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UP: सावधान! कहीं आपके आटे में तो नहीं मिल रहा पत्थर का चूरा? दो मिनट में घर पर ऐसे करें पहचान

Fri, 07 Aug 2026 07:01 AM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Fri, 07 Aug 2026 07:01 AM IST
सार

खाने की थाली में परोसी गई आटे की रोटी आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। हाल ही में खाद्य विभाग की ओर से की गई छापेमारी में इसका खुलासा हुआ है।  30 आटा मिलों की जांच के दाैरान 35 से अधिक नमूने जांच के लिए भेजे गए है। 

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method of distinguish between genuine and adulterated flour and aata
सेहत के लिए हानिकारक मिलावटी आटा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वाले माफिया अब दाम बढ़ने की वजह से आटा में सेलम पाउडर मिलाकर उसे बाजार में खपा रहे हैं। चिकित्सक बताते हैं कि ज्यादा समय तक इसका उपयोग करने पर पेट के कई रोग हो सकते हैं। आगरा में भी अब तक करीब 30 आटा मिलों की जांच की गई, जिसमें टीमों ने 35 से अधिक नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं।
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खाद्य विभाग एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने शिकायत मिलने पर प्रदेशभर में आटा मिलों की जांच के निर्देश दिए हैं। बीते सप्ताह से चल रही कार्रवाई के बीच मंडल के जिले फिरोजाबाद में मंगलवार शाम सेलम पाउडर मिलाकर आटे की बिक्री का खेल पकड़ा गया। इस खेल ने आगरा में आटा मिलों की जांच कर रही टीमों की चिंता बढ़ा दी। बुधवार को बसई खुर्द इरादतनगर स्थित श्याम भोग एंटरप्राइजेज में श्याम भोग ब्रांड का 1496 किलो आटा सील किया गया। बृहस्पतिवार को भी रात तक कार्रवाई चलती रही। इस दौरान कई जगह आटा गंदगी के बीच बनते दिखे। रखरखाव भी बेहतर नहीं मिला।
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बता दें कि फिरोजाबाद के रजावली के गांव रामनगर स्थित शिवाय ट्रेडिंग कंपनी आटा मिल में 30 किलो सेलम बरामद हुई है। इसको आटे में मिलाकर राज रसोई प्रीमियम ब्रांड की पैकिंग की जा रही थी। टीम ने ब्रांड के 10-10 किलो के 42 पैकेट और सेलम सील की है। सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सेलम मिलाकर आटे की बिक्री की शिकायत पर मुख्यालय स्तर से जांच की जा रही है। आगरा में टीम ने करीब 30 आटा निर्माण इकाइयों में 35 से अधिक नमूने लिए हैं। जांच में फेल मिलने पर कानूनी कार्रवाई भी होगी।

 

चमक के लिए मिलाते हैं सेलम
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि संचालक सेलम के उपयोग की सही जानकारी नहीं दे रहे थे। ये कीड़ों से अनाज को बचाने तो कभी प्लास्टिक की बोरियों को चिकना करने (आटा बाहर निकलने से रोकने) के लिए इसके उपयोग की बात बताते हैं। मजदूरों से सख्ती से पूछने पर पता चला कि घटिया और खराब गेहूं पीसकर आटा बनाते हैं। इससे आटे में हल्का कालापन आ जाता है। उसे सफेद-चमकदार बनाने के लिए सेलम खड़िया का उपयोग करते हैं।

 
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ऐसे करें पहचान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि कटोरी में आटा लें और उसमें नींबू की कुछ बूंद डाल दें। बुलबुले उठने लगे तो मिलावट है। ऐसे ही गिलास में पानी भरें और आटा डालकर चम्मच से मिलाएं। तली में बैठ जाए तो मिलावटी है। तीसरा तरीका यह है कि हथेली पर आटा रखकर रगड़ें। शुद्ध आटा खुरदरा लगेगा, असामान्य चिकनाहट हो तो मिलावट है।

 

पथरी और आंतों में रुकावट का खतरा
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि लंबे समय तक सेलम शरीर में पहुंचने से पेट के विकार तेजी से बढ़ते हैं। पेट में दर्द, अपच और आंतों में रुकावट का खतरा होता है। शरीर में कैल्शियम या सिलिकेट के बारीक कण जमा होकर गुर्दे में पथरी की वजह बन सकते हैं। दांत की ऊपरी परत घिसने के साथ मसूढ़ों में जख्म भी बन सकते हैं।

यहां करें शिकायत
टोलफ्री नंबर 18001805533, कार्यालय 0562-2970049 (सुबह 10 से शाम 5 बजे तक)

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