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UP: इंसुलिन इंजेक्शन में भी हो रहा ये खेल, औषधि विभाग ने यहां फिर मारा छापा; 14 फर्म संचालकों पर प्राथमिकी
Mon, 13 Jul 2026 09:52 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 13 Jul 2026 09:52 AM IST
सार
आगरा में औषधि विभाग की जांच में कई मेडिकल फर्मों पर बिना बिल और बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री का मामला सामने आया है। सरकारी सप्लाई के इंसुलिन इंजेक्शन के लेबल हटाकर बेचने के आरोप में 14 फर्म संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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औषधि विभाग ने छापे की कार्रवाई की
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा में अवैध तरीके से दवाओं की बिक्री के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक बार फिर औषधि विभाग ने छापे की कार्रवाई की। इसमें सामने आया कि किसी फर्म पर जीवन रक्षक दवाओं के रखरखाव में लापरवाही की जा रही थी तो कहीं संचालक बिल नहीं दिखा पा रहे थे। फर्म के लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी दवाओं को बेचा जा रहा था। मामले में थाना कोतवाली में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इसमें 14 फर्म संचालकों को आरोपी बनाया गया है।
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औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार ने फव्वारा स्थित युग फार्म के संचालक सचिन गुप्ता, शारदा मेडिकल स्टोर के शिवम गुप्ता, नितिन गुप्ता, आरएमडी फार्मा व जीआर मेडिको के संचालक राजेश गुप्ता और इंसुलिन व अन्य इंजेक्शन व टैबलेट के सप्लायर मोहित गुप्ता, हितेंद्र अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। इन फर्मों पर 21 मई को छापा की कार्रवाई की गई थी। युग फार्मा में इंसुलिन इंजेक्शन को बिना कोल्ड चेन के रखा गया था। यह इंजेक्शन मधुमेह रोगियों के लिए उपयोगी होता है।
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इनके लेबल हटाए जाने की आशंका पर फर्म संचालक सचिन गुप्ता से बिल मांगे गए मगर वह बिल नहीं दिखा सके। उन्होंने यह इंजेक्शन शिवम गुप्ता से बिना बिल के खरीदे थे। अन्य दवाओं के भी बिल मालिक नहीं दिखा सका। इस पर 6 नमूने भी लिए गए थे। दवाओं को सील कर दिया गया था। टीम ने शिवम गुप्ता की फर्म की जांच की। उन्होंने इंजेक्शन आरएमडी फार्मा से खरीदे थे। इस पर दोनों फर्मों की जांच की गई। आरएमडी फार्मा के संचालक ने शिवम गुप्ता को दवाओं की बिक्री से इन्कार किया।
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दूसरा मामला औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार ने विभोर मेडिकल एजेंसी के संजीव कुमार गुप्ता, वरदान मेडिकल एजेंसी के अंकुर अग्रवाल, एसए एजेंसी, गुप्ता एजेंसी अरुण कुमार गुप्ता, कोलकाता की पाल ब्रदर्स और हर्षित ट्रेडर्स की प्रियंका बंसल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने वीए मेडिकोज के शोभित अग्रवाल, साझीदार प्रमोद अग्रवाल, श्री भगवती मेडिकल एजेंसी के प्रवीण अग्रवाल, वरदान मेडिकल एजेंसी के मालिक अंकुर अग्रवाल, रुद्रा एंटरप्राइजेज के मोहित बंसल और मेसर्स हर्षित ट्रेडर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। वीए मेडिकोज की जांच एक से तीन जुलाई को टीम ने की थी। दवाओं की जांच में पता चला कि लेबल को हटाकर नया लेबल लगाया गया था। दवाओं के नकली होने की आशंका है।
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने वीए मेडिकोज के शोभित अग्रवाल, साझीदार प्रमोद अग्रवाल, श्री भगवती मेडिकल एजेंसी के प्रवीण अग्रवाल, वरदान मेडिकल एजेंसी के मालिक अंकुर अग्रवाल, रुद्रा एंटरप्राइजेज के मोहित बंसल और मेसर्स हर्षित ट्रेडर्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। वीए मेडिकोज की जांच एक से तीन जुलाई को टीम ने की थी। दवाओं की जांच में पता चला कि लेबल को हटाकर नया लेबल लगाया गया था। दवाओं के नकली होने की आशंका है।
इस पर 17 नमूने लिए गए हैं। संचालक ने दवाओं की बिक्री हर्षित ट्रेडर्स से खरीदने की जानकारी दी, जबकि फर्म का लाइसेंस 16 जून को नकली दवाओं के कारण निरस्त कर दिया गया था। दुकान में पुराना स्टॉक भरा मिला। उन्होंने दवाओं की खरीद मथुरा की श्री भगवती मेडिकल एजेंसी से की गई थी। मगर, विक्रय से संबंधित कोई बिल नहीं दिखाए। श्री भगवती मेडिकल एजेंसी का भी निरीक्षण किया। फर्म मालिक प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि वरदान मेडिकल एजेंसी से 1 फरवरी को अपने फव्वारा स्थित अपने पुराने प्रतिष्ठान पर दवाएं खरीदी थीं। वरदान एजेंसी का लाइसेंस 30 जनवरी को नकली दवाओं के मामले में निरस्त कर दिया गया।
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