मथुरा में सांसद हेमा मालिनी ने की गोसेवा: गायों को खिलाया गुड़-चारा, पूजन कर उतारी आरती
गुरुवार को मथुरा समेत पूरे ब्रज में गोपाष्टमी पर्व हर्षोल्लास के साथ गोपूजन कर मनाया गया। देश-विदेश से श्रद्धालु गोपूजन के लिए गोशाला पहुंचे। जिले की सांसद हेमा मालिनी ने भी गायों की पूजा की।
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कान्हा के ब्रज में गोवर्धन पूजा के बाद गुरुवार को गोपाष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। मथुरा के वृंदावन में गोपाष्टमी पर्व पर मंदिरों एवं गोशालाओं में विभिन्न कार्यक्रम हुए। प्रात:काल गो पूजन, गो भोग, गो स्तुति की गई। इसके बाद गोमाता की आरती उतारकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का लोगों ने संकल्प लिया। गांव अक्रूर में भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने विधि-विधान से गो पूजन किया। उन्होंने गायों को गुड़ चना और चारा खिलाकर आरती की।
पंचायती गोशाला में प्रात:काल गो पूजन और गो चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद नगर में गोचारण किया गया। श्रीकृष्ण के स्वरूप गायों को चराते हुए चल रहे थे। आखिर में गोमाता की आरती उतारी। गोशाला के मंत्री व नगर निगम में उपसभापति राधाकृष्ण पाठक ने कहा कि गोमाता की रक्षा करना प्रत्येक देशवासी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि गाय का संरक्षण बहुत ही आवश्यक है।
गोवर्धन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
गोपाष्टमी के दिन गिरिराजजी धाम में श्रद्धालु भक्तों का जनसैलाव उमड़ पड़ा। भक्तों ने मठ मंदिर आश्रम गोशालाओं में गोवंश की पूजा-अर्चना कर मनौती मांगी। गिरिराज तलहटी में जगह-जगह अन्नकूट छप्पन भोग लगाए गए।
देश विदेश से श्रद्धालु भक्त गोपूजन के लिए गोवर्धन धाम पहुंचे। हनुमान बाग आश्रम में संत सियाराम दास के सानिध्य में भक्तों ने गोपूजन किया, नीमगांव स्थित सुमंगला गोशाला में कन्हैया लाल दीक्षित के सानिध्य में हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब से आए भक्तों ने गोपूजन कर मनौती मांगी।
अन्नकूट-छप्पन भोग लगाया
श्याम ढाक गोशाला पर भक्ति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के श्रेयस गुजराती, शिशिर गुजराती, गो रक्षक दल के जिलाध्यक्ष ठा. नेत्र राज सिंह, धीरज कौशिक आदि ने गो पूजन कर गोपाष्टमी महोत्सव मनाया। गिरिराज तलहटी स्थित जहाज घर में ड्यूक पैलेस संचालक ने गौ-गोपाल महोत्सव अन्नकूट छप्पन भोग के साथ मनाया।
हनुमान बाग आश्रम के महंत संत सियारामदास महाराज ने बताया, योगिराज भगवान कृष्ण और बलराम ने गोपाष्टमी के दिन ही गोचारण लीला की थी। द्वापर युग से यह परंपरा ब्रज में चली आ रही है। हर मनुष्य को गोपाष्टमी के दिन गोसेवा की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए।