 को अपनी बेटी पूनम चौधरी के हक में संपत्ति की वसीयत कर दी थी। इससे ललित के मन में पूनम के प्रति द्वेष भावना थी। वह उससे मन ही मन रंजिश मानने लगा था और आखिर में उसकी हत्या कर दी। निक्कू ने अपने जमानत प्रार्थनापत्र में संपत्ति विवाद का जिक्र किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
आवेश में नहीं की वारदात, वर्षों से भरा था जहर
70 पेज के अपने आदेश में कोर्ट ने लिखा कि अभियुक्त ने बहन के मुंह पर गोलियां चलाईं। हर प्रकरण में क्रूरता का स्तर एवं तरीका भिन्न-भिन्न होता है। बहन को गोली मारने के तरीके से उसकी मानसिकता स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। अभियुक्त ने न केवल अपनी बहन के विश्वास को तोड़ा। इसके अतिरिक्त भाई-बहन के रिश्ते को पूरे समाज में कलंकित कर दिया। अभियुक्त का कलेजा अपनी बहन को छह गोलियां मारने पर भी नहीं कांपा। उसने एकदम आवेश में आकर ऐसा किया है। उसके पास प्रतिबंधित बोर की पिस्टल थी। उसने इसका पहले से ही प्रबंध कर रखा था। उसने अपनी बहन के प्रति कई वर्षों से जहर भरकर रखा था, जो कि आखिरकार घटना वाले दिन निकल ही गया। मृतका का पोस्टमार्टम देख कर ही रूह कांप जाती है। मृतका के चेहरे पर ही करीब 7-8 घाव हैं, जो गोली लगने के कारण दर्शाता है। गोलियां बची होती तो एकमात्र चश्मदीद गवाह नीलू चौधरी भी आज जिंदा नहीं होती।
70 पेज के अपने आदेश में कोर्ट ने लिखा कि अभियुक्त ने बहन के मुंह पर गोलियां चलाईं। हर प्रकरण में क्रूरता का स्तर एवं तरीका भिन्न-भिन्न होता है। बहन को गोली मारने के तरीके से उसकी मानसिकता स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। अभियुक्त ने न केवल अपनी बहन के विश्वास को तोड़ा। इसके अतिरिक्त भाई-बहन के रिश्ते को पूरे समाज में कलंकित कर दिया। अभियुक्त का कलेजा अपनी बहन को छह गोलियां मारने पर भी नहीं कांपा। उसने एकदम आवेश में आकर ऐसा किया है। उसके पास प्रतिबंधित बोर की पिस्टल थी। उसने इसका पहले से ही प्रबंध कर रखा था। उसने अपनी बहन के प्रति कई वर्षों से जहर भरकर रखा था, जो कि आखिरकार घटना वाले दिन निकल ही गया। मृतका का पोस्टमार्टम देख कर ही रूह कांप जाती है। मृतका के चेहरे पर ही करीब 7-8 घाव हैं, जो गोली लगने के कारण दर्शाता है। गोलियां बची होती तो एकमात्र चश्मदीद गवाह नीलू चौधरी भी आज जिंदा नहीं होती।
नीलू की हुई ऑनलाइन गवाही
ननद पूनम की हत्या में एकमात्र नीलू ही चश्मदीद गवाह थीं। आरोपियों का दबदबा था। उन्हें हर पल अपनी जान का खतरा सता रहा था। धमकियां भी मिल रही थीं। घटना के बाद से वो अपने मायके बुलंदशहर के गांव सलेमपुर में रह रही हैं। उन्हें डर था कि कोर्ट आने के दौरान उनकी हत्या नहीं करा दी जाए। इसके लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र भी दिया था। इसमें कहा था कि वह एकमात्र गवाह हैं, इसलिए सुरक्षा की मांग की है। इस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बुलंदशहर से नीलू की गवाही कराई गई। वह कम ही कोर्ट आईं।
ननद पूनम की हत्या में एकमात्र नीलू ही चश्मदीद गवाह थीं। आरोपियों का दबदबा था। उन्हें हर पल अपनी जान का खतरा सता रहा था। धमकियां भी मिल रही थीं। घटना के बाद से वो अपने मायके बुलंदशहर के गांव सलेमपुर में रह रही हैं। उन्हें डर था कि कोर्ट आने के दौरान उनकी हत्या नहीं करा दी जाए। इसके लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र भी दिया था। इसमें कहा था कि वह एकमात्र गवाह हैं, इसलिए सुरक्षा की मांग की है। इस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बुलंदशहर से नीलू की गवाही कराई गई। वह कम ही कोर्ट आईं।
चश्मदीद की गवाही सजा दिलाने के लिए पर्याप्त
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि घटनास्थल पर तीन लोग ही मौजूद थे। ललित, उसकी बहन पूनम और उसकी भाभी नीलू चौधरी। ललित ने अपनी बहन की हत्या कर दी। भाभी नीलू को भी जान से मारने के लिए गोली मारी थी। उनकी भी मौत हो जाती तो चश्मदीद गवाह ही नहीं रहता। आरोपी पक्ष ने अदालत को गुमराह करने के लिए बचाव साक्ष्य में दो गवाह पेश किए। उन्होंने भी गोली मारते हुए किसी को नहीं देखा था। चश्मदीद गवाह नीलू चौधरी की गवाही में भी कोई विरोधाभास नहीं दिखा। जिरह के समय भी वह कहीं पर नहीं डगमगाईं और घटना का पूर्ण समर्थन किया, इसलिए उनकी गवाही सजा के लिए पर्याप्त है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि घटनास्थल पर तीन लोग ही मौजूद थे। ललित, उसकी बहन पूनम और उसकी भाभी नीलू चौधरी। ललित ने अपनी बहन की हत्या कर दी। भाभी नीलू को भी जान से मारने के लिए गोली मारी थी। उनकी भी मौत हो जाती तो चश्मदीद गवाह ही नहीं रहता। आरोपी पक्ष ने अदालत को गुमराह करने के लिए बचाव साक्ष्य में दो गवाह पेश किए। उन्होंने भी गोली मारते हुए किसी को नहीं देखा था। चश्मदीद गवाह नीलू चौधरी की गवाही में भी कोई विरोधाभास नहीं दिखा। जिरह के समय भी वह कहीं पर नहीं डगमगाईं और घटना का पूर्ण समर्थन किया, इसलिए उनकी गवाही सजा के लिए पर्याप्त है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन