फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Look at condition of cowshed cattle kept suffering from hunger and thirst officers kept covering it up

UP: गोशाला का हाल तो देखिए...भूख प्यास से तड़पते रहा गोवंश, अफसर डालते रहे पर्दा

Mon, 26 May 2025 09:46 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 26 May 2025 09:46 AM IST
सार

गोशाला संचालन के नाम पर एनजीओ का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। प्रति गोवंश पर एनजीओ को 50 रुपये का भुगतान होता है। 5 साल का करार और 10 लाख की कमाई है, लेकिन हाल ये है कि गोवंश भूस प्यास से तड़प रहे हैं। 

 

विज्ञापन
Look at condition of cowshed cattle kept suffering from hunger and thirst officers kept covering it up
गोशाला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गोबरा गोशाला में भूख प्यास से गोवंश तड़पता रहा। दो गाय की मौत हो गई। लेकिन, लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई के बजाय अफसर पर्दा डालते रहे। सीडीओ व डीएम ने कार्रवाई नहीं की। नतीजा शनिवार को परिवहन आयुक्त ने गोशाला संचालन के नाम पर एनजीओ शिवम फाउडेंशन का फर्जीवाड़ा पकड़ा।
विज्ञापन


 

इस गोशाला में 587 गोवंश हैं। प्रति गोवंश 50 रुपये भुगतान एनजीओ को होता है। एनजीओ के पास एक साल का करार था, लेकिन सचिव और प्रधान ने बिना ग्राम पंचायत में प्रस्ताव लाए। एनजीओ से पांच साल का करार कर लिया। हर साल करीब 10 लाख रुपये एनजीओ को भुगतान हो रहा है। जबकि ग्रामीणों का कहना है कि गोवंश यहां भूख-प्यास से मर रहा है। दो साल में यहां 25 से अधिक गोवंश की मृत्यु हो चुकी है। 15 से अधिक गोवंश बीमार है। अगस्त 2023 में यहां भूख-प्यास से 2 गाय ने दम तोड़ा था। तब डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने संयुक्त जांच की।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच के बाद ग्राम विकास अधिकारी गौरव कुमार को निलंबित किया गया। प्रधान भूरी सिंह के खिलाफ धारा 95-जी का नोटिस भेजा। वित्तीय अधिकार जब्त करने के लिए भेजे गए इस नोटिस पर डीएम व सीडीओ स्तर से कार्रवाई नहीं की गई। सहायक विकास अधिकारी पंचायत महेंद्र सिंह व खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह और पशु चिकित्साधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह के विरुद्ध प्रतिकृल पृविष्टि नोटिस जारी हुआ। इनके अलावा तत्कालीन नोडल अधिकारी डीपीओ आदीश मिश्रा और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से स्पष्टीकरण मांगे गए। लेकिन, दो साल बाद भी नतीजा शून्य रहा।

 
विज्ञापन

कराई जा रही है जांच
मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि एनजीओ का एक साल का अनुबंध था। उसे बिना बताए कैसे सचिव ने पांच साल किया। जांच कराई जा रही है। पूर्व में भी गोशाला को लेकर शिकायत व कार्रवाई की गई थी। इस बार सख्त कार्रवाई होगी।

 

 लापरवाही नहीं बर्दाश्त
 जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि गोवंश संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। पूर्व में हुई कार्रवाई के संबंध में जवाब-तलब किया जाएगा। सीडीओ स्तर से जांच कराई जाएगी। किसी भी तरह का भ्रष्टाचार अक्षम्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed