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मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने उठाई मांग, तिरुपति बालाजी की तर्ज पर हो गोवर्धन का विकास
Sat, 07 Dec 2019 12:28 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 07 Dec 2019 12:28 AM IST
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मथुरा की सांसद हेमा मालिनी
- फोटो : लोकसभा टीवी
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मथुरा के गिरिराज पर्वत के विकास का मुद्दा बृहस्पतिवार को संसद में गूंजा। मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर गोवर्धन के विकास की आवाज उठाई। इस दौरान उन्होंने न्यास के गठन की मांग की।
सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि गिरिराज पर्वत और ब्रज रज भगवान श्रीकृष्ण के जीवनकाल से जुड़े हैं, जो वर्तमान में भी विद्यमान हैं। यहां गिरिराज पर्वत की सात कोसीय (21 किलोमीटर) की परिक्रमा करने के लिए विश्वभर से प्रतिवर्ष 5 से 10 करोड़ भक्त आते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को ब्रजवासियों की सुरक्षा के लिए उठाया था। आज उसी गोवर्धन की सुरक्षा के लिए मैं सरकार से प्रार्थना करती हूं। यहां मानसी गंगा, राधाकुंड, कुसुम सरोवर आदि का जल आचमन के योग्य नहीं रह गया है। पिछले दिनों राधाकुंड में जल के आचमन श्रद्धालु बीमार हो गए थे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मांग पर पहल करे। साथ ही गोवर्धन के विकास के लिए अगले 100 वर्षों को ध्यान में रखकर कार्य योजना बनाई जाए। पिछले 70 सालों में किसी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से गोवर्धन के सम्पूर्ण विकास के लिए न्यास बनाने की मांग की।
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सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि गिरिराज पर्वत और ब्रज रज भगवान श्रीकृष्ण के जीवनकाल से जुड़े हैं, जो वर्तमान में भी विद्यमान हैं। यहां गिरिराज पर्वत की सात कोसीय (21 किलोमीटर) की परिक्रमा करने के लिए विश्वभर से प्रतिवर्ष 5 से 10 करोड़ भक्त आते हैं।
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उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को ब्रजवासियों की सुरक्षा के लिए उठाया था। आज उसी गोवर्धन की सुरक्षा के लिए मैं सरकार से प्रार्थना करती हूं। यहां मानसी गंगा, राधाकुंड, कुसुम सरोवर आदि का जल आचमन के योग्य नहीं रह गया है। पिछले दिनों राधाकुंड में जल के आचमन श्रद्धालु बीमार हो गए थे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मांग पर पहल करे। साथ ही गोवर्धन के विकास के लिए अगले 100 वर्षों को ध्यान में रखकर कार्य योजना बनाई जाए। पिछले 70 सालों में किसी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से गोवर्धन के सम्पूर्ण विकास के लिए न्यास बनाने की मांग की।
एनजीटी कर रही गिरिराज जी के संरक्षण की निगरानी
गिरिराज पर्वत के विकास और संरक्षण से जुड़ी सभी परियोजनाओं की राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के स्तर से निगरानी हो रही है। मामले में एनजीटी ने 17 बिंदु तय किए हैं, जिनकी समीक्षा याची आनंद बाबा की जनहित याचिका के तहत हो रही है।
जिला स्तरीय अधिकारियों से लेकर शासन के आलाधिकारी मामले में एनजीटी में पेश हो चुके हैं। अब तक इसमें श्राइन बोर्ड का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। वहीं सांसद हेमा मालिनी द्वारा लोकसभा में यह मामला उठाए जाने पर इस मुद्दे को और बल मिलने की संभावना है।
जिला स्तरीय अधिकारियों से लेकर शासन के आलाधिकारी मामले में एनजीटी में पेश हो चुके हैं। अब तक इसमें श्राइन बोर्ड का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। वहीं सांसद हेमा मालिनी द्वारा लोकसभा में यह मामला उठाए जाने पर इस मुद्दे को और बल मिलने की संभावना है।