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UP: अब गूगल मैप बचाएगा आपकी जान! खतरे वाली जगह पहुंचते ही आएगा अलर्ट, क्या है आगरा की ये नई तकनीक?

Sat, 01 Aug 2026 08:13 AM IST
Dhirendra Singh आशीष शर्मा, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
आशीष शर्मा, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 01 Aug 2026 08:13 AM IST
सार

गूगल मैप अब वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पहुंचने पर अलर्ट करेगा और गति कम करने का संदेश देगा। कमिश्नरेट पुलिस ने 208 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन का डाटा गूगल को उपलब्ध कराया है, जिससे ट्रैफिक कंजेशन और हादसों में कमी का दावा किया गया है।

 

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Google Maps Will Now Alert Drivers About Accident-Prone Zones
अब गूगल मैप बचाएगा आपकी जान! - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 आप आगरा में किसी रास्ते की तलाश में हैं। गूगल मैप ऑन कर रखा है तो वह रास्ते की दिशा तो बताएगा साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्र का अलर्ट भी देगा। आगरा कमिश्नरेट उत्तर प्रदेश में पहला ऐसा जिला बना है जिसकी 208 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन का डाटा गूगल पर उपलब्ध है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि इससे पिछले 6 महीने में जिले में दुर्घटनाओं में 27 प्रतिशत तक की कमी हुई है।
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सड़क हादसों और ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी लाने के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण ने रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन अभियान शुरू किया था। गति पोर्टल की भी शुरुआत की थी। यह पोर्टल गूगल से समन्वय कर कार्य करता है। इससे पता चलता है कि किस रास्ते पर जाम है। वाहन कितनी गति से चल रहे हैं। आगरा में आठ रूट चिह्नित थे। इन रूट पर गाड़ियों के समय और जाम की समस्या का अध्ययन किया गया।

 
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डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने बताया कि आगरा में ब्लैक स्पाॅट की संख्या 44 थी। क्रिटिकल क्रैश लोकेशन 208 थीं। अभियान के बाद इन सभी लोकेशन पर कार्य किया गया। गूगल के माध्यम से गाड़ियों के आवागमन के समय, जाम की स्थिति को भी देखा जाता है। हर दिन की रिपोर्ट भी तैयार की जाती है। इसका फायदा हुआ कि डाटा के हिसाब से पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। अतिक्रमण को भी हटाया गया। इससे ट्रैफिक कंजेशन में 37.1 की कमी दर्ज की गई। वहीं हादसों में कमी आने से ब्लैक स्पाॅट की संख्या 33 रह गई है। इस पूरे अभियान की निगरानी लखनऊ से हो रही है।

 
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इसके साथ ही गूगल पर आगरा के दुर्घटना संभावित क्षेत्र का डाटा फीड किया गया। इसका फायदा यह हुआ कि जिले की सीमा में अगर कोई वाहन गूगल मैप चालू कर चलता है। वो ब्लैक स्पाॅट और क्रिटिकल क्रैश लोकेशन के 500 मीटर के दायरे में है तो गूगल पर दुर्घटना संभावित क्षेत्र का संकेत मिलेगा। इसके साथ ही वाहन की गति कम करने के लिए भी अलर्ट करेगा। डीसीपी ने बताया कि आगरा कमिश्नरेट उत्तर प्रदेश में पहला ऐसा जिला है, जिसमें यह व्यवस्था की गई है।

 

ड्यूटी लगाई, अतिक्रमण भी हटवाया
आरटीसी के तहत आगरा फोर्ट कट से वाटरवर्क्स चाैराहा, ताज व्यू चाैराहे से बसई मंडी कट, मारुति एस्टेट चाैराहे से सिकंदरा चाैराहा, लोहामंडी चाैराहे से हरीपर्वत चाैराहे, नामनेर से कमला खां की दरगाह, रोहता नहर से दिगनेर पुलिया, रामबाग से टेढ़ी बगिया और सिकंदरा से रामबाग रूट को चिह्नित किया गया था। इन रूट पर ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगाई गई। सवारी वाहनों की पार्किंग के लिए 50 और 100 मीटर की दूरी पर व्यवस्था की गई। इन जगहों पर अतिक्रमण हटवाए गए। इसका असर यह हुआ कि अप्रैल के मुकाबले जून माह में सात रूट पर जाम की समस्या में कमी दर्ज की गई।

 

फोर्ट कट से वाटरवर्क्स चाैराहे तक बढ़ा जाम
इतने प्रयास के बाद भी एक रूट आगरा फोर्ट पर जाम की समस्या कम होने के बजाय बढ़ गई। अप्रैल माह में जहां 201 बार जाम लगा। इस पर निर्धारित दूरी तय करने में 32.12 मिनट लगे। वहीं जून माह में जाम की समस्या बढ़कर 211 बार हो गई। कमी सिर्फ 26.31 मिनट की दूरी तय करने में आई। सभी रूट की बात करें तो अप्रैल में 398.49 मिनट लगे, 1155 बार जाम की समस्या रही। जून में समय में कमी आई। यह 250.35 मिनट हो गया। जाम की समस्या भी घटकर 679 बार ही रह गई। 37.16 प्रतिशत की कमी दूरी तय करने में और 41.21 प्रतिशत की कमी जाम की समस्या दर्ज की गई।

 

यह है दुर्घटनाओं का आंकड़ा
वर्ष सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कमी-वृद्धि (%) मृतकों की संख्या कमी-वृद्धि (%) घायलों की संख्या कमी-वृद्धि (%)
2025 406 235 376
2026 296 -27.09% 186 -20.85% 232 -38.29%


 

डिवाइडर बनवाए, चालान की कार्रवाई की
डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार ने बताया कि हादसों को रोकने के लिए शहर से लेकर देहात तक प्रयास किए गए। इसके लिए 12 क्रिटिकल काॅरिडोर टीम बनाई गईं। इन टीमों ने दुर्घटना के कारणों का अध्ययन किया। कई रास्तों पर डिवाइडर की समस्या थी। अवैध कट से हादसे हो रहे थे। वाहन गलत दिशा से निकल रहे थे। तेज गति से वाहन निकलने की वजह से भी दिक्कत थी। इन समस्या की रिपोर्ट तैयार की गई। वाहनों के खिलाफ चालान करने की कार्रवाई भी की गई।

 

यह हुए चालान
कार्रवाई 1 जनवरी–30 जून 2025 1 जनवरी–30 जून 2026 कमी/वृद्धि
चालान 5,30,581 6,57,344 +1,26,763 (+23.89%)
सीज 2,083 4,623 +2,540 (+121.94%)
ऑफिस 18,88,300 27,09,397 +8,21,097 (+43.48%)
रोड 41,300 42,000 +700 (+1.69%)

मेट्रो निर्माण में अव्यवस्था से जाम
पुलिस का दावा है कि कई रूट पर ट्रैफिक कंजेशन में कमी आई है। हालांकि मेट्रो निर्माण से हाईवे और एमजी रोड पर जाम की समस्या में कोई कमी नहीं आई है। कभी सर्विस रोड बंद होने तो कभी निर्माण कार्य में लगी मशीनों को लगाने से जाम लग रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूलों की छुट्टी के समय हो रही है। जाम की इस समस्या के निदान के लिए कोई उपाय कारगर साबित नहीं हो सके हैं।
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