{"_id":"6a71723bd7cb20f505072437","slug":"inspired-by-her-uncle-mathura-s-mohini-wins-three-gold-medals-in-llb-dreams-of-becoming-a-judge-2026-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: बड़े पापा से मिली कानून की प्रेरणा, एलएलबी में मोहिनी ने जीते तीन स्वर्ण पदक; अब जज बनने का सपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: बड़े पापा से मिली कानून की प्रेरणा, एलएलबी में मोहिनी ने जीते तीन स्वर्ण पदक; अब जज बनने का सपना
Tue, 04 Aug 2026 10:31 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 04 Aug 2026 10:31 AM IST
सार
मथुरा की बीएसए कॉलेज की एलएलबी छात्रा मोहिनी शर्मा ने तीन प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक जीतकर परिवार और कॉलेज का नाम रोशन किया है। बड़े पापा और परिवार के सदस्यों से मिली प्रेरणा के बाद कानून की पढ़ाई शुरू करने वाली मोहिनी अब जज बनकर न्यायपालिका में सेवा करना चाहती हैं।
विज्ञापन
मोहिनी शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीएसए कॉलेज मथुरा की एलएलबी की छात्रा मोहिनी शर्मा ने तीन प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक हासिल कर अपने परिवार और कॉलेज का नाम रोशन किया है। दीक्षांत समारोह में उन्हें रामेश्वर प्रसाद बागला पदक (स्वर्ण), पंडित मोतीलाल नेहरू पदक (स्वर्ण) तथा मुहम्मद सैफउल्लाह खान स्मृति पदक (स्वर्ण) से सम्मानित किया गया।
मोहिनी ने बताया कि उनके बड़े पापा और परिवार के अन्य सदस्य वकालत के पेशे से जुड़े हैं। बचपन से उन्हें कोर्ट-कचहरी और वकालत का माहौल देखने को मिला। बड़े पापा को देखकर ही उनके मन में कानून की पढ़ाई करने का सपना जागा और उन्होंने बीएसए कॉलेज, मथुरा से एलएलबी में प्रवेश लिया। आज तीन स्वर्ण पदक हासिल कर उन्होंने परिवार के इतिहास में एक नई उपलब्धि जोड़ दी है।
उनका मानना है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगन, धैर्य और निरंतर प्रयास सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। फिलहाल मोहिनी कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस कर रही हैं। इसके साथ ही वह न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी भी कर रही हैं। उनका सपना जज बनकर न्यायपालिका का हिस्सा बनने और निष्पक्ष न्याय के माध्यम से समाज की सेवा करने का है। मोहिनी की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो परिवार से मिली प्रेरणा को अपनी मेहनत और समर्पण के साथ जोड़कर बड़े सपनों को साकार करना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहिनी ने बताया कि उनके बड़े पापा और परिवार के अन्य सदस्य वकालत के पेशे से जुड़े हैं। बचपन से उन्हें कोर्ट-कचहरी और वकालत का माहौल देखने को मिला। बड़े पापा को देखकर ही उनके मन में कानून की पढ़ाई करने का सपना जागा और उन्होंने बीएसए कॉलेज, मथुरा से एलएलबी में प्रवेश लिया। आज तीन स्वर्ण पदक हासिल कर उन्होंने परिवार के इतिहास में एक नई उपलब्धि जोड़ दी है।
विज्ञापन
उनका मानना है कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगन, धैर्य और निरंतर प्रयास सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। फिलहाल मोहिनी कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस कर रही हैं। इसके साथ ही वह न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी भी कर रही हैं। उनका सपना जज बनकर न्यायपालिका का हिस्सा बनने और निष्पक्ष न्याय के माध्यम से समाज की सेवा करने का है। मोहिनी की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो परिवार से मिली प्रेरणा को अपनी मेहनत और समर्पण के साथ जोड़कर बड़े सपनों को साकार करना चाहते हैं।
विज्ञापन